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गाजियाबाद : अब एमआईएस-सी की चपेट में छह बच्चे, न करें लापरवाही, बरतें सावधानी, कोरोना के बाद सामने आते ऐसे लक्षण

Mon, 31 May 2021 12:01 AM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 31 May 2021 12:01 AM IST
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Now six children infected of Multi System Inflammatory Syndrome not be negligent take precautions 
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

गाजियाबाद में पोस्ट कोविड में होने वाली मल्टी सिस्टम इंफ्लामेट्री सिंड्रोम (एमआईएस-सी) नामक बीमारी ने 6 बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया है। कौशांबी के एक निजी अस्पताल में दो बच्चों का इलाज चल रहा था, चार डिस्चार्ज हो चुके हैं।

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बच्चों का इलाज करने वाले डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि कोरोना से ठीक होने वाले लोगों में हृदय संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। यह बच्चों में मल्टी सिस्टम इंफ्लामेट्री सिंड्रोम की समस्या हो रही है। अभी बच्चों में यह बहुत कम है। यह कोविड के बाद का लक्षण है। समय से इसका इलाज होने पर बच्चों को भविष्य में दिक्कत खत्म हो जाती है। 
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लेकिन, यदि इसमें लक्षण दिखने के बाद लापरवाही होती है तो वह काफी घातक हो सकता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सुरेंद्र आनंद का कहना है कि एमआईएस-सी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित करने वाली बीमारी है। जब शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता आउट ऑफ कंट्रोल हो जाती है, तब यह बीमारी शरीर के अंगों को खतरनाक
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रूप से प्रभावित करने लगती है। 

यह बीमारी इसलिए खतरनाक है, क्योंकि यह बच्चों के हार्ट, लिवर, किडनी, त्वचा, आंख, फेफड़ा और आंतों को प्रभावित करती है। कई बार तो बच्चों के हार्ट की कोरोनरी आर्टरी को खराब कर देता है और पूरी जिंदगी के लिए बीमारी दे देता है।

यह दिखाई देते हैं लक्षण
कोरोना संक्रमण से ठीक होने के दो से छह सप्ताह के बाद मुख्य रूप से 20 वर्ष से कम उम्र के लोगों में यह बीमारी होती है। बच्चों को तेज बुखार आ जाता है। बच्चों के शरीर का तापमान 101 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर होता है। इस बीमारी में आंखें लाल हो जाती हैं। शरीर पर दाने आना, पेट दर्द, उल्टी, हाथ पैर में सूजन और डायरिया इस बीमारी के मुख्य लक्षण हैं। इसके अलावा

- शरीर पर कहीं खुजली होना और त्वाच का गुलाबी हो जाना।
- आंखों में खुजली का होना।
- लगातार थकान की शिकायत करना- गर्दन व पेट में दर्द होना।
- उल्टियां होना-बच्चों का ब्लड प्रेशर कम हो जाना, हृदय गति प्रभावित होना।
-अचानक दौरे पड़ना या बेहोश हो जाना।
तीन दिन से अधिक बुखार रहे तो तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क।

डॉ. सुरेंद्र के मुताबिक एमआईएस-सी से पीड़ित बच्चे को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। जिन बच्चों में इस बीमारी के लक्षण हैं, उनके परिजन डॉक्टर को यह बताएं कि क्या बच्चा पहले कोरोना से पीड़ित रहा है। अगर बच्चे को तीन दिन से अधिक बुखार रहे तो सचेत होने की जरूरत है। कई बार बच्चों को कोरोना हो जाता है और इसका पता नहीं चलता। ऐसे में ये बीमारी और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकती है।

इलाज महंगा, लेकिन समय पर पहुंचे तो बच सकती है जान
डॉ अजीत का कहना है कि पचास फीसदी बच्चों में इसका पता भी नहीं चलता। यह बीमारी इसलिए भी जटिल है क्योंकि लगभग सभी जांच रिपोर्ट नॉर्मल आती है। एंटीबाडी टेस्ट, सीआरपी टेस्ट, ईको जैसे टेस्ट से पता चलता है कि यह एमआईएस-सी है। इस बीमारी में एक लाख से ज्यादा का खर्च आता है। अगर समय से इस बीमारी का पता चल जाता है तो जान आसानी से बचाई जा सकती है।

पोस्ट कोविड के मरीजों में इस बार कई तरह के साइड इफेक्ट आ रहे हैं। बच्चों के एमआईसीएस बीमारी की चपेट में आने की जानकारी नहीं है। -डॉ एनके गुप्ता, सीएमओ

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