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Ghaziabad News: वकीलों की हड़ताल से कोर्ट में सिर्फ तारीख पर तारीख
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गाजियाबाद। वकीलों की हड़ताल से पांच दिन में 40 हजार मुकदमों की सुनवाई टल चुकी है। पैरवी के लिए आ रहे लोग सिर्फ तारीख लेकर लौट रहे हैं। हापुड़ में वकीलों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में की जा रही हड़ताल खत्म होने के आसार अभी नहीं बन रहे हैं।
हड़ताल सात दिन से चल रही है। इस बीच दो दिन छुट्टी के रहे। बार अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने बताया कि रोज लगभग आठ हजार मामलों की सुनवाई होती है। पांच दिन में 50 से ज्यादा मामलों में फैसले की तारीख आगे बढ़ गई। इनमें अंतिम बहस भी हो चुकी है लेकिन अब फैसले के लिए इंतजार करना होगा। चार हजार मामलों में गवाही होनी थी। यह भी अगली तारीख के लिए टल गई।
सीबीआई और सिविल कोर्ट में चल रहे महत्वपूर्ण मामलों में भी सुनवाई नहीं हो पा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से संबंधित सीबीआई कोर्ट, ईडी कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होती है। नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड के आंकड़े के अनुसार फौजदारी और सिविल के 3,30,286 मामले विचाराधीन हैं। किसी भी मुकदमे की पैरवी के लिए किसी भी पक्ष के अधिवक्ता अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं। भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के 22 मामलों में गवाही और साक्ष्य चल रहा है, हड़ताल के कारण सभी मामलों में सिर्फ तारीख लग रही है।
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पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होने तक चलेगी हड़ताल
बार अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली का कहना है कि हड़ताल की वजह से वादकारियों को होने वाली परेशानी से सभी अधिवक्ता वाकिफ हैं लेकिन हापुड़ में वकीलों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर बर्बरता दिखाई है। जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और हापुड़ एसपी-डीएम का तबादला नहीं हो जाता है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस हड़ताल की जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन है।
चर्चित मामलों में भी टली सुनवाई
एनआरएचएम घोटाला
उत्तर प्रदेश में हुए एनआरएचएम घोटाले की सुनवाई सीबीआई कोर्ट में चल रही है। कई मामलों में गवाही शुरू हो चुकी है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से सिर्फ तारीख लग रही है।
सारा सिंह मौत प्रकरण
पूर्व मंत्री अमरमणि के बेटे पूर्व विधायक अमनमणि पर पत्नी सारा सिंह की हत्या का आरोप है। इस मामले में सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
गाजियाबाद नजारत पीएफ घोटाला
गाजियाबाद के नजारत विभाग में हुए भविष्य निधि (पीएफ) घोटाले में कई वर्तमान और पूर्व न्यायाधीश आरोपी हैं। इसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर प्रत्येक सोमवार को नियमित सुनवाई होनी है। अब इसमें भी सिर्फ तारीख लग रही है।
मच्छरदानी घोटाला
रामपुर सीआरपीएफ कैंप में मच्छरदानी घोटाले में तत्कालीन डीआईजी सहित तीन के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले में भी सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी थी लेकिन अब तारीख पर तारीख लग रही है।
वकीलों ने फूंका पुलिस-प्रशासन
का पुतला, दरोगा से की अभद्रता
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। हापुड़ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों का गुस्सा थम नहीं रहा है। सोमवार को वकीलों ने धरना- प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आक्रोशित वकीलों ने पुलिस पुलिस-प्रशासन का पुतला भी फूंका और मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कुछ युवा अधिवक्ताओं ने एक दरोगा से अभद्रता भी की लेकिन अन्य वकीलों ने दरोगा को बचाकर बाहर निकाला।
