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आठ दिन का अभिज्ञान बना पैन कार्ड धारक
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 29 Aug 2016 12:55 AM IST
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महज 8 दिन की उम्र में पैन कार्ड होल्ड
- फोटो : अमर उजाला
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महज दो दिन की उम्र में सबसे छोटा आधार कार्ड धारक बना अभिज्ञान सिंह अब महज 8 दिन की उम्र में पैन कार्ड होल्डर भी बन गया। गाजियाबाद में यह अब तक सबसे कम उम्र का पैन कार्ड धारक है। बेटे का नाम सबसे कम उम्र के आधार कार्ड और पैन कार्ड धारकों में शुमार होने पर अभिज्ञान के माता-पिता गदगद हैं।
नोएडा की एक रीयल एस्टेट कंपनी में बतौर सीनियर मैनेजर काम करने वाले वीरपाल सिंह एनएच-24 स्थित गाजियाबाद की महागुन पुरम सोसायटी में रहते हैं। 8 अगस्त की रात 11:48 बजे उनके घर बेटा पैदा हुआ।
वीरपाल सिंह ने जनसुविधा केंद्र संचालित करने वाले मित्र प्रदीप चौहान को अस्पताल में ही बुलाकर उसी रात बेटे का आधार कार्ड और पैन कार्ड एप्लाई करा दिया और महज दो दिन की उम्र में उनका बेटा अभिज्ञान सबसे कम उम्र का आधार कार्ड धारक बन गया।
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जबकि 16 अगस्त को अभिज्ञान को पैन कार्ड नंबर जारी कर दिया गया। महज आठ दिन की उम्र में वह पैन कार्ड धारक बन गया। चार दिन बाद यह पैन कार्ड डाक से उनके घर पर पहुंच गया। अभिज्ञान के पिता वीरपाल सिंह दावा है कि वह गाजियाबाद ही नहीं पूरे एनसीआर में सबसे कम उम्र का पैन कार्ड धारक है।
उधर, जनसुविधा केंद्र के संचालक प्रदीप चौहान ने अभिज्ञान के दो दिन की उम्र में आधार कार्ड धारक बनने की खबर ट्वीट की तो केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उस पर बधाई दी। महज आठ दिन की उम्र में बेटे के नाम दो-दो उपलब्धियां लिखी जाने से अभिज्ञान के माता-पिता बेहद खुश है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले नवंबर 2011 में पैदा हुई उनकी बेटी आकृति सिंह ने भी महज 9 महीने की उम्र में पैनकार्ड हासिल कर लिया था। इसके बाद उन्होंने पहले ही सोच लिया था कि अब दूसरे बच्चे के पैदा होते ही वह आधार और पैन कार्ड एप्लाई करा देंगे।
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नोएडा की एक रीयल एस्टेट कंपनी में बतौर सीनियर मैनेजर काम करने वाले वीरपाल सिंह एनएच-24 स्थित गाजियाबाद की महागुन पुरम सोसायटी में रहते हैं। 8 अगस्त की रात 11:48 बजे उनके घर बेटा पैदा हुआ।
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वीरपाल सिंह ने जनसुविधा केंद्र संचालित करने वाले मित्र प्रदीप चौहान को अस्पताल में ही बुलाकर उसी रात बेटे का आधार कार्ड और पैन कार्ड एप्लाई करा दिया और महज दो दिन की उम्र में उनका बेटा अभिज्ञान सबसे कम उम्र का आधार कार्ड धारक बन गया।
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जबकि 16 अगस्त को अभिज्ञान को पैन कार्ड नंबर जारी कर दिया गया। महज आठ दिन की उम्र में वह पैन कार्ड धारक बन गया। चार दिन बाद यह पैन कार्ड डाक से उनके घर पर पहुंच गया। अभिज्ञान के पिता वीरपाल सिंह दावा है कि वह गाजियाबाद ही नहीं पूरे एनसीआर में सबसे कम उम्र का पैन कार्ड धारक है।
उधर, जनसुविधा केंद्र के संचालक प्रदीप चौहान ने अभिज्ञान के दो दिन की उम्र में आधार कार्ड धारक बनने की खबर ट्वीट की तो केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उस पर बधाई दी। महज आठ दिन की उम्र में बेटे के नाम दो-दो उपलब्धियां लिखी जाने से अभिज्ञान के माता-पिता बेहद खुश है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले नवंबर 2011 में पैदा हुई उनकी बेटी आकृति सिंह ने भी महज 9 महीने की उम्र में पैनकार्ड हासिल कर लिया था। इसके बाद उन्होंने पहले ही सोच लिया था कि अब दूसरे बच्चे के पैदा होते ही वह आधार और पैन कार्ड एप्लाई करा देंगे।