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Ghaziabad News: 25 करोड़ के लिए प्रोपर्टी डीलर की हत्या
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साहिबाबाद थाने में फूट फूट रोती मृतक राकेश की बेटी।
साहिबाबाद। इंदिरापुरम के नीतिखंड निवासी प्रोपर्टी डीलर राकेश वार्ष्णेय (45) के चार माह से लापता चलने के मामले का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा हो जाने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि 28 फरवरी को दिल्ली के दिलशाद गार्डन में उनकी हत्या कर शव को मुरादनगर गंगनहर में फेंक दिया गया था। 25 करोड़ के लिए यह वारदात उनके साझीदार राजू उपाध्याय ने तीन लोगों के साथ मिलकर की। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग से केस खुला है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी दिल्ली के हैं। राजू उपाध्याय यमुना विहार, अनुज गर्ग ब्रह्मपुरी और कृष्णा अग्रवाल गांधीनगर का है। चौथा आरोपी बुलंदशहर हरीश कुमार बुलंदशहर के जैनपुर का है। वह दिल्ली के केयर होम नर्सिंग होम में कर्मचारी है। अनुज राजू का दोस्त है। हरीश और कृष्णा अनुज के दोस्त हैं। अनुज ने दोनों को राजू से मिलवाया था।
हत्या की साजिश के बारे में राजू ने पुलिस को बताया कि राकेश ने नवंबर 2023 में मुरादाबाद में 20 करोड़ की संपत्ति खरीदी थी। इसे बेचने के लिए इसकी पाॅवर आफ अटार्नी ( मुख्तारनामा ) उसके नाम कर दी। इसी से उसके मन में लालच आ गया। उसने सोचा कि राकेश की हत्या कर लाश गायब कर दी जाए तो संपत्ति उसे मिल सकती है। उस पर राकेश के पांच करोड़ उधार भी थे। इन्हें भी हड़पने की साजिश थी।
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दफ्तर में बुलाकर की हत्या
राकेश 28 फरवरी को एक केस के सिलसिले में दिल्ली गए थे। रास्ते से राजू उन्हें अपने साथ दिलशाद गार्डन, दिल्ली स्थित अपने दफ्तर ले गया। साजिश के तहत अनुज, हरीश और कृष्णा वहां पहले से मौजूद थे। चारों ने बातों में उलझाकर राकेश को शराब पिलाई। काफी नशे में हो पर धोखे से शराब में कीटनाशक दवा मिला दी। हरीश अस्पताल से एनेस्थीसिया के छह इंजेक्शन लगाए थे। उसने ये इंजेक्शन राकेश को लगा दिए। उसे मालूम था कि इसकी ओवरडोज से मृत्यू हो जाती है। ऐसा ही हुआ। मृत्यू के बाद उनके शव को उनकी क्रेटा गाड़ी में रखा। गाड़ी में ही कपड़े बदले ताकि अगर कभी शव मिल जाए तो आसानी से शिनाख्त न हो पाए। इसके बाद शव को ले जाकर मुरादनगर गंगनगर में फेंक दिया। चाबी सहित गाड़ी डीएलएफ काॅलोनी में ले जाकर एक सुनसान गली के किनारे खड़ी कर दी।
दिल्ली पुलिस से मिले सुराग से खुला केस
राकेश के लापता होने पर उनकी पत्नी ममता ने दिल्ली के दिलशाद गार्डन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी कि उनकी क्रेटा गाड़ी मिल गई। थोड़ी दूरी पर ही राजू का दफ्तर है। इससे पुलिस का माथा ठनक गया। पुलिस ने राकेश की काॅल डिटेल और लोकेशन निकलवाई। आखिरी लोकेशन दिलशाद गार्डन की थी। इससे राजू पर शक और गहराया। इससे पहले दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट के पास सीसीटीवी फुटेज में अनुज राकेश के साथ जाते नजर आया। इसकी जानकारी मिलने पर ममता ने 30 मई को टीएचए के शालीमार गार्डन थाने में राकेश का 25 करोड़ रुपये लिए अपहरण का केस राजू के खिलाफ दर्ज कराया। इसके बाद दिलशाद गार्डन पुलिस ने राजू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो खुलासा हो गया। उसकी निशानदेही पर राकेश की कमीज, जूते, पर्स और कागजात बरामद हो गए हैं।
