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Ghaziabad News: बिजली कनेक्शन के लिए अब नहीं देना होगा ठेकेदारों को पैसा, स्वघोषणा से मिलेगा कनेक्शन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:01 AM IST
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No need to pay contractors for electricity connections anymore; connections will be available via self-declaration.
गाजियाबाद। नया बिजली कनेक्शन लेना अब आसान और सस्ता हो गया है। ऊर्जा निगम ने 50 किलोवाट से कम के कनेक्शन में विद्युत ठेकेदार की टेस्ट रिपोर्ट की बाध्यता खत्म कर दी है। अब आवेदक को केवल स्वघोषणा पत्र देना होगा और उसी के आधार पर कनेक्शन जारी हो जाएगा। इस फैसले से जिले के 200 ए-श्रेणी के विद्युत ठेकेदारों को झटका लगा है, वहीं हर महीने आवेदन करने वाले पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
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अब तक व्यवस्था यह थी कि 50 किलोवाट से कम के घरेलू, व्यावसायिक समेत सात श्रेणियों के कनेक्शन के लिए विद्युत सुरक्षा विभाग से अधिकृत ए-क्लास ठेकेदार की वायरिंग कॉन्ट्रैक्टर्स टेस्ट रिपोर्ट लगाना अनिवार्य था। इसके लिए विभाग की ओर से कोई शुल्क तय नहीं था, लेकिन ठेकेदार इसके नाम पर आवेदकों से 750 से 1000 रुपये तक वसूलते थे। कई बार इससे अधिक राशि भी ली जाती थी। इससे आवेदकों का पैसा और समय दोनों बर्बाद होता था।
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नए आदेश के बाद किसान और नया मकान बना रहे लोगों को भी फायदा होगा। यदि कोई किसान निजी नलकूप या कोई भवन स्वामी अस्थायी कनेक्शन के लिए आवेदन करता है तो उसे भी स्वघोषणा पर ही कनेक्शन मिलेगा।
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आवेदक को कनेक्शन फॉर्म के साथ स्वघोषणा पत्र देना होगा, जिसमें अपने यहां हुई वायरिंग, लगे उपकरणों, फेज की जानकारी और किसी भी हादसे की जिम्मेदारी स्वयं की होने की घोषणा करनी होगी। इसके बाद निगम के अधिकारी कनेक्शन जारी करेंगे।
ऊर्जा निगम जोन-1 के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नियम के अनुसार ठेकेदार को मौके पर जाकर वायरिंग की जांच करनी थी कि लोड के हिसाब से वायरिंग सही है या नहीं। लेकिन अधिकांश ठेकेदारों ने अपनी मुहर और डिजिटल हस्ताक्षर नोटरी वालों को दे रखे थे, जो रटी-रटाई रिपोर्ट पर मुहर लगाकर औपचारिकता पूरी कर देते थे। यह कमाई का जरिया बन गया था। अमर उजाला ने 24 जून 2026 को इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद विभाग ने जांच कराई और खामियां मिलने पर रिपोर्ट शासन को भेजी।

इनका कहना है:
नए आदेश के अनुपालन के लिए बैठक बुलाई गई है। इससे आवेदकों को आर्थिक लाभ और समय की बचत होगी।
- नरेश भारती, मुख्य अभियंता, जोन-2
इन श्रेणियों को मिलेगा लाभ: एलएमवी-1 घरेलू, एलएमवी-2 व्यावसायिक, एलएमवी-4 सार्वजनिक-निजी संस्थान, एलएमवी-5 निजी नलकूप, एलएमवी-9 अस्थायी सप्लाई, एलएमवी-11 ईवी चार्जिंग और एचवी-4 लिफ्ट सिंचाई।
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