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एक साल के बेटे के साथ सुरुचि ने शुरू की थी नौकरी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 12:36 AM IST
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special collunm of ghaziabad
डा. सुरुचि सि‌न्हा।
एक साल के बेटे के साथ सुरुचि ने शुरू की थी नौकरी
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गाजियाबाद। वर्किंग वुमेन की जिम्मेदारियां और उनका संघर्ष किस तरह का होता है यह सुरुचि सैनी की जिंदगी से समझा जा सकता है। घर परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वर्क प्लेस पर अपने आप को साबित करने का भी प्रेशर रहता है। सुरुचि सैनी एक सरकारी अस्पताल में माइक्रो बायोलॉजिस्ट के पद पर तैनात हैं। दो बच्चों के साथ-साथ अपनी नौकरी की जिम्मेदारियां निभाना और बच्चों की परवरिश से लेकर पढ़ाई-लिखाई पर ध्यान देना, यह सब सुरुचि बखूबी निभाती हैं।

गाजियाबाद में पंचवटी की रहने वाली सुरुचि सैनी ने वर्ष 2012 में नौकरी शुरू की थी। उस वक्त उनका बेटा एक वर्ष का था और बेटी छह वर्ष की थी। आगरा की रहने वाली सुरुचि की शादी बुलंदशहर निवासी डॉ. पवन सैनी के साथ हुई थी। शादी के बाद सुरुचि ने माइक्रोबायलॉजी में रिसर्च की और उसके बाद बायोमेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में पीएचडी की। वर्ष 2010 में पीएचडी पूरा होने के बाद वर्ष 2012 में उनकी नौकरी लगी। पति जो खुद मेडिकल ऑफिसर हैं, जिनकी पोस्टिंग बुलंदशहर में है। इसकी वजह से घर की पूरी जिम्मेदारी सुरुचि निभाती हैं। नौकरी की शुरूआत में सुरुचि ने बेटे को क्रेच में रखा। बेटी भी स्कूल से 2:00 बजे आने के बाद क्रेच में रहती थी। वह सुबह बच्चों का लंच तैयार करके, दिन भर का खाना उसके कपड़े आदि तैयार करके ऑफिस के लिए निकलती थीं। शाम को ऑफिस से निकलने के बाद वह बच्चों को लेकर घर जाती थीं। इस बीच में एक बार जब बीमारियों का कहर काफी रहा, तब उन्हें लैब में रात 7:30 बजे या उससे अधिक समय तक रुकना पड़ता था। उन्होंने छह साल तक बच्चों को क्रेच में रखा। सुरुचि ने बताया कि सुबह बच्चों का लंच बनाकर, स्कूल भेजने के बाद वह लैब जाती हैं और उसके बाद घर आकर खाना बनाना और उनको पढ़ाने का काम करती हैं। कई बार इमरजेंसी होने पर रात में भी लैब जाना पड़ता है। तब वह बच्चों को लेकर ही लैब आ जाती हैं। सुरुचि ने बताया कि परिवार और अधिकारियों का भी काफी सहयोग रहता है।
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