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Ghaziabad News: सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 1.38 लाख ठगे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2024 12:59 AM IST
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Software engineer arrested digitally and defrauded of Rs 1.38 lakh
इदिंरापुरम। साइबर ठगों ने शक्ति खंड में रहने वाली एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट करके 1.38 लाख रुपये ठग लिए। ठगी होने पर पीड़ित महिला ने इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इंदिरापुरम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके साइबर सेल की सहायता से जांच शुरू कर दी है।
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पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पास अश्विन राव नाम से फोन आया। वह अपने आप को फेड एक्स कंपनी से बता रहा था। अश्विन ने बताया कि उनके आधार नंबर का प्रयोग करके एक कोरियर मुंबई से ईरान भेजा गया है, जिसमें ड्रग्स है। अश्विन ने उन पर इस धोखाधड़ी की रिपोर्ट साइबर सेल में करने के लिए दबाव डाला। साइबर सेल में शिकायत पर सहमति के बाद महिला को टेलीग्राम के जरिये एक व्यक्ति से बात कराई, जिसने अपना नाम विक्रम और मुंबई क्राइम ब्रांच में होना बताया। महिला इंजीनियर का कहना है कि विक्रम नाम के व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड के जरिए 55 बैंक खातों से मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही है। मोहम्मद अली नाम के एक बदमाश ने उनके आधार कार्ड को कई बैंक खातों में इस्तेमाल किया है। यदि इसकी रिपोर्ट नहीं की जाती है तो बहुत नुकसान होगा। उन्हें इस बात के लिए भी धमकाया गया कि कॉल के दौरान यदि किसी और की कोई आवाज आई या कोई और वीडियो कॉल पर नजर आया तो कॉल कट जाएगी। इससे महिला बुरी तरह से डर गई और बताए गए निर्देशों का पालन करने लगीं। उन्हें आईसीआईसी बैंक से 97 हजार रुपये का ऑनलाइन लोन लेने के निर्देश दिए गए और फिर उस रकम को एक खाते में भेजने के लिए कहा गया। लोन किस एप्लीकेशन के जरिये और कैसे लेना है, इसके बारे में भी कॉल पर उन्हें निर्देश दिए जाते रहे। इसके अलावा उनके सेविंग बैंक खाते से भी 41700 रुपये एक खाते में ट्रांसफर करवाए गए। बताया गया था कि रकम कुछ ही देर में उनके खाते में वापस आ जाएगी, जब पैसा वापस नहीं आया तो पीड़िता ने इस बारे में पूछना शुरू किया, इसके बाद शातिरों ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। कॉल कटने के बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके तुरंत बाद उन्हें आईसीआईसीआई बैंक से भी एक नोटिफिकेशन मिला, जिसमें बताया गया कि उन्हें अस्थाई लोन दिया गया है, लेकिन उसे फ्रीज किया गया है। महिला के अनुसार कॉल के दौरान लगभग एक घंटे तक वह साइबर शातिरों के संपर्क में रहीं और किसी से भी संपर्क नहीं कर सकी। जबकि उनका भाई उनके पास में ही बैठा था, लेकिन वह उससे भी किसी तरह की बात नहीं कर सकी।
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