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Ghaziabad News: युवक की मौत के बाद सील की झोलाछाप की क्लीनिक
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गाजियाबाद। मंगलवार को विजय नगर में 32 वर्षीय युवक की मौत के दूसरे दिन बुधवार को झोलाछाप की दुकान (क्लीनिक) स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सील कर दी। मौके पर दुकान बंद थी, लेकिन कोई भी स्टाफ नहीं मिला। चार महीने से जिले में किसी भी झोलाछाप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि एक साल में 105 झोलाछाप को नोटिस जारी की गई। इनमें से सिर्फ 11 के खिलाफ अलग-अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
सीएमओ ने जिले में झोलाछाप की निगरानी के लिए उपमुख्य चिकित्साधिकारी स्तर के दो डॉक्टर पंकज राकेश और दवी लाल को नोडल नामित किया है। डॉ. पंकज राकेश की नियुक्ति करहेड़ा हेल्थ पोस्ट पर है, वहां की दूसरी डॉ. मधूलिका सिंह के पति डॉ. विश्राम सिंह बरेली के सीएमओ हैं। इससे वह अधिकांश समय बरेली में ही रहती हैं। डॉ. दवीलाल की नियुक्ति मुरादनगर में सीएचसी पर होने के साथ ही उन्हें यूपी भवन में भी तैनात किया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कार्यालय में मलेरिया विभाग के संबद्ध चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और अन्य विभागों के संबद्ध कंप्यूटर ऑपरेटर सरकारी गाड़ी लेकर नोटिस बांटने जाते हैं और तीन दिन में कार्यालय में उपस्थित होने का समय देकर वापस आ जाते हैं। इसके बाद अधिकांश झोलाछाप को शाम चार बजे बुलाकर सुविधा शुल्क लेने के बाद एक शपथपत्र ले लिया जाता है कि क्लीनिक यानि दुकान बंद कर दिया है। कुछ समय के बाद वह दोबारा क्लीनिक खोलकर इलाज के नाम पर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ शुरू कर देते हैं। यही नहीं जिले में झोलाछाप की दुकान चलाने के लिए दो अलग-अलग क्षेत्र के अध्यक्ष उन्हें संरक्षण देते हैं, शर्त रहती है कि उनकी संस्था से जुड़े रहें और वार्षिक सदस्यता शुल्क देते रहें। इसके बदले में दोनों अध्यक्ष हर महीने सीएमओ कार्यालय में हाजिरी लगाते रहते हैं।
नोडल अधिकारी डॉ. पंकज राकेश ने बताया कि बीते वर्ष में 106 झोलाछाप के खिलाफ नोटिस जारी किया गया, उनमें अधिकांश क्लीनिक बंद कर चुके हैं। इसके अलावा 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि क्लीनिक सील कर दिया है।
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सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि मौके की जांच के लिए नोडल डॉ. पंकज राकेश को भेजा गया गया था। वहां पर क्लीनिक बंद मिली थी, इसके बाद देर शाम सील करने के बाद नोटिस चस्पा कर तीन दिन में पंजीकरण संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मंगलवार को युवक की हो गई थी मौत
मूलरूप से संत कबीरनगर निवासी जितेंद्र यादव (32) विजयनगर की सिद्धार्थ विहार कॉलोनी रहता था। वह राजमिस्त्री था। तबीयत खराब होने पर वह मंगलवार को सिद्धार्थ विहार के बिहारी मार्केट में एक झोलाछाप की दुकान पर गया था। बताया गया कि वहां जितेंद्र को इंजेक्शन लगाया गया, इसके बाद हालत बिगड़ती चली गई और कुछ देर ही में उसने दुकान पर ही दम तोड़ दिया। जितेंद्र की मौत के बाद डॉक्टर वहां से फरार हो गया।
झोलाछाप के इलाज से हो चुकी मौत
दो अगस्त - लोनी में तीन वर्षीय बच्चे निर्भय की झोलाछाप के इलाज से मौत
