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आरडीसी में मिठाई की दो दुकानों पर चला बुलडोजर
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Wed, 21 Sep 2016 12:47 AM IST
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अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
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जीडीए की प्रवर्तन टीम ने मंगलवार को आरडीसी स्थित मिठाई की दो दुकानों के बाहरी हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई का लोगों ने विरोध किया और जीडीए के दो कर्मियों के साथ हाथापाई व अभद्रता की। अतिक्रमण हटाने के दौरान जीडीए व आरडीसी की पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया।
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दिन में करीब 11 बजे प्रवर्तन टीम आरडीसी के सी ब्लॉक स्थित नवल मिष्ठान भंडार और उससे सटी बनवारीलाल मिष्ठान भंडार पर पहुंची। इन दोनों दुकानों के बाहर पार्क की जमीन है। इस जमीन पर करीब 15 फुट तक फैले दुकान के हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान वहां खड़ी एक कार व एक बाइक दुकान की शेड गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई।
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इस पर वाहन स्वामी भी कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों में शामिल हो गए। इस दौरान लोगों ने जीडीए के दो कर्मियों के साथ अभद्रता की। एक जेई को कुछ देर के लिए बंधक बना लिया गया।हालांकि प्रवर्तन टीम में शामिल सहायक अभियंता जेपी सिकरवार का कहना है कि उनके कर्मियों के साथ लोगों ने हाथापाई या अभद्रता नहीं की।
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उन्होंने बताया कि लोगों ने कुछ देर तक जेई सुधीर की गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया था। उन्होंने बताया कि इन दोनों दुकानदारों ने जीडीए की पार्क की जमीन पर अतिक्रमण कर रखा था जिन्हें हटाने के लिए जीडीए ने 26 फरवरी 15 से अब तक कई बार नोटिस भेजा था।
उन्होंने बताया कि प्रवर्तन टीम आरडीसी में गौड़ मॉल के पास जीडीए की पार्किंग में बिना अनुमति खड़े वाहनों को हटाने भी गई थी। वहां वकीलों ने इस पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने को लेकर एक ज्ञापन टीम को दिया जिसके बाद टीम बिना कार्रवाई के वहां से लौट आई।
दुकानदार बोले - नहीं मिला नोटिस
दोनों मिठाई दुकानों के मालिक राधेश्याम और सुमित गुप्ता ने बताया कि उन्हें अतिक्रमण हटाने का कोई नोटिस जीडीए से नहीं मिला था। राधेश्याम ने बताया कि इस तोड़फोड़ के दौरान उन्हें एक लाख का नुकसान हो गया जबकि सुमित ने 20 हजार का नुकसान बताया। इस दौरान राधेश्याम की दुकान का एक कर्मचारी भी घायल हो गया।