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Ghaziabad: गाजियाबाद में रिटायर्ड नायब सूबेदार गिरफ्तार, फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने का मामला
Wed, 10 Apr 2024 06:42 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2024 06:42 PM IST
सार
गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच की टीम ने सेना के सेवानिवृत्त नायब सूबेदार को फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के जुर्म में गिरफ्तार किया है। वह 80 हजार में पिस्टल और 90 हजार रुपये में रायफल का फर्जी लाइसेंस बनाकर देता था।
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फर्जी शस्त्र लाइसेंस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को सेना के सेवानिवृत्त नायब सूबेदार प्रवेंद्र कुमार तेवतिया (52) को फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के जुर्म में गिरफ्तार किया है। उसके पास से चार पिस्टल, एक रिवाल्वर, दो रायफल, एक बंदूक, एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस, सेना का फर्जी पहचान पत्र और छह रबर स्टांप बरामद किए गए हैं।
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एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि उसने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ और कुपवाड़ा के डीएम दफ्तर के कर्मचारियों को रिश्वत लेकर शस्त्र लाइसेंस की किताब हासिल कर ली थीं। डीएम की फर्जी मुहर लगाकर और फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी लाइसेंस बना देता था। वह 80 हजार में पिस्टल और 90 हजार रुपये में रायफल का फर्जी लाइसेंस बनाकर देता था। फर्जी लाइसेंस बनाकर अब तक 40 लोगों को बेच चुका था। पांच हजार रुपये लेकर वह लाइसेंस के नवीनीकरण की फर्जी रिपोर्ट बनाकर दे देता था।
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प्रवेंद्र बुलंदशहर के गांव गन्नौरा शेख का रहने वाला है। हाल में वह गौतमबुद्धनगर के बिसरख के गांव चिपियाना में रह रहा था। 2018 में वह सेवानिवृत्त हो गया था। पूछताछ में उसने बताया कि 2012-13 में हिमाचल प्रदेश में तैनात था। वहां उसकी मुलाकात अमित मुतरेजा और कृष्ण से हुई। दोनों लाइसेंस बनवाने का काम करते थे। उन्होंने 15 हजार रुपये लेकर उसका लाइसेंस बनवा दिया। इसके बाद बताया कि वह जम्मू-कश्मीर से किसी का भी लाइसेंस बनवा सकते हैं। अगर वह और लोगों के लाइसेंस बनवाएगा तो उसे कमीशन भी देंगे। वह लालच में आकर लोगों से संपर्क करने लगा। बाद में उसने उनसे सब सीखकर खुद ही फर्जी लाइसेंस बनाना शुरू कर दिया। इसका पता चलने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
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सेना की वर्दी पहनकरजाता था शस्त्र दिलाने
प्रवेंद्र जिन लोगों के फर्जी लाइसेंस बनवाता था, उन्हें शस्त्र खरीदवाने के लिए उनके साथ जाता था। दुकानदार उस पर शक या किसी तरह की आनाकानी न करे, इसलिए सेना की अपनी वर्दी पहनकर जाता था। लाइसेंस नवीनीकरण के लिए वह शस्त्र मंगवाता था। कुछ दिन अपने पास रखता था। इसके बाद नवीनीकरण की फर्जी रिपोर्ट सहित शस्त्र लौटा देता था। उसके पास से बरामद हथियार भी उसने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए ही लोगों से ले रखे थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस को भेजी जाएगी रिपोर्ट
इस मामले में किश्तवाड़ और कुपवाड़ा के डीएम दफ्तर के कर्मचारियों की साठगांठ सामने आई है। एडीसीपी का कहना है कि इसे देखते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर जम्मू-कश्मीर पुलिस को भेजी जाएगी। प्रवेंद्र ने बताया कि अमित धोखाधड़ी के मामले में फिरोजाबाद जेल में बंद है। उसके जेल जाने से पहले उससे उसका रुपयों के लेन-देन पर विवाद हो गया था। उसने गौतमबुद्धनगर में केस दर्ज कराया था। प्रवेंद्र का कहना है कि उस केस में वह जेल गया। जेल से आकर फिर से फर्जी लाइसेंस बनाने का काम शुरू किया ही था कि पकड़ लिया गया।