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Ghaziabad News: वनवे व्यवस्था से 50 से ज्यादा काॅलोनी के लोग परेशान
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गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के लिए दिल्ली-मेरठ हाईवे को वनवे कर दिए जाने से दिल्ली रोड की 50 काॅलोनियों के लोगों को परेशानी हो रही है। हाईवे के कट बंद कर दिए जाने से लोगों के लिए रास्ते लंबे हो गए हैं। एक लेन पर पूरा ट्रैफिक है और दिन में कई बार भीषण जाम लग रहा है। लोगों को इसकी भी जानकारी नहीं है कि निकलने का रास्ता कितनी दूरी पर है।
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर एक लेन पर सिर्फ कांवड़िये चल रहे हैं। यह मेरठ से गाजियाबाद की तरफ वाली लेन है। दूसरी लेन पर वाहन चल रहे हैं। एक लेन पर दो लेन का ट्रैफिक है। इस रोड के किनारे मोदीनगर, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर और शहर की करीब 50 कॉलोनियों की लाखों की आबादी रहती है। एडीसीपी पीयूष सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के साथ स्थानीय लोगों की समस्या पर भी ध्यान रखा जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्थानीय लोगों की समस्या पर ध्यान रखने को कहा गया है।
वनवे होने के बाद हाईवे पर वाहनों के आमने-सामने टकराने से अब तक 20 हादसे हो चुके हैं। वाहनों के सामने आने-जाने से हाईवे पर जाम की स्थिति भी बन रही है। रविवार को दिन में कई बार ट्रैफिक जाम हुआ। मुरादनगर में बस अड्डे, दुहाई और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर वाहनों को तब निकाला गया, जब कांवड़ियों की संख्या कम हुई। इसी वजह से लोग जाम में फंसे रहे। मुरादनगर से राजनगर एक्सटेंशन तक पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा का समय लग रहा।
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दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर नहीं जा सकेंगे वाहन
सावन का दूसरा सोमवार
गाजियाबाद। सावन के दूसरे सोमवार पर ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर के नीचे से दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता बंद रहेगा। गोशाला अंडरपास से मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है।
इन मार्गों पर केवल कांवड़िये और शिवभक्त ही जा सकेंगे। ठाकुरद्वारा पुल के सामने कैला भट्ठा की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग भी बंद रहेगा। लोग देवी मंदिर की ओर से मुख्य मार्ग पर आ सकते हैं। घंटाघर से मंदिर व एमएमजी अस्पताल की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी रूट को बंद कर दिया गया है।
जो लोग मंदिर वाहनों से आएंगे, उनके लिए रामलीला मैदान में वाहन खड़े करने की व्यवस्था की गई है। विजयनगर के लोगों के लिए आर्मी मैदान में वाहन खड़ा करने की व्यवस्था है। विजयनगर से पुराने शहर जाने यह लोग धोबीघाट आरओबी से जीटी रोड पर आ सकते हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे नहीं किया बंद
पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को अभी बंद नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि इसे डाक कांवड़ आने पर बंद किया जाएगा। योजना 28 जुलाई से बंद करने की बनाई गई थी लेकिन अभी डाक कांवड़ नहीं आ रही हैं। सोमवार को देखा जाएगा कि डाक कांवड़ आई या नहीं। अगर नहीं आती हैं तो डायवर्जन बाद में लागू किया जाएगा। अगर डाक कांवड़ आने लगती हैं तो तत्काल डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा।
जलाभिषेक तक डॉक्टरों के अवकाश पर रोक
गाजियाबाद। शिवरात्रि पर जलाभिषेक तक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। इमरजेंसी और ओपीडी के अलावा 24 घंटे ऑन काल उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दूधेश्वरनाथ मंदिर में कई लाख कांवड़ियों के जलाभिषेक करने और एमएमजी अस्पताल के आसपास हजारों की संख्या में कांवड़ियों के ठहरने के दौरान किसी इमरजेंसी या बीमार होने पर त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था जलाभिषेक होने तक लागू की गई है।
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में 31 जुलाई से दो डॉक्टरों की ड्यूटी रहेगी और सभी डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि दो अगस्त तक किसी तरह का अवकाश न लें।
