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सीता जी से मिले हनुमान, जलाई लंका

Mon, 10 Oct 2016 01:03 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Mon, 10 Oct 2016 01:03 AM IST
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Sita Hanuman Ji met, lit Lanka
रामलीला का मंचन - फोटो : अमर उजाला

रामलीला के तहत रविवार को शहर के  अलग-अलग मंच पर रामायण के अलग-अलग प्रसंग का मंचन हुआ। दो रामलीला में जहां लंका दहन किया गया तो अन्य दो रामलीलाओं में विभीषण शरणगति के प्रसंग का मंचन किया गया।

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सुल्लामल में लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध
श्री सुल्लामल रामलीला कमेटी के तहत घंटाघर रामलीला मैदान में रविवार की रात विभीषण शरणगति, अंगद रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति का मंचन किया गया। मंचन के तहत रावण अपने पुत्र मेघनाद को युद्ध के लिए भेजता है। मेघनाद का युद्ध लक्ष्मण के साथ होता है।
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लक्ष्मण को जब मेघनाद अपने किसी भी शस्त्र से परास्त नहीं कर पाता तो वह शक्तिबाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। लक्ष्मण के मूर्छित होने पर राम का विलाप देख दर्शकों की भी आंखों में आंसू आ जाते हैं। फिर संजीवनी बूटी पीने के बाद लक्ष्मण फिर मेघनाद के साथ युद्ध करते हैं।
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कविनगर में लंका दहन
श्री धार्मिक रामलीला समिति कविनगर मैदान में रविवार की रात सीता की खोज में हनुमान जी लंका पहुंचते हैं। यहां उनकी सीता से भेंट होती है और इसके बाद वह लंका में आग लगाते हैं। मंचन के दौरान मैदान में मंच से अलग बनाए गए लंका के पंडाल में हनुमान जी ने आग लगाई।

राजनगर में भी जली लंका
 श्री रामलीला समिति राजनगर में भी कलाकारों द्वारा सीता खोज और लंका दहन का मंचन किया गया। सीता की खोज में निकले हनुमान जी द्वारा लंका के बाग-बगीचों से फल तोड़ने और पेड़ उखाड़ने का मंचन बेहद मनोरंजक बन पड़ा था। कथा व्यास मथुरादास चतुर्वेदी द्वारा रामायण श्लोकों का भावार्थ दर्शकों को समझाया गया।

संजयनगर में रामेश्वरम स्थापना
श्री आदर्श धार्मिक रामलीला समिति संजयनगर में रविवार रात अंगद रावण संवाद, विभिषण शरणगति के साथ रामेश्वरम की स्थापना का मनमोहक मंचन किया गया।

घंटाघर रामलीला मैदान में खड़ा हुआ विशालकाय रावण
घंटाघर रामलीला मैदान में रविवार की शाम विशालकाय रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले को खड़ा कर दिया गया। पुतलों की चमकती आंखें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी थीं। मेला घूमने पहुंचे लोगों ने रावण के पुतले के साथ खूब सेल्फी खींची। यहां रावण का 75 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया है।


कुंभकरण का पुतला 70 और मेघनाद का पुतला 65 फीट का बनाया गया है। दूसरी ओर कविनगर रामलीला मैदान में पुतले तो बन चुके हैं लेकिन सोमवार को मैदान में खड़े किए जाएंगे। यहां रावण का पुतला 78 फीट, कुंभकरण का 70 और मेघनाद का 65 फीट का पुतला बनाया गया है।

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