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Ghaziabad News: आवंटन पत्र लेकर घूम रहे अभिभावक, नहीं हो रहे दाखिले
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गाजियाबाद। बीएसए कार्यालय से आवंटन पत्र जारी होने के बाद भी निजी स्कूल प्रबंधन शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत बच्चों के दाखिले नहीं कर रहे हैं। अभिभावकों को फिलहाल यह कहकर टरकाया जा रहा है कि उनके स्कूल में परीक्षाएं चल रही हैं, परिणाम भी जारी होना है। इसके बाद उनको स्कूलों में आकर संपर्क करना है। जबकि, बिना आरटीई वाले छात्रों के दाखिले आसानी से स्कूलों में किए जा रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को पिछले साल की तरह इस बार भी पूरा साल आश्वासन के चक्कर में खत्म होने का डर सता रहा है।
2023-2024 में ढाई हजार से ज्यादा बच्चों का आरटीई के तहत स्कूलों में दाखिला नहीं हो पाया। आश्वासन के चक्कर में पूरा साल बीत गया और अब परीक्षाएं भी हो गईं। अभिभावक अधिकारियों के भरोसे उम्मीद लगाए बैठे रहे लेकिन स्कूल प्रबंधन की मनमानी भारी पड़ गई। 2024-25 सत्र के लिए पहले चरण में सात हजार से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें 3,721 छात्रों का अलग अलग स्कूलों में दाखिले के लिए चयन हुआ है। अभिभावकों को बीएसए की ओर से इसके आंवटन पत्र भी जारी कर दिए गए हैं।
ये अभिभावक अपने बच्चों को लेकर स्कूलों में चक्कर लगा रहे हैं। सैंथली गांव निवासी मोनू और उनकी पत्नी दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि अपनी बेटी ख्याति प्रजापति का आरटीई के तहत दाखिला कराने के लिए आवेदन किया था। बीएसए कार्यालय से जारी आवंटन पत्र लेकर वह पूर्णज्ञानांजलि स्कूल में गए तो वहां उनको परीक्षा खत्म होने और परीक्षाफल जारी होने के बाद आकर मिलने को कहा गया। प्रताप विहार की पूजा देवी ने बताया कि आवंटन पत्र लेकर वह स्कूल में कई बार जा चुकी हैं लेकिन वहां उनसे कोई बात करने को तैयार नहीं है।
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कोट
आरटीई के तहत दाखिले की समीक्षा बैठक की जाएगी। नियम का पालन न करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई होगी। - ओपी यादव, बीएसए
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2023-2024 में ढाई हजार से ज्यादा बच्चों का आरटीई के तहत स्कूलों में दाखिला नहीं हो पाया। आश्वासन के चक्कर में पूरा साल बीत गया और अब परीक्षाएं भी हो गईं। अभिभावक अधिकारियों के भरोसे उम्मीद लगाए बैठे रहे लेकिन स्कूल प्रबंधन की मनमानी भारी पड़ गई। 2024-25 सत्र के लिए पहले चरण में सात हजार से ज्यादा आवेदन आए थे, जिनमें 3,721 छात्रों का अलग अलग स्कूलों में दाखिले के लिए चयन हुआ है। अभिभावकों को बीएसए की ओर से इसके आंवटन पत्र भी जारी कर दिए गए हैं।
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ये अभिभावक अपने बच्चों को लेकर स्कूलों में चक्कर लगा रहे हैं। सैंथली गांव निवासी मोनू और उनकी पत्नी दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि अपनी बेटी ख्याति प्रजापति का आरटीई के तहत दाखिला कराने के लिए आवेदन किया था। बीएसए कार्यालय से जारी आवंटन पत्र लेकर वह पूर्णज्ञानांजलि स्कूल में गए तो वहां उनको परीक्षा खत्म होने और परीक्षाफल जारी होने के बाद आकर मिलने को कहा गया। प्रताप विहार की पूजा देवी ने बताया कि आवंटन पत्र लेकर वह स्कूल में कई बार जा चुकी हैं लेकिन वहां उनसे कोई बात करने को तैयार नहीं है।
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आरटीई के तहत दाखिले की समीक्षा बैठक की जाएगी। नियम का पालन न करने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई होगी। - ओपी यादव, बीएसए