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Ghaziabad News: चौपला बाजार के चारों गेट बंद कर व्यापारियों ने जताया विरोध

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2024 03:49 AM IST
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Protests were held by closing the gates around Chowpla Bazaar
गाजियाबाद। चौपला मंदिर बाजार में बृहस्पतिवार को दुकानों को तोड़ने के लिए पुलिस बल लेकर पहुंची नगर निगम की टीम का व्यापारियों ने जमकर विरोध किया। व्यापारियों ने बाजार के चारों गेट बंद कर दुकानों को बंद कर दिया और धरना देकर बैठ गए। विरोध बढ़ता देख निगम की टीम वापस चली गई। निगम के अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद टीम को भेजा गया था।
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वार्ड 59 के पार्षद राजीव शर्मा ने बताया कि बाजार में तीन-चार दुकानों को तोड़ने के लिए नगर निगम का दस्ता आया था। जिन दुकानों को तोड़ने की तैयारी थी, वे 1937 में बनी थीं, तब नगर निगम भी नहीं था। सभी दुकानें अब जर्जर हो चुकी हैं। एक भी दुकान में कोई नया निर्माण नहीं किया गया है।
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नगर पुलिस बल के साथ पहुंची निगम की टीम के विरोध में व्यापारी एकजुट हो गए। व्यापारियों ने चौपला बाजार के चारों गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद दुकानें बंद कर सड़क पर विरोध जताना शुरू कर दिया और धरना देकर बैठ गए। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में व्यापारी जमा हो गए।
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विरोध बढ़ता देख निगम की टीम को वापस जाना पड़ा। व्यापारियों ने एलान कर दिया कि नगर निगम को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। किसी भी कीमत पर दुकानों को ध्वस्त नहीं होने दिया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों ने कुछ देर तक उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन हंगामा बढ़ने पर वे पीछे हट गए। चौपला बाजार में लगभग 700 दुकानें हैं।दोपहर तक सभी दुकानें बंद रहीं। इसके बाद जब व्यापारियों को लगा कि निगम की टीम लौटेगी नहीं तो दुकानें खोल ली गईं। नगर निगम की कार्रवाई का विरोध करने वालों में राकेश स्वामी, राजू छाबड़ा, अनुराग गर्ग, संजीव मित्तल प्रमुख रहे। कई व्यापार संगठनों के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
निगम पर फूट रहा व्यापारियों का गुस्सा
यह पहला मौका नहीं है जब नगर निगम की किसी कार्रवाई का व्यापारियों ने खुला विरोध किया हो। इससे पहले भी कई मौकों पर व्यापारी अपनी नाराजगी जताने के लिए सड़क पर उतर चुके हैं। सबसे बड़ा मुद्दा नगर निगम की 1702 दुकानों का किराया बढ़ाए जाने का है। इसके विरोध में व्यापारी कई बार धरना-प्रदर्शन कर बाजार बंद कर चुके हैं। इसके अलावा पाॅलिथीन जब्त करने के अभियान में भी कई बार नगर निगम के दस्ते और व्यापारियों के बीच टकराव हो चुका है। मालीवाड़ा मंडी में तो निगम की टीम पर पथराव तक कर दिया गया था। इसका केस दर्ज कराया गया था।

हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी का कहना है कि किसी शख्स ने नगर निगम में अतिक्रमण की शिकायत की थी। इसमें बताया गया था कि नाले पर कब्जा करके दुकानें बना ली गई हैं। नगर निगम के बाद शिकायत हाईकोर्ट में की गई। हाईकोर्ट ने नाले से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में नगर निगम की टीम गई थी। विरोध की वजह से अतिक्रमण नहीं हट सका। अब और पुलिस बल मांगा जाएगा। इसे लेकर फिर से नगर निगम की टीम भेजी जाएगी। मामले में अगली सुनवाई 12 अगस्त को होनी है।
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