31 अगस्त - महिला झोलाछाप के जबरदस्ती प्रसव कराने से शिशु की मौत, महिला का गर्भाशय फटा
दो मई 2022 - मुरादनगर के रोरी में झोलाछाप के इलाज से बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण की मौत
28 जून 2018 - खोड़ा में 10 वर्षीय बच्चे की झोलाछाप के इलाज से मौत
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सीएमओ ने जिले में झोलाछाप की निगरानी के लिए उपमुख्य चिकित्साधिकारी स्तर के दो डॉक्टर पंकज राकेश और दवी लाल को नोडल नामित किया है। डॉ. पंकज राकेश की नियुक्ति करहेड़ा हेल्थ पोस्ट पर है, वहां की दूसरी डॉ. मधूलिका सिंह के पति डॉ. विश्राम सिंह बरेली के सीएमओ हैं। इससे वह अधिकांश समय बरेली में ही रहती हैं। डॉ. दवीलाल की नियुक्ति मुरादनगर में सीएचसी पर होने के साथ ही उन्हें यूपी भवन में भी तैनात किया गया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कार्यालय में मलेरिया विभाग के संबद्ध चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और अन्य विभागों के संबद्ध कंप्यूटर ऑपरेटर सरकारी गाड़ी लेकर नोटिस बांटने जाते हैं और तीन दिन में कार्यालय में उपस्थित होने का समय देकर वापस आ जाते हैं। इसके बाद अधिकांश झोलाछाप को शाम चार बजे बुलाकर सुविधा शुल्क लेने के बाद एक शपथपत्र ले लिया जाता है कि क्लीनिक यानि दुकान बंद कर दिया है। कुछ समय के बाद वह दोबारा क्लीनिक खोलकर इलाज के नाम पर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ शुरू कर देते हैं। यही नहीं जिले में झोलाछाप की दुकान चलाने के लिए दो अलग-अलग क्षेत्र के अध्यक्ष उन्हें संरक्षण देते हैं, शर्त रहती है कि उनकी संस्था से जुड़े रहें और वार्षिक सदस्यता शुल्क देते रहें। इसके बदले में दोनों अध्यक्ष हर महीने सीएमओ कार्यालय में हाजिरी लगाते रहते हैं।
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नोडल अधिकारी डॉ. पंकज राकेश ने बताया कि बीते वर्ष में 106 झोलाछाप के खिलाफ नोटिस जारी किया गया, उनमें अधिकांश क्लीनिक बंद कर चुके हैं। इसके अलावा 11 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि क्लीनिक सील कर दिया है।
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सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि मौके की जांच के लिए नोडल डॉ. पंकज राकेश को भेजा गया गया था। वहां पर क्लीनिक बंद मिली थी, इसके बाद देर शाम सील करने के बाद नोटिस चस्पा कर तीन दिन में पंजीकरण संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मंगलवार को युवक की हो गई थी मौत
मूलरूप से संत कबीरनगर निवासी जितेंद्र यादव (32) विजयनगर की सिद्धार्थ विहार कॉलोनी रहता था। वह राजमिस्त्री था। तबीयत खराब होने पर वह मंगलवार को सिद्धार्थ विहार के बिहारी मार्केट में एक झोलाछाप की दुकान पर गया था। बताया गया कि वहां जितेंद्र को इंजेक्शन लगाया गया, इसके बाद हालत बिगड़ती चली गई और कुछ देर ही में उसने दुकान पर ही दम तोड़ दिया। जितेंद्र की मौत के बाद डॉक्टर वहां से फरार हो गया।
झोलाछाप के इलाज से हो चुकी मौत
दो अगस्त - लोनी में तीन वर्षीय बच्चे निर्भय की झोलाछाप के इलाज से मौत
31 अगस्त - महिला झोलाछाप के जबरदस्ती प्रसव कराने से शिशु की मौत, महिला का गर्भाशय फटा
दो मई 2022 - मुरादनगर के रोरी में झोलाछाप के इलाज से बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण की मौत
28 जून 2018 - खोड़ा में 10 वर्षीय बच्चे की झोलाछाप के इलाज से मौत