काम की खबर: छह निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर गर्भवती की होगी निशुल्क जांच, स्वास्थ्य विभाग फोन पर देगा QR कोड
अल्ट्रासाउंड सुविधा को और बेहतर करने के लिए शासन के निर्देश पर छह निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से करार किया जा रहा है। डासना में एक निजी केंद्र के साथ पहले से ही अनुबंध है।
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स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच अब निजी केंद्रों पर निशुल्क कराएगा। इसके लिए अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों से स्वास्थ्य विभाग वार्ता कर रहा है। नए केंद्रों में से दो लोनी में, एक मुरादनगर में और दो केंद्र शहर में संचालित होंगे। मौजूदा समय में डासना में एक निजी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच हो रही है। सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण यह व्यवस्था की जा रही है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अनुराग भारती ने बताया कि जिले में 24459 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराई गई है। अल्ट्रासाउंड सुविधा को और बेहतर करने के लिए शासन के निर्देश पर छह निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों से करार किया जा रहा है। डासना में एक निजी केंद्र के साथ पहले से ही अनुबंध है। इन केंद्रों पर ई-रूपी के जरिये अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। एएनसी के दौरान जिन गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच की सलाह दी जाती है, उनके मोबाइल पर कार्यालय से क्यूआर कोड दिया जाता है। यह क्यूआर कोड एक माह तक करार वाले निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर मान्य होता है। जांच कराने वाली गर्भवती को भुगतान के स्थान पर क्यूआर कोड दिखाना होगा।
महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. सुमाता तालिब का कहना है कि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास की जानकारी के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच कराती हैं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर सलाह देती हैं कि पहली जांच 12 सप्ताह के अंदर कराई जाती है। दूसरी जांच 14 से 26 सप्ताह में, तीसरी जांच 28 से 34 सप्ताह और चौथी जांच 36 सप्ताह के बाद कराई जाती है।