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गाजियाबाद में रेड लाइन पर दौड़ेगी रैपिड ट्रेन
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रैपिड रेल के काम की रफ्तार देखने पहुंचे डीएम
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण पर नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) द्वारा तेजी से काम किया जा रहा है। वर्ष 2023 में साहिबाबाद से दुहाई बीच देश की पहली रैपिड रेल चलेगी। प्रशासन ने भी रूट निर्माण से जुड़ी सभी परेशानियों को तेजी से दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को डीएम अजय शंकर पांडेय ने मेरठ रोड स्थित आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के कार्यालय का दौरा किया। जहां पर मुख्य परियोजना प्रबंधक आरके हस्तू ने प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में जानकारी दी।
मुख्य परियोजना प्रबंधक ने जानकारी दी कि पहले चरण में 17.52 किलोमीटर (साहिबाबाद- दुहाई) की दूरी में रैपिड रेल संचालित होनी है। इसमें 16.10 किमी रूट का फाउंडेशन तैयार हो चुका है। इसमें से 3.28 किलोमीटर ट्रैक का बेस तैयार हो चुका है। इसी चरण में साहिबाबाद में स्टेशन निर्माण होना है, जिसके प्रवेश और निकासी के लिए अभी तक जमीन नहीं मिली है। इसके साथ ही अर्थला के पास सिंचाई विभाग की भूमि के अधिग्रहण में भी कुछ परेशानी आ रही है। इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि जल्द ही सभी विभागों के साथ बैठक की जाए, जिसमें जमीन पर कब्जा लेने से लेकर अन्य तकनीकी दिक्कतों पर बिंदुवार चर्चा कर निस्तारण किया जा सके। आरके हस्तू ने प्रोजेक्ट के अन्य हिस्सों को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दुहाई से मेरठ शताब्दीनगर के बीच चरण में भी तेजी से काम चल रहा है। दुहाई क्षेत्र में रैपिड रेल डिपो बनाने के लिए 53 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता थी, जिसमें से 46 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा ले लिया गया है। कॉरिडोर निर्माण में पर्यावरण नियमों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए 300 बोरवेल कर बारिश के पानी को संरक्षित किया जाएगा।
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रैपिड रेल कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। प्रशासन के साथ मिलकर सभी विभाग पूरा सहयोग कर रहे हैं। कुछ जगहों पर थोड़ी बहुत दिक्कतें हैं, जिन्हें दूर करने के लिए जल्द ही सभी विभागों के साथ बैठक बुलाई जाएगी। - अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी
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गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के निर्माण पर नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) द्वारा तेजी से काम किया जा रहा है। वर्ष 2023 में साहिबाबाद से दुहाई बीच देश की पहली रैपिड रेल चलेगी। प्रशासन ने भी रूट निर्माण से जुड़ी सभी परेशानियों को तेजी से दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को डीएम अजय शंकर पांडेय ने मेरठ रोड स्थित आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के कार्यालय का दौरा किया। जहां पर मुख्य परियोजना प्रबंधक आरके हस्तू ने प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में जानकारी दी।
मुख्य परियोजना प्रबंधक ने जानकारी दी कि पहले चरण में 17.52 किलोमीटर (साहिबाबाद- दुहाई) की दूरी में रैपिड रेल संचालित होनी है। इसमें 16.10 किमी रूट का फाउंडेशन तैयार हो चुका है। इसमें से 3.28 किलोमीटर ट्रैक का बेस तैयार हो चुका है। इसी चरण में साहिबाबाद में स्टेशन निर्माण होना है, जिसके प्रवेश और निकासी के लिए अभी तक जमीन नहीं मिली है। इसके साथ ही अर्थला के पास सिंचाई विभाग की भूमि के अधिग्रहण में भी कुछ परेशानी आ रही है। इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि जल्द ही सभी विभागों के साथ बैठक की जाए, जिसमें जमीन पर कब्जा लेने से लेकर अन्य तकनीकी दिक्कतों पर बिंदुवार चर्चा कर निस्तारण किया जा सके। आरके हस्तू ने प्रोजेक्ट के अन्य हिस्सों को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दुहाई से मेरठ शताब्दीनगर के बीच चरण में भी तेजी से काम चल रहा है। दुहाई क्षेत्र में रैपिड रेल डिपो बनाने के लिए 53 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता थी, जिसमें से 46 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा ले लिया गया है। कॉरिडोर निर्माण में पर्यावरण नियमों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए 300 बोरवेल कर बारिश के पानी को संरक्षित किया जाएगा।
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रैपिड रेल कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। प्रशासन के साथ मिलकर सभी विभाग पूरा सहयोग कर रहे हैं। कुछ जगहों पर थोड़ी बहुत दिक्कतें हैं, जिन्हें दूर करने के लिए जल्द ही सभी विभागों के साथ बैठक बुलाई जाएगी। - अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी
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