{"_id":"660f0601661981a8d009ccb4","slug":"not-in-elections-still-on-the-lips-of-general-ghaziabad-news-c-30-gbd1015-346754-2024-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: चुनाव में नहीं, फिर भी जुबां पर जनरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: चुनाव में नहीं, फिर भी जुबां पर जनरल
विज्ञापन
गाजियाबाद। 10 साल गाजियाबाद के सांसद रहे जनरल (रिटायर्ड) वीके सिंह भले ही इस बार चुनाव मैदान में नहीं हैं लेकिन भाजपा नेताओं की पर जुबां पर उनका नाम है। टिकट बदले जाने से नाराज और खुश दोनों ही खेमों के साथ-साथ भाजपा के बड़े नेताओं के भाषणों में भी जनरल को जगह मिल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भाजपा के प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में संबोधन रहा हो या फिर उम्मीदवार अतुल गर्ग के नामांकन से पहले हुई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जनसभा, दोनों बड़े नेताओं ने जनरल वीके सिंह के दो बार के सांसद कार्यकाल का जिक्र कर उनकी सराहना की।
इसकी वजह यह मानी जा रही है कि भाजपा वीके सिंह के समर्थकों की नाराजगी नहीं चाहती है। क्षत्रिय मतदाताओं का रुख बदल जाने की भी आशंका है। वीके सिंह ने दोनों चुनाव पांच लाख से ज्यादा मतों से जीते थे। सिर्फ वीके सिंह ही नहीं, रमेश तोमर हों या राजनाथ सिंह, गाजियाबाद सीट से भाजपा के टिकट पर सिर्फ क्षत्रिय उम्मीदवार ही चुनाव जीते हैं। पिछले नौ चुनाव में हर बार क्षत्रिय को टिकट दिया गया था।
सीएम योगी ने की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 मार्च को प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के संबोधन के दौरान कहा कि जनरल वीके सिंह का 10 साल का कार्यकाल अभूतपूर्व रहा। सांसद वीके सिंह के नेतृत्व में गाजियाबाद में सरकार का एक-एक कार्यक्रम आगे बढ़ा है और गाजियाबाद की स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है।
विज्ञापन
राजनाथ सिंह ने भी पीठ ठोकी
तीन अप्रैल को घंटाघर स्थित अतुल गर्ग की नामांकन जनसभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 2014 में जब पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने लखनऊ भेजा तो गाजियाबाद से वीके सिंह को टिकट दिया गया। गाजियाबाद की जनता ने उन्हें दो बार सांसद बनाकर संसद में भेजा। वीके सिंह ने सांसद और केंद्र में मंत्री रहते अपने दायित्वों को बेहद खूबसूरती से निभाया और विकास कार्य कराए। गाजियाबाद कई बड़े विकास कार्य उनके कार्यकाल में हुए हैं।
जेपी नड्डा ने बताई वजह
भाजपाइयों में यह सवाल चल रहा था कि वीके सिंह की जगह अतुल गर्ग को टिकट क्यों दिया गया। इसका जवाब पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिया। दरअसल, अतुल गर्ग ने नड्डा से शिष्टाचार भेंट के दौरान यह सवाल किया कि उन्हें टिकट क्यों मिला। इस पर नड्डा ने बताया कि सर्वे के दौरान उनके नाम को प्राथमिकता ज्यादा मिली। इसी आधार पर टिकट तय किया गया।
विज्ञापन
इसकी वजह यह मानी जा रही है कि भाजपा वीके सिंह के समर्थकों की नाराजगी नहीं चाहती है। क्षत्रिय मतदाताओं का रुख बदल जाने की भी आशंका है। वीके सिंह ने दोनों चुनाव पांच लाख से ज्यादा मतों से जीते थे। सिर्फ वीके सिंह ही नहीं, रमेश तोमर हों या राजनाथ सिंह, गाजियाबाद सीट से भाजपा के टिकट पर सिर्फ क्षत्रिय उम्मीदवार ही चुनाव जीते हैं। पिछले नौ चुनाव में हर बार क्षत्रिय को टिकट दिया गया था।
विज्ञापन
सीएम योगी ने की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 मार्च को प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के संबोधन के दौरान कहा कि जनरल वीके सिंह का 10 साल का कार्यकाल अभूतपूर्व रहा। सांसद वीके सिंह के नेतृत्व में गाजियाबाद में सरकार का एक-एक कार्यक्रम आगे बढ़ा है और गाजियाबाद की स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है।
विज्ञापन
राजनाथ सिंह ने भी पीठ ठोकी
तीन अप्रैल को घंटाघर स्थित अतुल गर्ग की नामांकन जनसभा में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 2014 में जब पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने लखनऊ भेजा तो गाजियाबाद से वीके सिंह को टिकट दिया गया। गाजियाबाद की जनता ने उन्हें दो बार सांसद बनाकर संसद में भेजा। वीके सिंह ने सांसद और केंद्र में मंत्री रहते अपने दायित्वों को बेहद खूबसूरती से निभाया और विकास कार्य कराए। गाजियाबाद कई बड़े विकास कार्य उनके कार्यकाल में हुए हैं।
जेपी नड्डा ने बताई वजह
भाजपाइयों में यह सवाल चल रहा था कि वीके सिंह की जगह अतुल गर्ग को टिकट क्यों दिया गया। इसका जवाब पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिया। दरअसल, अतुल गर्ग ने नड्डा से शिष्टाचार भेंट के दौरान यह सवाल किया कि उन्हें टिकट क्यों मिला। इस पर नड्डा ने बताया कि सर्वे के दौरान उनके नाम को प्राथमिकता ज्यादा मिली। इसी आधार पर टिकट तय किया गया।