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Ghaziabad News: ऑनलाइन गेमिंग एप बने आतंकियों और जासूसों के बीच संवाद की कड़ी
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राजू मलिक
गाजियाबाद। पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के लिए देश के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की जासूसी करने वाले आरोपियों के तौर-तरीकों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जासूसी के आरोपी अपने हैंडलर्स से मोबाइल गेमिंग एप के चैट फीचर के जरिये संपर्क में रहते थे। इसके माध्यम से ही आरोपियों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील ठिकानों की रेकी करने के निर्देश मिलते थे। एजेंसियों की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
हाल में कौशांबी पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनको पूछताछ के बाद जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और मनी ट्रेल की गहन जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, हैंडलर्स और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई आरोपी जासूसों तक संदेश पहुंचाने के लिए ऑनलाइन वॉर गेम्स की चैटिंग सुविधा का इस्तेमाल करते थे। इन गेम में वॉयस, वीडियो व टेक्स्ट चैट के साथ मजबूत एन्क्रिप्शन तकनीक का उपयोग होता है। इससे उनकी ट्रैकिंग चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
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वीपीएन के जरिये डाउनलोड कराए गए प्रतिबंधित एप
जांच में सामने आया है कि कई प्रतिबंधित गेमिंग एप वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के माध्यम से डाउनलोड कराए गए। इससे यूजर्स की लोकेशन और पहचान छिपी रहती है। कुछ एप ऐसे भी पाए गए हैं, जिनमें फोन नंबर और ईमेल की जरूरत नहीं होती। इससे यूजर की पहचान गुप्त रहती है। फॉरेंसिक जांच के बाद इन एप की विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।
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रिश्तेदारों के बैंक खातों तक पहुंची जांच
इस मामले में एसआईटी अब तक 24 बैंक खातों की जांच कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार, करीब 40 लाख रुपये की संदिग्ध मनी ट्रेल का खुलासा हुआ है। ये बैंक खाते पश्चिम बंगाल, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े हैं। जांच में पाया गया है कि विदेश से जिन खातों में फंडिंग हुई, वे जन सेवा केंद्र संचालकों और कुछ दुकानों से संबंधित हैं। इसके अलावा आरोपियों के रिश्तेदारों के कुछ बैंक खातों में भी विदेशी फंडिंग के संकेत मिले हैं, जिसकी जांच जारी है।
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पकड़े गए आरोपियों की मनी ट्रेल, सिम कार्ड, मोबाइल में मौजूद गेमिंग एप और उनकी चैट्स की जांच की जा रही है। जांच में अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही पुख्ता साक्ष्यों के साथ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
-धवल जयसवाल, डीसीपी सिटी
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गाजियाबाद। पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के लिए देश के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की जासूसी करने वाले आरोपियों के तौर-तरीकों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जासूसी के आरोपी अपने हैंडलर्स से मोबाइल गेमिंग एप के चैट फीचर के जरिये संपर्क में रहते थे। इसके माध्यम से ही आरोपियों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील ठिकानों की रेकी करने के निर्देश मिलते थे। एजेंसियों की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
हाल में कौशांबी पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनको पूछताछ के बाद जेल भेजा जा चुका है। आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और मनी ट्रेल की गहन जांच की जा रही है।
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सूत्रों के अनुसार, हैंडलर्स और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई आरोपी जासूसों तक संदेश पहुंचाने के लिए ऑनलाइन वॉर गेम्स की चैटिंग सुविधा का इस्तेमाल करते थे। इन गेम में वॉयस, वीडियो व टेक्स्ट चैट के साथ मजबूत एन्क्रिप्शन तकनीक का उपयोग होता है। इससे उनकी ट्रैकिंग चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
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वीपीएन के जरिये डाउनलोड कराए गए प्रतिबंधित एप
जांच में सामने आया है कि कई प्रतिबंधित गेमिंग एप वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) के माध्यम से डाउनलोड कराए गए। इससे यूजर्स की लोकेशन और पहचान छिपी रहती है। कुछ एप ऐसे भी पाए गए हैं, जिनमें फोन नंबर और ईमेल की जरूरत नहीं होती। इससे यूजर की पहचान गुप्त रहती है। फॉरेंसिक जांच के बाद इन एप की विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।
रिश्तेदारों के बैंक खातों तक पहुंची जांच
इस मामले में एसआईटी अब तक 24 बैंक खातों की जांच कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार, करीब 40 लाख रुपये की संदिग्ध मनी ट्रेल का खुलासा हुआ है। ये बैंक खाते पश्चिम बंगाल, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जुड़े हैं। जांच में पाया गया है कि विदेश से जिन खातों में फंडिंग हुई, वे जन सेवा केंद्र संचालकों और कुछ दुकानों से संबंधित हैं। इसके अलावा आरोपियों के रिश्तेदारों के कुछ बैंक खातों में भी विदेशी फंडिंग के संकेत मिले हैं, जिसकी जांच जारी है।
पकड़े गए आरोपियों की मनी ट्रेल, सिम कार्ड, मोबाइल में मौजूद गेमिंग एप और उनकी चैट्स की जांच की जा रही है। जांच में अहम सुराग मिले हैं। जल्द ही पुख्ता साक्ष्यों के साथ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
-धवल जयसवाल, डीसीपी सिटी