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Ghaziabad News: गर्मी से बढ़ रहे डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 12:49 AM IST
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Number of patients suffering from diarrhea and dehydration rising due to the heat.
खुर्जा। उमस भरी गर्मी के कारण डायरिया व डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सेठ सूरजमल जटिया चिकित्सालय में फिजिशियन की ओपीडी में आने वाले करीब 50 प्रतिशत मरीज डायरिया और डिहाइड्रेशन से पीड़ित मिल रहे हैं। चिकित्सक लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं। शनिवार को अस्पताल में डायरिया और डिहाइड्रेशन के 221 मरीज पहुंचे।
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शनिवार को सेठ सूरजमल जटिया चिकित्सालय की ओपीडी में 780 से अधिक मरीज पहुंचे, जिनमें दोनों फिजिशियन की ओपीडी में 460 मरीजों का परीक्षण किया गया। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. दिनेश पाल सिंह ने बताया कि मानसून के मौसम में हवा कम चलने के कारण शरीर से अधिक मात्रा में पानी निकल जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है।
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उन्होंने बताया कि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए नियमित रूप से पानी के साथ-साथ जूस, नारियल पानी, ओआरएस या नमक-चीनी का घोल जैसे पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए। शरीर में पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन के साथ डायरिया की आशंका भी बढ़ जाती है।
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डॉ. सिंह ने बताया कि इन दिनों आने वाले मरीजों में शुरुआत में शारीरिक कमजोरी, चक्कर आना, नींद कम आना और बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसके बाद उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगती है। मरीजों की जांच लक्षणों के आधार पर कराई जाती है और जरूरत पड़ने पर उन्हें अस्पताल के वार्ड में भर्ती किया जाता है।


बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित

डॉ. दिनेश पाल सिंह ने बताया कि छोटे बच्चे और बुजुर्ग अपना पर्याप्त ध्यान नहीं रख पाते, इसलिए पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों और वृद्धों में डायरिया व डिहाइड्रेशन के मामले सबसे अधिक सामने आ रहे हैं। उल्टी-दस्त के साथ बुखार, पेट दर्द और सुस्ती इसके प्रमुख लक्षण हैं। समय पर उपचार नहीं मिलने पर किडनी और रक्तचाप संबंधी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं। बढ़ते मरीजों को देखते हुए अस्पताल में ओआरएस काउंटर भी स्थापित किया गया है।
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