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि अस्पतालों में भी पर्याप्त इंतजाम किया गया है। कांवड़ यात्रा के तीनों मार्ग पर 78 चिकित्सकों और 172 पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। मोदीनगर, मुरादनगर, एमएमजी अस्पताल, संजय नगर अस्पताल पर 24 घंटे डॉक्टर मौजूद हैं। 180 बेड पीएचसी, सीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों में आरक्षित किए गए है। इसके अलावा 44 एंबुलेंस भी तैनात की गई है।
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दिल्ली-मेरठ हाईवे पर एक लेन पर सिर्फ कांवड़िये चल रहे हैं। यह मेरठ से गाजियाबाद की तरफ वाली लेन है। दूसरी लेन पर वाहन चल रहे हैं। एक लेन पर दो लेन का ट्रैफिक है। इस रोड के किनारे मोदीनगर, मुरादनगर, दुहाई, गुलधर और शहर की करीब 50 कॉलोनियों की लाखों की आबादी रहती है। एडीसीपी पीयूष सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के साथ स्थानीय लोगों की समस्या पर भी ध्यान रखा जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को स्थानीय लोगों की समस्या पर ध्यान रखने को कहा गया है।
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वनवे होने के बाद हाईवे पर वाहनों के आमने-सामने टकराने से अब तक 20 हादसे हो चुके हैं। वाहनों के सामने आने-जाने से हाईवे पर जाम की स्थिति भी बन रही है। रविवार को दिन में कई बार ट्रैफिक जाम हुआ। मुरादनगर में बस अड्डे, दुहाई और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर वाहनों को तब निकाला गया, जब कांवड़ियों की संख्या कम हुई। इसी वजह से लोग जाम में फंसे रहे। मुरादनगर से राजनगर एक्सटेंशन तक पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा का समय लग रहा।
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दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर नहीं जा सकेंगे वाहन
सावन का दूसरा सोमवार
गाजियाबाद। सावन के दूसरे सोमवार पर ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर के नीचे से दूधेश्वरनाथ मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता बंद रहेगा। गोशाला अंडरपास से मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है।
इन मार्गों पर केवल कांवड़िये और शिवभक्त ही जा सकेंगे। ठाकुरद्वारा पुल के सामने कैला भट्ठा की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग भी बंद रहेगा। लोग देवी मंदिर की ओर से मुख्य मार्ग पर आ सकते हैं। घंटाघर से मंदिर व एमएमजी अस्पताल की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी रूट को बंद कर दिया गया है।
जो लोग मंदिर वाहनों से आएंगे, उनके लिए रामलीला मैदान में वाहन खड़े करने की व्यवस्था की गई है। विजयनगर के लोगों के लिए आर्मी मैदान में वाहन खड़ा करने की व्यवस्था है। विजयनगर से पुराने शहर जाने यह लोग धोबीघाट आरओबी से जीटी रोड पर आ सकते हैं।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे नहीं किया बंद
पुलिस ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को अभी बंद नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि इसे डाक कांवड़ आने पर बंद किया जाएगा। योजना 28 जुलाई से बंद करने की बनाई गई थी लेकिन अभी डाक कांवड़ नहीं आ रही हैं। सोमवार को देखा जाएगा कि डाक कांवड़ आई या नहीं। अगर नहीं आती हैं तो डायवर्जन बाद में लागू किया जाएगा। अगर डाक कांवड़ आने लगती हैं तो तत्काल डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा।
जलाभिषेक तक डॉक्टरों के अवकाश पर रोक
गाजियाबाद। शिवरात्रि पर जलाभिषेक तक सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। इमरजेंसी और ओपीडी के अलावा 24 घंटे ऑन काल उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दूधेश्वरनाथ मंदिर में कई लाख कांवड़ियों के जलाभिषेक करने और एमएमजी अस्पताल के आसपास हजारों की संख्या में कांवड़ियों के ठहरने के दौरान किसी इमरजेंसी या बीमार होने पर त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था जलाभिषेक होने तक लागू की गई है।
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में 31 जुलाई से दो डॉक्टरों की ड्यूटी रहेगी और सभी डॉक्टरों को निर्देश दिया गया है कि दो अगस्त तक किसी तरह का अवकाश न लें।
सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन ने बताया कि अस्पतालों में भी पर्याप्त इंतजाम किया गया है। कांवड़ यात्रा के तीनों मार्ग पर 78 चिकित्सकों और 172 पैरा मेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। मोदीनगर, मुरादनगर, एमएमजी अस्पताल, संजय नगर अस्पताल पर 24 घंटे डॉक्टर मौजूद हैं। 180 बेड पीएचसी, सीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों में आरक्षित किए गए है। इसके अलावा 44 एंबुलेंस भी तैनात की गई है।