वहीं, बरेली से लाए गए एक आरोपी को कोर्ट में पेश करने के दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने विरोध किया लेकिन बाद में आरोपी को अदालत में पेश कर दिया गया। पूर्व बार अध्यक्ष योंगेंद्र कौशिक ने कहा कि कई दिन से अधिवक्ता हड़ताल पर हैं, इसके बावजूद आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस मौके पर बार अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान अजय वीर चौधरी, पूर्व सचिव विजय गौड़ व नितिन यादव, राजकुमार चौहान, सत्यकेतु सिंह, रणवीर डागर, नरेश यादव, रमेश यादव, चंचल गुप्ता, मृदुला राय, सारिका त्यागी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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हड़ताल सात दिन से चल रही है। इस बीच दो दिन छुट्टी के रहे। बार अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने बताया कि रोज लगभग आठ हजार मामलों की सुनवाई होती है। पांच दिन में 50 से ज्यादा मामलों में फैसले की तारीख आगे बढ़ गई। इनमें अंतिम बहस भी हो चुकी है लेकिन अब फैसले के लिए इंतजार करना होगा। चार हजार मामलों में गवाही होनी थी। यह भी अगली तारीख के लिए टल गई।
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सीबीआई और सिविल कोर्ट में चल रहे महत्वपूर्ण मामलों में भी सुनवाई नहीं हो पा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से संबंधित सीबीआई कोर्ट, ईडी कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई होती है। नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड के आंकड़े के अनुसार फौजदारी और सिविल के 3,30,286 मामले विचाराधीन हैं। किसी भी मुकदमे की पैरवी के लिए किसी भी पक्ष के अधिवक्ता अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं। भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के 22 मामलों में गवाही और साक्ष्य चल रहा है, हड़ताल के कारण सभी मामलों में सिर्फ तारीख लग रही है।
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पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होने तक चलेगी हड़ताल
बार अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली का कहना है कि हड़ताल की वजह से वादकारियों को होने वाली परेशानी से सभी अधिवक्ता वाकिफ हैं लेकिन हापुड़ में वकीलों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर बर्बरता दिखाई है। जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और हापुड़ एसपी-डीएम का तबादला नहीं हो जाता है, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस हड़ताल की जिम्मेदार पुलिस और प्रशासन है।
चर्चित मामलों में भी टली सुनवाई
एनआरएचएम घोटाला
उत्तर प्रदेश में हुए एनआरएचएम घोटाले की सुनवाई सीबीआई कोर्ट में चल रही है। कई मामलों में गवाही शुरू हो चुकी है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से सिर्फ तारीख लग रही है।
सारा सिंह मौत प्रकरण
पूर्व मंत्री अमरमणि के बेटे पूर्व विधायक अमनमणि पर पत्नी सारा सिंह की हत्या का आरोप है। इस मामले में सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
गाजियाबाद नजारत पीएफ घोटाला
गाजियाबाद के नजारत विभाग में हुए भविष्य निधि (पीएफ) घोटाले में कई वर्तमान और पूर्व न्यायाधीश आरोपी हैं। इसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर प्रत्येक सोमवार को नियमित सुनवाई होनी है। अब इसमें भी सिर्फ तारीख लग रही है।
मच्छरदानी घोटाला
रामपुर सीआरपीएफ कैंप में मच्छरदानी घोटाले में तत्कालीन डीआईजी सहित तीन के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस मामले में भी सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी थी लेकिन अब तारीख पर तारीख लग रही है।
वकीलों ने फूंका पुलिस-प्रशासन
का पुतला, दरोगा से की अभद्रता
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। हापुड़ में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वकीलों का गुस्सा थम नहीं रहा है। सोमवार को वकीलों ने धरना- प्रदर्शन कर नारेबाजी की। आक्रोशित वकीलों ने पुलिस पुलिस-प्रशासन का पुतला भी फूंका और मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कुछ युवा अधिवक्ताओं ने एक दरोगा से अभद्रता भी की लेकिन अन्य वकीलों ने दरोगा को बचाकर बाहर निकाला।
वहीं, बरेली से लाए गए एक आरोपी को कोर्ट में पेश करने के दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने विरोध किया लेकिन बाद में आरोपी को अदालत में पेश कर दिया गया। पूर्व बार अध्यक्ष योंगेंद्र कौशिक ने कहा कि कई दिन से अधिवक्ता हड़ताल पर हैं, इसके बावजूद आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस मौके पर बार अध्यक्ष राकेश त्यागी कैली ने कहा कि अगर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान अजय वीर चौधरी, पूर्व सचिव विजय गौड़ व नितिन यादव, राजकुमार चौहान, सत्यकेतु सिंह, रणवीर डागर, नरेश यादव, रमेश यादव, चंचल गुप्ता, मृदुला राय, सारिका त्यागी सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।