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Ghaziabad News: एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर, पांच दिन से बच्चों को नहीं लग रहे टीके
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संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल में प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी। संवाद
गाजियाबाद। बच्चों को समय पर टीके लगवाने और गर्भवतियों की नियमित जांच कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर काट रहे परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नगरीय क्षेत्र में पांच दिन से टीकाकरण प्रभावित है। कई केंद्रों पर बच्चों को टीके नहीं लग पा रहे हैं। गर्भवतियों को भी नियमित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
टीकाकरण सेवा प्रभावित होने से अभिभावकों को अगली तारीख का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी एएनएम के माध्यम से टीकाकरण कराया जा रहा है, लेकिन शहरी क्षेत्र में संविदा कर्मचारियों की हड़ताल का असर अधिक दिखाई दे रहा है।
विजयनगर निवासी हेमचंद ने बताया कि वह अपने पोते को टीका लगवाने के लिए तीन दिन से स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे हैं, लेकिन हर बार हड़ताल का हवाला देकर कर्मचारी उन्हें लौटा देते हैं। वहीं, आकाश नगर निवासी मोहम्मद सगीर ने बताया कि उनकी पत्नी सलमा को दूसरा टीका लगना है। वह कई दिन से उन्हें अलग-अलग केंद्रों पर ले जा रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
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शनिवार को भी जारी रही हड़ताल
एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन पांच अक्तूबर से जारी है। शनिवार को भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्रयोगशालाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। कर्मचारियों के आंदोलन से टीकाकरण के अलावा अन्य चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का एक गुट मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना दे रहा है, जबकि दूसरा गुट लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहा है।
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ की जिला अध्यक्ष हिमानी कौशिक और जिला महामंत्री डॉ. चेतन वर्मा ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए, ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के समायोजन समेत अन्य मांगें भी लंबित हैं। उनका कहना है कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ है।
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12 अक्तूबर को लखनऊ में महाधरने की चेतावनी
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शासन और प्रशासन ने जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश के सभी जनपदों के कर्मचारी 12 अक्तूबर 2026 को लखनऊ कूच करेंगे। वहां प्रदेश स्तरीय शांतिपूर्ण महाधरना दिया जाएगा। हड़ताल लंबी खिंचने से बच्चों के समय पर टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं मिलने को लेकर चिंता बढ़ रही है। ऐसे में आंदोलन के जल्द समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।
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टीकाकरण सेवा प्रभावित होने से अभिभावकों को अगली तारीख का इंतजार करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी एएनएम के माध्यम से टीकाकरण कराया जा रहा है, लेकिन शहरी क्षेत्र में संविदा कर्मचारियों की हड़ताल का असर अधिक दिखाई दे रहा है।
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विजयनगर निवासी हेमचंद ने बताया कि वह अपने पोते को टीका लगवाने के लिए तीन दिन से स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे हैं, लेकिन हर बार हड़ताल का हवाला देकर कर्मचारी उन्हें लौटा देते हैं। वहीं, आकाश नगर निवासी मोहम्मद सगीर ने बताया कि उनकी पत्नी सलमा को दूसरा टीका लगना है। वह कई दिन से उन्हें अलग-अलग केंद्रों पर ले जा रहे हैं, लेकिन हड़ताल के कारण टीकाकरण नहीं हो पा रहा है।
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शनिवार को भी जारी रही हड़ताल
एनएचएम कर्मचारियों का आंदोलन पांच अक्तूबर से जारी है। शनिवार को भी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्रयोगशालाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। कर्मचारियों के आंदोलन से टीकाकरण के अलावा अन्य चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का एक गुट मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर धरना दे रहा है, जबकि दूसरा गुट लखनऊ में अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहा है।
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ की जिला अध्यक्ष हिमानी कौशिक और जिला महामंत्री डॉ. चेतन वर्मा ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए, ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के समायोजन समेत अन्य मांगें भी लंबित हैं। उनका कहना है कि कई बार मांगें उठाने के बावजूद समाधान नहीं हुआ है।
12 अक्तूबर को लखनऊ में महाधरने की चेतावनी
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शासन और प्रशासन ने जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो प्रदेश के सभी जनपदों के कर्मचारी 12 अक्तूबर 2026 को लखनऊ कूच करेंगे। वहां प्रदेश स्तरीय शांतिपूर्ण महाधरना दिया जाएगा। हड़ताल लंबी खिंचने से बच्चों के समय पर टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं मिलने को लेकर चिंता बढ़ रही है। ऐसे में आंदोलन के जल्द समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।