{"_id":"6a9c7244270d6f89bd0094a9","slug":"rain-increases-dengue-risk-larvae-found-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-970564-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: बारिश ने बढ़ाया डेंगू का खतरा, दो हजार जगहों पर मिल चुका लार्वा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: बारिश ने बढ़ाया डेंगू का खतरा, दो हजार जगहों पर मिल चुका लार्वा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद। बारिश के चलते जगह-जगह जमा पानी से डेंगू के मच्छरों के प्रजनन का खतरा बढ़ गया है। जिले में अब तक डेंगू के 10 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पिछले दो महीने में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान करीब दो हजार स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है। लगातार बारिश के बीच आने वाले दिनों में मच्छरों के प्रजनन की स्थिति और अनुकूल होने की आशंका है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ लार्वा नष्ट करने का अभियान तेज कर दिया है।
जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। साफ पानी में भी डेंगू का मच्छर पनप सकता है। विभाग की टीमें लगातार घरों और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचकर लार्वा की जांच कर रही हैं। जहां लार्वा मिलता है, उसे मौके पर ही नष्ट कराया जा रहा है। जरूरत के अनुसार एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। लोगों को कूलर, गमले, छतों और खाली पड़े बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि जिले में 86 संवेदनशील क्षेत्रों को पहले से ही स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा गया है। जहां डेंगू का मरीज मिलता है, उसे केस आधारित सक्रियता के तहत चिन्हित कर आसपास के घरों में लार्वा की जांच और निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि बारिश के बाद कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। साफ पानी में भी डेंगू का मच्छर पनप सकता है। विभाग की टीमें लगातार घरों और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचकर लार्वा की जांच कर रही हैं। जहां लार्वा मिलता है, उसे मौके पर ही नष्ट कराया जा रहा है। जरूरत के अनुसार एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। लोगों को कूलर, गमले, छतों और खाली पड़े बर्तनों में पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि जिले में 86 संवेदनशील क्षेत्रों को पहले से ही स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा गया है। जहां डेंगू का मरीज मिलता है, उसे केस आधारित सक्रियता के तहत चिन्हित कर आसपास के घरों में लार्वा की जांच और निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन