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Ghaziabad News: खिंदौड़ा दोहरे हत्याकांड में 50 हजार का इनामी गिरफ्तार
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मोदीनगर। निवाड़ी के खिंदौड़ा और रसूलपुर धौलड़ी गांव के बीच 21 जून की रात की गई पप्पू और शाहनवाज की हत्या के मामले में फरार चल रहे 50 हजार के इनामी आफिस को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार लिया। पुलिस का दावा है कि आसिफ ने पप्पू और उसके पुत्रों की मुखबिरी की थी। घटना में छह आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
मेरठ के जानी स्थित रसूलपुर धौलड़ी निवासी पप्पू के भाई बिलाल ने एफआईआर में खिंदौड़ा गांव के सात लोगों को नामजद कराया था। पांच आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो आरोपी दीपक पुत्र कांति व आसिफ पुलिस की पकड़ से दूर से चल रहे थे। पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। दीपक को पुलिस ने तीन पहले ही गिरफ्तार किया है। हत्याकांड में नामजद सभी आरोपी अब गिरफ्तारी हो चुके हैं।
कार्यवाहक एसीपी सलोनी अग्रवाल ने बताया कि आफिस की निवाड़ी क्षेत्र में सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। घेराबंदी कर आसिफ को असदपुर नांगल गांव के पास से पकड़ लिया गया। हत्याकांड के बाद वह ठिकाने बदलकर छिपा हुआ था। इस बीच उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया।
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आसिफ ने पूछताछ में बताया कि 21 जून को आम के बाग में पानी को लेकर सुधीर त्यागी और पप्पू के बीच झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को जान से मारने की धमकी देते हुए कल का सूरज नहीं देखने की धमकी दी थी। आसिफ ने बताया कि झगड़े के बाद सुधीर त्यागी पक्ष के साथ मिलकर उन्होंने 21 जून की शाम को ही हत्या की तैयारी कर सभी के काम बांट दिए थे। दीपक पुत्र कांति ने पिस्टल मुहैया कराने की व दीपक पुत्र सुधीर और मोहित उर्फ बादशाह ने गोली मारने की व उसने मुखबिरी करने की जिम्मेदारी ली।
आसिफ शाम से ही पप्पू की रेकी करने लगा। रात को पप्पू बाइक से अपने पुत्र शाहनवाज और चांद के साथ जैसे ही बाग से निकलकर रजवाहा पटरी पर पहुंचा तभी उन पर हमला कर दिया। हमले में पप्पू और शाहनवाज की मौत हो गई थी जबकि चांद ने चार गोलियां लगने के बावजूद किसी तरह वहां से भाग कर जान बचाई थी। चांद का अभी भी उपचार चल रहा है। बता दें कि इस मामले में बिलाल ने खिंदौड़ा गांव निवासी सुधीर त्यागी उसके दो पुत्रों दीपक व बिट्टू के अलावा मोहित उर्फ बादशाह, लवली, दीपक पुत्र कांति और आसिफ के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने हत्याकांड के अगले ही दिन सुधीर, दीपक और बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने दीपक पुत्र सुधीर व दीपक पुत्र कांति की निशानदेही पर दोनों पिस्टल बरामद कर ली थीं।
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मेरठ के जानी स्थित रसूलपुर धौलड़ी निवासी पप्पू के भाई बिलाल ने एफआईआर में खिंदौड़ा गांव के सात लोगों को नामजद कराया था। पांच आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो आरोपी दीपक पुत्र कांति व आसिफ पुलिस की पकड़ से दूर से चल रहे थे। पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। दीपक को पुलिस ने तीन पहले ही गिरफ्तार किया है। हत्याकांड में नामजद सभी आरोपी अब गिरफ्तारी हो चुके हैं।
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कार्यवाहक एसीपी सलोनी अग्रवाल ने बताया कि आफिस की निवाड़ी क्षेत्र में सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। घेराबंदी कर आसिफ को असदपुर नांगल गांव के पास से पकड़ लिया गया। हत्याकांड के बाद वह ठिकाने बदलकर छिपा हुआ था। इस बीच उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया।
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आसिफ ने पूछताछ में बताया कि 21 जून को आम के बाग में पानी को लेकर सुधीर त्यागी और पप्पू के बीच झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को जान से मारने की धमकी देते हुए कल का सूरज नहीं देखने की धमकी दी थी। आसिफ ने बताया कि झगड़े के बाद सुधीर त्यागी पक्ष के साथ मिलकर उन्होंने 21 जून की शाम को ही हत्या की तैयारी कर सभी के काम बांट दिए थे। दीपक पुत्र कांति ने पिस्टल मुहैया कराने की व दीपक पुत्र सुधीर और मोहित उर्फ बादशाह ने गोली मारने की व उसने मुखबिरी करने की जिम्मेदारी ली।
आसिफ शाम से ही पप्पू की रेकी करने लगा। रात को पप्पू बाइक से अपने पुत्र शाहनवाज और चांद के साथ जैसे ही बाग से निकलकर रजवाहा पटरी पर पहुंचा तभी उन पर हमला कर दिया। हमले में पप्पू और शाहनवाज की मौत हो गई थी जबकि चांद ने चार गोलियां लगने के बावजूद किसी तरह वहां से भाग कर जान बचाई थी। चांद का अभी भी उपचार चल रहा है। बता दें कि इस मामले में बिलाल ने खिंदौड़ा गांव निवासी सुधीर त्यागी उसके दो पुत्रों दीपक व बिट्टू के अलावा मोहित उर्फ बादशाह, लवली, दीपक पुत्र कांति और आसिफ के खिलाफ हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने हत्याकांड के अगले ही दिन सुधीर, दीपक और बिट्टू को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने दीपक पुत्र सुधीर व दीपक पुत्र कांति की निशानदेही पर दोनों पिस्टल बरामद कर ली थीं।