फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   New hospitals have opened but patients are not getting treatment

Ghaziabad News: नए अस्पताल तो खुले पर मरीजों को नहीं मिल पा रहा इलाज

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:58 AM IST
विज्ञापन
New hospitals have opened but patients are not getting treatment
गाजियाबाद। नए अस्पताल खुलने के बावजूद मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। चिकित्सक सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की कमी होने से अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होने पर शासन स्तर से भी नाराजगी जताई थी। लगभग 50 करोड़ की लागत से डूडाहेड़ा व लोनी में 50-50 बेड का संयुक्त अस्पताल शुरू हुए हैं, जबकि बम्हैटा में 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। किसी भी केंद्र पर चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या पूरी नहीं है।
विज्ञापन

डूडाहेड़ा अस्पताल से कर दिया रेफर
भीमनगर निवासी उर्मिला घर में ही फिसलकर गिर गई थीं। वह नजदीकी अस्पताल डूडाहेड़ा इलाज के लिए गईं। वहां डॉक्टर नहीं होने की बात कहकर रेफर कर दिया। उन्होंने निजी अस्पताल में इलाज कराया।
विज्ञापन

नहीं हुई अल्ट्रासाउंड जांच किया वापस
लोनी निवासी राजवीर ने बताया कि कई दिन से उनके पेट में दर्द हो रहा था। वह लोनी में संयुक्त अस्पताल में जांच कराने गए। वहां पर डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह दी। अस्पताल में बताया कि जांच बंद है, कहीं और जाओ। एमएमजी अस्पताल में जांच कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन

35 से ज्यादा केंद्रों पर डॉक्टरों नहीं
जिले में चार जिला स्तरीय अस्पताल, पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 15 एडिशनल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 53 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। शासन स्तर से इन सभी केंद्रों पर डॉक्टरों के 364 पद हैं। इनमें सीएमओ के अधीन नियमित डॉक्टरों के 112 पद हैं, जिनमें से 102 पर नियुक्ति हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा डॉक्टरों के 144 पद हैं, तैनाती केवल 118 पदों पर ही है। पीएचसी और सीएचसी पर डॉक्टरों की कमी के कारण जिला स्तरीय अस्पतालों पर मरीजों का दबाव रहता है। हालत यह है कि 35 से ज्यादा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का डॉक्टर तैनात नहीं है और उनका चार्ज दूसरे डॉक्टरों के पास हैं।

शासनादेश के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्साधिकारी के छह पद और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर का एक पद स्वीकृत है। लेकिन समीक्षा में कुछ सीएचसी पर अधिक और कुछ पर मात्र एक या दो ही चिकित्सक तैनात पाए गए। शासन ने मानक के अनुसार डॉक्टर का समायोजन करने के निर्देश दिए हैं।


जल्द ही डॉक्टर करेंगे ज्वाइन
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत रिक्त पदों के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जल्द ही डॉक्टर ज्वाइन कर लेंगे। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article