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Ghaziabad News: पुलिस ने नहर में नहाने पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध
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मुरादनगर। गंगनहर में एक सप्ताह में पांच युवकों के डूबने के बाद प्राचीन शनि मंदिर घाट पर पुलिस-प्रशासन नहाने पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया। घाट पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है, जिससे कि कोई नहर में नहाने न जा सके। सोमवार को नहाने पहुंचे काफी संख्या में श्रद्धालुओं को पुलिस ने वापस भेज दिया।
गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर घाट व अन्य घाटों पर सुबह से ही नहाने वालों व श्रद्धालुओं का तांता लग जाता है। दिल्ली, साहिबाबाद, लोनी, गाजियाबाद, नोएडा, हरियाणा, मोदीनगर और मेरठ से काफी संख्या में लोग यहां आकर स्नान करते हैं। एक सप्ताह में नहर में डूबने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि मंदिर के सेवादार गोताखोरों ने कई युवकों को डूबने से बचाया है। पुलिस प्रशासन ने लगातार नहर में हो रहे हादसों के चलते सख्त रवैया अपनाते हुए सोमवार सुबह से ही गंगनहर घाट पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया, जो भी नहर में नहाने के लिए जा रहा था, पुलिस ने उसे वापस भेज दिया। मंदिर में पूजा अर्चना करने वालों को प्रवेश दिया गया। एसीपी नरेश कुमार का कहना है कि एकाएक नहर में डूबने के हादसे बढ़े हैं, इसको देखते हुए गंगनहर घाट पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
घाट पर पसरा रहा सन्नाटा
गंगनहर में नहाने पर प्रतिबंध लगने के बाद सोमवार को घाट पर सन्नाटा पसरा रहा। गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर गंगा घाट के महंत मुकेश गोस्वामी का कहना है कि गंगा घाट पर शराब पीने, हुड़दंग मचाने वाले, शराब पीकर नहाने वाले और बैरिकेटिंग पार करके नहाने वालों पर पुलिस को प्रतिबंध लगाना चाहिए था। इससे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। गंगा घाट पर श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने आते हैं। इससे उनकी आस्था को ठेस पहुंची है, श्रद्धालु बड़ी दूर-दूर से आते हैं।
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गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर घाट व अन्य घाटों पर सुबह से ही नहाने वालों व श्रद्धालुओं का तांता लग जाता है। दिल्ली, साहिबाबाद, लोनी, गाजियाबाद, नोएडा, हरियाणा, मोदीनगर और मेरठ से काफी संख्या में लोग यहां आकर स्नान करते हैं। एक सप्ताह में नहर में डूबने से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि मंदिर के सेवादार गोताखोरों ने कई युवकों को डूबने से बचाया है। पुलिस प्रशासन ने लगातार नहर में हो रहे हादसों के चलते सख्त रवैया अपनाते हुए सोमवार सुबह से ही गंगनहर घाट पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया, जो भी नहर में नहाने के लिए जा रहा था, पुलिस ने उसे वापस भेज दिया। मंदिर में पूजा अर्चना करने वालों को प्रवेश दिया गया। एसीपी नरेश कुमार का कहना है कि एकाएक नहर में डूबने के हादसे बढ़े हैं, इसको देखते हुए गंगनहर घाट पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
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घाट पर पसरा रहा सन्नाटा
गंगनहर में नहाने पर प्रतिबंध लगने के बाद सोमवार को घाट पर सन्नाटा पसरा रहा। गंगनहर प्राचीन शनि मंदिर गंगा घाट के महंत मुकेश गोस्वामी का कहना है कि गंगा घाट पर शराब पीने, हुड़दंग मचाने वाले, शराब पीकर नहाने वाले और बैरिकेटिंग पार करके नहाने वालों पर पुलिस को प्रतिबंध लगाना चाहिए था। इससे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। गंगा घाट पर श्रद्धालु आस्था के साथ स्नान करने आते हैं। इससे उनकी आस्था को ठेस पहुंची है, श्रद्धालु बड़ी दूर-दूर से आते हैं।
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