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ओला और उबर टैक्सी चालकों ने किया हंगामा
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:55 PM IST
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ola cab
- फोटो : अमर उजाला
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ओला और उबर टैक्सी चालकों ने सोमवार को वैशाली मेट्रो स्टेशन के पास निजी कंपनी के खिलाफ जमकर हंगामा किया। चालकों ने अन्य चालकों की गाड़ियों को रोका और पंचर कर दिया। जिन चालकों ने विरोध किया उनके साथ मारपीट की गई। ओला और उबर टैक्सी चालक करीब दो घंटे तक मेट्रो स्टेशन पर हंगामा करतेे रहे।
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सूचना पर पुलिस को देख वे वहां से फरार हो गए। सोमवार सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में ओला और उबर टैक्सी चालक वैशाली मेट्रो स्टेशन के सामने पहुंचे और हंगामा। उन्होंने यात्रियों को लेकर आने जाने वाली अन्य गाड़ियों को रोककर उन्हें पंचर कर दिया। इस दौरान चालकों ने ओला और उबर की कैब में भी तोड़फोड़ की।
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पीड़ित कैब चालक राजेश कुमार ने बताया कि वह टैक्सी लेकर मोहन नगर की तरफ जा रहे थे। मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे थे कि कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। लोग गाड़ी के पास आ गए और कार में आग लगाने की कोशिश की। उन्होंने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोगों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
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मौके पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही चालक वहां से फरार हो गए। सीओ इंदिरापुरम अनिल कुमार यादव ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। इस दौरान सभी कैब और उबर चालक मौके से फरार हो गए।
मेट्रो स्टेशन के पास हंगामा होने के कारण लोगों को जाम से जूझना पड़ा। सड़क पर गाड़ियां खड़ी होने रोड संकरी हो गई। इसकी वजह से लिंक रोड पर जाम लग गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे में जाम खुलवाया। इसके बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
अखिल भारतीय उपभोक्ता परिषद के पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार राणा ने बताया कि काफी संख्या में लोग अपनी गाड़ियां ओला और उबर कंपनी के लिए चलाते हैं। इन कंपनियों ने जब से अपनी गाड़ियां खरीदी हैं तब से उनकी गाड़ियों को कम राइड दी जा रही है। कंपनी वाले सबसे पहले अपनी गाड़ी को राइड देते हैं।
इतना ही नहीं उन्हें प्रति किलोमीटर पांच से छह रुपये का भुगतान किया जाता है जो कि काफी कम है। तंग गलियों में गाड़ी नहीं जा पाती है। इन गलियों से बुकिंग होती है तो गाड़ी यात्री तक नहीं पहुंच पाती। इस वजह से उन पर कंपनी पैनाल्टी लगाती है। उनकी मांग है कि कंपनी उन्हें सही से भुगतान करे।
दिल्ली जाने के लिए कैब बुक करने की कोशिश की लेकिन कोई भी कैब नहीं मिली। एक कैब मिली भी तो वह भी बीस मिनट में आने का समय दे रही थी। अब किसी तरह मेट्रो स्टेशन पहुंचा हूं। यहां से आटो का इंतजार कर रहा हूं। नीरज यात्री
कहीं भी जाना हो तो कैब से आते जाते हैं। जब से हड़ताल हुई है, कैब नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह से मेट्रो और ऑटो से सफर करना पड़ रहा है। पंकज, यात्री