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Ghaziabad News: नाले से निकली मीथेन गैस से जला रहे घर का चूल्हा, चर्चा में आए सेवानिवृत इंजीनियर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 12 May 2026 01:58 AM IST
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Retired Engineer Gains Attention for Fueling Home Stove with Methane Gas Extracted from a Drain
साहिबाबाद। गैस की किल्लत के बीच बृजविहार इलाके में गंदे नाले से निकलने वाली मीथेन गैस से चूल्हा जलाकर सेवानिवृत्त इंजीनियर हेमंत भारद्वाज इन दिनों चर्चा में आ गए हैं। वह पिछले कई माह से मिथेन से गैस चूल्हा जलाकर अपने काम काज कर रहे हैं। इसके अलावा वह प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से भी नाले की मीथेन गैस का इसी तरह बड़े स्तर पर प्रयोग करने की गुहार लगा चुके हैं। इससे न सिर्फ नाले से निकलने वाली मीथेन गैस का उपयोग हो सकेगा। बल्कि गैस की किल्लत को दूर करने में भी कुछ सहयोग मिल सकेगा।
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दरअसल, सेवानिवृत्त इंजीनियर हेमंत भारद्वाज का घर नाले के पास ही है। नाले से निकलने वाली मीथेन गैस की वजह से 24 घंटे बदबू से न सिर्फ वह बल्कि आसपास के लोग भी परेशान हैं। काफी दिन तक उन्होंने जिला प्रशासन और नगर निगम से शिकायत करके नाले की सफाई के प्रयास किए। लेकिन अधिकारियों की ओर से नाले साफ करने का कोरम पूरा किया जाता और असल समस्या जस की तस रही। इसी से उनको पीड़ा हुई और वह काफी सोच विचार में नाले पर खड़े थे। उसी दौरान उन्होंने देखा कि नाले से बुलबुला निकल रहे हैं। विज्ञान के छात्र होने के कारण उन्होंने इसका पानी लेकर प्रयोग शुरू किया। इसमें उनके बच्चों ने भी सहयोग किया। चूंकि वह भी विज्ञान के छात्र रहे हैं। करीब 10 साल में 9 लाख रुपये खर्च करके उन्होंने मीथेन गैस से चूल्हा जला दिया। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी फिर से नगर निगम और प्रशासन को दी, लेकिन उन्होंने कोई सुध नहीं ली। इधर, गैस किल्लत हुई तो उन्होंने लोगों और प्रशासन को जागरूक करने के लिए नाले पर ही गैस चूल्हा जलाकर दिखाया। हेमंत बताते है कि नाले से निकलने वाली मीथेन गैस से अब वह खाना पकाने का काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं मिथेन गैस के इस प्रयोग से जहां बदबू कम हुई है वहीं, खर्च कम भी हो गया है। उनका कहना है कि प्रशासन, नगर निगम और प्रदेश सरकार इस पर काम करें तो कई लाभ हो सकते हैं। निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में वैज्ञानिक तरीके से गैस संग्रहण और पाइपलाइन व्यवस्था विकसित करके हर घर तक मीथेन गैस का कनेक्शन पहुंचाया जाए।
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मीथेन गैस से दो साल में नया एयरकंडीश्नर हो जाता है खराब
सेवानिवृत्त इंजीनियर हेमंत भारद्वाज बताते हैं कि नाले से निकलने वाली मीथेन गैस से घरों में लगे एसी काफी तेजी से खराब होते हैं। अगर किसी ने नया एयरकंडीश्नर लगाया है तो वह दो साल में ही खराब हो जाता है।
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रामकृष्ण इंस्टीट्यूट प्रवक्ता रसायन विज्ञान डॉली शर्मा का कहना है कि मीथेन गैस से चूल्हा जलाना और खाना बनाना बिल्कुल सामान्य और सुरक्षित है। मीथेन गैस को चूल्हे तक सुरक्षित पाइपलाइन से पहुंचाकर घरेलू उपयोग के लिए तैयार किया जा सकता है।
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