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पोस्ट आफिस में लावारिस बैग से हड़कंप, निकला कैश
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:46 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नवयुग मार्केट स्थित हेड पोस्ट ऑफिस में नोट बदलने के दौरान अंदर काउंटर पर एक लावारिस बैग मिलने से हड़कंप मच गया। शुक्रवार शाम को मिले इस बैग से कुछ देर के लिए पोस्ट आफिस का कार्य भी बाधित हुआ।
बैग को खोलकर देखा गया तो उसमें बंद हो चुके 1000-500 के नोटों की करीब साठ हजार रुपये की नकदी थी। करीब दो घंटे बाद बैग का असली मालिक पोस्ट आफिस पहुंचा। आवश्यक पूछताछ के बाद बैग उसे सौंप दिया गया।
शाम करीब पांच बजे जब काउंटरों से नोट बदलने और पैसे जमा करने वाले लोगों की भीड़ छंटी तो डाक टिकट बेच रही सुरेशवती की नजर एक काले रंग के बैग पर पड़ी। बैग काफी देर से रखा हुआ था। ऐसे में सुरेशवती डर गई और उन्होंने अपने सहकर्मी निरंजन शर्मा को इस बैग के बारे में बताया।
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कुछ देर तक तो पोस्ट आफिस में अफरा-तफरी का माहौल रहा। इसके बाद हिम्मत कर निरंजन शर्मा ने यह बैग उठाया और सीनियर पोस्ट मास्टर के सामने ले गए। वहां पोस्ट मास्टर जेएस बिष्ट ने बैग खोला तो उसमें करीब साठ हजार की नकदी मिली।
इसके साथ ही रियाजुद्दीन नामक व्यक्ति का पैन कार्ड और शिवालिक बैंक की पासबुक भी थी। अधिकारी अभी पुलिस को बुलाने ही वाले थे कि रियाजुद्दीन अपना बैग ढूंढते हुए हेड पोस्ट ऑफिस पहुंचे। वहां पर उनकी आईडी का मिलान करते हुए सीनियर पोस्ट मास्टर जेएस बिष्ट ने उनका बैग लौटा दिया।
कैला भट्टा निवासी रियाजुद्दीन ने कहा कि वे पैसे अपने बैंक में जमा करने के लिए लाए थे। लाइन लंबी होने के कारण बैंक का काम नहीं हो सका तो उन्होंने सोचा कि इसमें से दो हजार रुपये डाकखाने में बदलवा लिए जाएं।
जब तक पोस्ट ऑफिस में उनका नंबर आता उनकी बच्ची की तबीयत खराब हो गई और इसी अफरा-तफरी में वे बैग वहीं छोड़कर घर चले गए थे। करीब दो घंटे बाद पत्नी ने उनसे बैग के बारे में पूछा तो वे हैरान हो गए और फिर अपना बैग ढूंढते हुए पोस्ट ऑफिस पहुंचे।
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बैग को खोलकर देखा गया तो उसमें बंद हो चुके 1000-500 के नोटों की करीब साठ हजार रुपये की नकदी थी। करीब दो घंटे बाद बैग का असली मालिक पोस्ट आफिस पहुंचा। आवश्यक पूछताछ के बाद बैग उसे सौंप दिया गया।
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शाम करीब पांच बजे जब काउंटरों से नोट बदलने और पैसे जमा करने वाले लोगों की भीड़ छंटी तो डाक टिकट बेच रही सुरेशवती की नजर एक काले रंग के बैग पर पड़ी। बैग काफी देर से रखा हुआ था। ऐसे में सुरेशवती डर गई और उन्होंने अपने सहकर्मी निरंजन शर्मा को इस बैग के बारे में बताया।
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कुछ देर तक तो पोस्ट आफिस में अफरा-तफरी का माहौल रहा। इसके बाद हिम्मत कर निरंजन शर्मा ने यह बैग उठाया और सीनियर पोस्ट मास्टर के सामने ले गए। वहां पोस्ट मास्टर जेएस बिष्ट ने बैग खोला तो उसमें करीब साठ हजार की नकदी मिली।
इसके साथ ही रियाजुद्दीन नामक व्यक्ति का पैन कार्ड और शिवालिक बैंक की पासबुक भी थी। अधिकारी अभी पुलिस को बुलाने ही वाले थे कि रियाजुद्दीन अपना बैग ढूंढते हुए हेड पोस्ट ऑफिस पहुंचे। वहां पर उनकी आईडी का मिलान करते हुए सीनियर पोस्ट मास्टर जेएस बिष्ट ने उनका बैग लौटा दिया।
कैला भट्टा निवासी रियाजुद्दीन ने कहा कि वे पैसे अपने बैंक में जमा करने के लिए लाए थे। लाइन लंबी होने के कारण बैंक का काम नहीं हो सका तो उन्होंने सोचा कि इसमें से दो हजार रुपये डाकखाने में बदलवा लिए जाएं।
जब तक पोस्ट ऑफिस में उनका नंबर आता उनकी बच्ची की तबीयत खराब हो गई और इसी अफरा-तफरी में वे बैग वहीं छोड़कर घर चले गए थे। करीब दो घंटे बाद पत्नी ने उनसे बैग के बारे में पूछा तो वे हैरान हो गए और फिर अपना बैग ढूंढते हुए पोस्ट ऑफिस पहुंचे।