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Ghaziabad News: औद्योगिक गलियारे की जमीन खरीदने के लिए मिले 112 करोड़
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गंगा एक्सप्रेसवे पर औद्योगिक गलियारे का क्षेत्र।
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। गढ़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा बना जा रहा है। इसके लिए 900 किसानों की 118.़65 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जारी है। जमीन की खरीद के लिए शासन से 112 करोड़ रुपये मिले हैं। इस धनराशि से किसानों से जमीन लेकर बैनामें कराए जाएंगे। इस औद्योगिक गलियारे में करीब 125 फैक्टरियां स्थापित कराई जाएंगी।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। गांव बाहपुर ढेहरा, चचावली व बहना सदरपुर की जमीन में औद्योगिक गलियारा बसाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में गंगा एक्सप्रेस-वे शामिल है। एक्सप्रेस-वे के किनारे बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण औद्योगिक गलियारा बसाया जा रहा है। जिससे कि कच्चा और बने हुए माल को लाने-ले जाने में कोई परेशानी न हो। औद्योगिक गलियारे के लिए करीब दो साल पहले बहादुरगढ़ क्षेत्र में भूमि चिन्हित हुई थी। शुरूआत में गलियारे के लिए शासन से 25 करोड़ रुपये जारी हुए थे। तभी से ही किसानों से बैनामे कराए जा रहे हैं। इस धनराशि से किसानों ने 53 बैनामें कराए थे, जिसकी एवज में किसानों को मुआवजा दिया गया था। इसके बाद तीसरी किस्त में करीब 100 करोड़ रुपये जारी हुए थे और अब चौथी बार में 112 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। अब तक जिले में 118.़65 हेक्टेयर जमीन में से 39.84 हेक्टेयर भूमि का ही अधिग्रहण हो सका है। करीब 250 करोड़ रुपये से अधिग्रहण का पूरा कार्य होना है। अब तक किसानों को 64.15 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। कुल 207 बैनामे भी हो चुके हैं। हालांकि, कई जगह विवाद है। किसान बैनामे भी नहीं कर रहे हैं। बैनामों की धीमी गति पर शासन नाराजगी भी जता चुका है।
जिले से निकल रहा गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य भी रफ्तार पकड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मई माह से गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन भी शुरू हो सकता है। ओवरब्रिज और अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। सिंभावली में कुछ हिस्से पर किसानों का विवाद बताया जा रहा है।
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एडीएम संदीप सिंह ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की भूमि के लिए बैनामा चल रहा है। बजट के साथ ही बैनामा में तेजी आएगी। कोशिश है कि गलियारे के लिए जल्द से जल्द सभी किसानों से बैनामा करा लिए जाए।
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हापुड़। गढ़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारा बना जा रहा है। इसके लिए 900 किसानों की 118.़65 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण जारी है। जमीन की खरीद के लिए शासन से 112 करोड़ रुपये मिले हैं। इस धनराशि से किसानों से जमीन लेकर बैनामें कराए जाएंगे। इस औद्योगिक गलियारे में करीब 125 फैक्टरियां स्थापित कराई जाएंगी।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। गांव बाहपुर ढेहरा, चचावली व बहना सदरपुर की जमीन में औद्योगिक गलियारा बसाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में गंगा एक्सप्रेस-वे शामिल है। एक्सप्रेस-वे के किनारे बेहतर कनेक्टिविटी होने के कारण औद्योगिक गलियारा बसाया जा रहा है। जिससे कि कच्चा और बने हुए माल को लाने-ले जाने में कोई परेशानी न हो। औद्योगिक गलियारे के लिए करीब दो साल पहले बहादुरगढ़ क्षेत्र में भूमि चिन्हित हुई थी। शुरूआत में गलियारे के लिए शासन से 25 करोड़ रुपये जारी हुए थे। तभी से ही किसानों से बैनामे कराए जा रहे हैं। इस धनराशि से किसानों ने 53 बैनामें कराए थे, जिसकी एवज में किसानों को मुआवजा दिया गया था। इसके बाद तीसरी किस्त में करीब 100 करोड़ रुपये जारी हुए थे और अब चौथी बार में 112 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। अब तक जिले में 118.़65 हेक्टेयर जमीन में से 39.84 हेक्टेयर भूमि का ही अधिग्रहण हो सका है। करीब 250 करोड़ रुपये से अधिग्रहण का पूरा कार्य होना है। अब तक किसानों को 64.15 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। कुल 207 बैनामे भी हो चुके हैं। हालांकि, कई जगह विवाद है। किसान बैनामे भी नहीं कर रहे हैं। बैनामों की धीमी गति पर शासन नाराजगी भी जता चुका है।
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जिले से निकल रहा गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य भी रफ्तार पकड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मई माह से गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहनों का संचालन भी शुरू हो सकता है। ओवरब्रिज और अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं। सिंभावली में कुछ हिस्से पर किसानों का विवाद बताया जा रहा है।
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एडीएम संदीप सिंह ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की भूमि के लिए बैनामा चल रहा है। बजट के साथ ही बैनामा में तेजी आएगी। कोशिश है कि गलियारे के लिए जल्द से जल्द सभी किसानों से बैनामा करा लिए जाए।