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डीसीपी निमिष पाटील ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी दिल्ली के हैं। राजू उपाध्याय यमुना विहार, अनुज गर्ग ब्रह्मपुरी और कृष्णा अग्रवाल गांधीनगर का है। चौथा आरोपी बुलंदशहर हरीश कुमार बुलंदशहर के जैनपुर का है। वह दिल्ली के केयर होम नर्सिंग होम में कर्मचारी है। अनुज राजू का दोस्त है। हरीश और कृष्णा अनुज के दोस्त हैं। अनुज ने दोनों को राजू से मिलवाया था।
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हत्या की साजिश के बारे में राजू ने पुलिस को बताया कि राकेश ने नवंबर 2023 में मुरादाबाद में 20 करोड़ की संपत्ति खरीदी थी। इसे बेचने के लिए इसकी पाॅवर आफ अटार्नी ( मुख्तारनामा ) उसके नाम कर दी। इसी से उसके मन में लालच आ गया। उसने सोचा कि राकेश की हत्या कर लाश गायब कर दी जाए तो संपत्ति उसे मिल सकती है। उस पर राकेश के पांच करोड़ उधार भी थे। इन्हें भी हड़पने की साजिश थी।
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दफ्तर में बुलाकर की हत्या
राकेश 28 फरवरी को एक केस के सिलसिले में दिल्ली गए थे। रास्ते से राजू उन्हें अपने साथ दिलशाद गार्डन, दिल्ली स्थित अपने दफ्तर ले गया। साजिश के तहत अनुज, हरीश और कृष्णा वहां पहले से मौजूद थे। चारों ने बातों में उलझाकर राकेश को शराब पिलाई। काफी नशे में हो पर धोखे से शराब में कीटनाशक दवा मिला दी। हरीश अस्पताल से एनेस्थीसिया के छह इंजेक्शन लगाए थे। उसने ये इंजेक्शन राकेश को लगा दिए। उसे मालूम था कि इसकी ओवरडोज से मृत्यू हो जाती है। ऐसा ही हुआ। मृत्यू के बाद उनके शव को उनकी क्रेटा गाड़ी में रखा। गाड़ी में ही कपड़े बदले ताकि अगर कभी शव मिल जाए तो आसानी से शिनाख्त न हो पाए। इसके बाद शव को ले जाकर मुरादनगर गंगनगर में फेंक दिया। चाबी सहित गाड़ी डीएलएफ काॅलोनी में ले जाकर एक सुनसान गली के किनारे खड़ी कर दी।
दिल्ली पुलिस से मिले सुराग से खुला केस
राकेश के लापता होने पर उनकी पत्नी ममता ने दिल्ली के दिलशाद गार्डन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी कि उनकी क्रेटा गाड़ी मिल गई। थोड़ी दूरी पर ही राजू का दफ्तर है। इससे पुलिस का माथा ठनक गया। पुलिस ने राकेश की काॅल डिटेल और लोकेशन निकलवाई। आखिरी लोकेशन दिलशाद गार्डन की थी। इससे राजू पर शक और गहराया। इससे पहले दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट के पास सीसीटीवी फुटेज में अनुज राकेश के साथ जाते नजर आया। इसकी जानकारी मिलने पर ममता ने 30 मई को टीएचए के शालीमार गार्डन थाने में राकेश का 25 करोड़ रुपये लिए अपहरण का केस राजू के खिलाफ दर्ज कराया। इसके बाद दिलशाद गार्डन पुलिस ने राजू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो खुलासा हो गया। उसकी निशानदेही पर राकेश की कमीज, जूते, पर्स और कागजात बरामद हो गए हैं।