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Ghaziabad News: क्रेडिट कार्ड के नाम पर नगर पंचायत के सभासद से 2.90 लाख की ठगी
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डासना। डासना नगर पंचायत के सभासद को अपने क्रेडिट कार्ड का बैंककर्मी को ओटीपी बताना महंगा पड़ा। आरोप है कि बैंककर्मी ने अपने साथी के मिलकर उनके क्रेडिट कार्ड से 2.90 लाख रुपये निकाल लिए। शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर जांच शुरू कर दी।
डासना नगर पंचायत वार्ड नंबर-6 के सभासद आबिद ने बताया कि उन्होंने सरकारी बैंक शाखा डासना से तीन लाख की लिमिट का क्रेडिट कार्ड बनवाया था। बैंक कर्मचारी फुरकान मलिक ने उनसे कहा कि आने वाले दो दिनों में उनका पिन बनवा दिया जाएगा। आठ मई को बैंक के कर्मचारी ने उन्हें पिन बनाने के लिए फोन किया और ओटीपी पूछ लिया। ओटीपी बताने के बाद उनके क्रेडिट कार्ड के जरिए तीन बार मे 2.90 लाख रुपये कट गए। उन्होंने फुरकान को पूरी बात बताई और अगले दिन बैंक जाकर मिले तो आरोपी ने कहा कि यह तकनीकी खराबी के चलते हो गया है। उनके पैसे कुछ ही दिनों में वापस आ जाएंगे। यह भी कहा है कि उनको किसी से शिकायत करने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। कई दिन तक भी जब पैसा वापस नहीं मिला तो उसने बैंक मैनेजर अभिनव से शिकायत की। इस दौरान बैंक मैनेजर ने उन्हें पुलिस में शिकायत करने का सुझाव दिया। इस बारे में एसीपी लिपि नगायच ने बताया कि जांच कराई जा रही है।
एटीएम कार्ड बदलकर 1.21 लाख निकले
गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र के महिंद्रा एनक्लेव में एटीएम कार्ड बदलकर जितेंद्र कुमार के खाते से शातिर ने 1.21 रुपये निकाल लिए। इस मामले में जितेंद्र निवासी महेंद्रा एनक्लेव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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जितेंद्र कुमार ने तिवारी ने बताया कि वह 30 जून को अपने घर के पास एटीएम से नकदी निकालने के लिए गए थे। वह नकदी निकालने के बाद जैसे ही जाने लगे तो एक युवक पीछे से आया और कहने लगा कि आपकी ट्रांजेक्शन अभी चल रही है। एटीएम बंद नहीं हुआ है। जब तक वह उसको बंद नहीं करेंगे तब तक वह पैसा नहीं निकाल पाएगा। उसकी बातों पर भरोसा करके वह दोबारा से एटीएम के अंदर गए और अपना कार्ड लगाकर निकाल लिया। तभी युवक भी पीछे से आया और बोला कि अभी भी ट्रांजेक्शन चल रही है। इसी दौरान उसने बातों में उलझाकर उनका कार्ड बदल दिया। वह दिया हुआ कार्ड लेकर घर चले गए। तभी 20 मिनट बाद ही उनके मोबाइल पर 1.21 लाख रुपये निकलने का मैसेज आया। जब उन्होंने कार्ड ध्यान से देखा तो पता चला कि वह बदला हुआ कार्ड था। इसके बाद उनको ठगी का पता चला। उन्होंने इस मामले में कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस बारे में एसीपी भास्कर वर्मा का कहना है कि मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। खाते में जमा रकम को फ्रीज कराया गया।
उधर, निवेश कराने के नाम पर रीवर हाइट्स सोसायटी निवासी ज्ञान प्रकाश शर्मा से भी साइबर ठगों ने निवेश के नाम पर 1.17 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगों को जब लगा कि वह उनको और पैसा भेजना वाले नहीं हैं तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। इस मामले में भी नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि खाते में रकम जमा को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
97 हजार निकाले
गोविंद विहार निवासी उपदेश कुमार से भी साइबर ठगों 97 हजार रुपए ठग लिए। इस मामले में उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उपदेश कुमार ने बताया कि उनके पास एक मैसेज आया था। उन्होंने जैसे ही लिंक खोला तो निवेश करने की बात सामने आई। इसके बाद उनको ठगों 97 हजार रुपए की चपत लगा दी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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डासना नगर पंचायत वार्ड नंबर-6 के सभासद आबिद ने बताया कि उन्होंने सरकारी बैंक शाखा डासना से तीन लाख की लिमिट का क्रेडिट कार्ड बनवाया था। बैंक कर्मचारी फुरकान मलिक ने उनसे कहा कि आने वाले दो दिनों में उनका पिन बनवा दिया जाएगा। आठ मई को बैंक के कर्मचारी ने उन्हें पिन बनाने के लिए फोन किया और ओटीपी पूछ लिया। ओटीपी बताने के बाद उनके क्रेडिट कार्ड के जरिए तीन बार मे 2.90 लाख रुपये कट गए। उन्होंने फुरकान को पूरी बात बताई और अगले दिन बैंक जाकर मिले तो आरोपी ने कहा कि यह तकनीकी खराबी के चलते हो गया है। उनके पैसे कुछ ही दिनों में वापस आ जाएंगे। यह भी कहा है कि उनको किसी से शिकायत करने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। कई दिन तक भी जब पैसा वापस नहीं मिला तो उसने बैंक मैनेजर अभिनव से शिकायत की। इस दौरान बैंक मैनेजर ने उन्हें पुलिस में शिकायत करने का सुझाव दिया। इस बारे में एसीपी लिपि नगायच ने बताया कि जांच कराई जा रही है।
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एटीएम कार्ड बदलकर 1.21 लाख निकले
गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र के महिंद्रा एनक्लेव में एटीएम कार्ड बदलकर जितेंद्र कुमार के खाते से शातिर ने 1.21 रुपये निकाल लिए। इस मामले में जितेंद्र निवासी महेंद्रा एनक्लेव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
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जितेंद्र कुमार ने तिवारी ने बताया कि वह 30 जून को अपने घर के पास एटीएम से नकदी निकालने के लिए गए थे। वह नकदी निकालने के बाद जैसे ही जाने लगे तो एक युवक पीछे से आया और कहने लगा कि आपकी ट्रांजेक्शन अभी चल रही है। एटीएम बंद नहीं हुआ है। जब तक वह उसको बंद नहीं करेंगे तब तक वह पैसा नहीं निकाल पाएगा। उसकी बातों पर भरोसा करके वह दोबारा से एटीएम के अंदर गए और अपना कार्ड लगाकर निकाल लिया। तभी युवक भी पीछे से आया और बोला कि अभी भी ट्रांजेक्शन चल रही है। इसी दौरान उसने बातों में उलझाकर उनका कार्ड बदल दिया। वह दिया हुआ कार्ड लेकर घर चले गए। तभी 20 मिनट बाद ही उनके मोबाइल पर 1.21 लाख रुपये निकलने का मैसेज आया। जब उन्होंने कार्ड ध्यान से देखा तो पता चला कि वह बदला हुआ कार्ड था। इसके बाद उनको ठगी का पता चला। उन्होंने इस मामले में कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस बारे में एसीपी भास्कर वर्मा का कहना है कि मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। खाते में जमा रकम को फ्रीज कराया गया।
उधर, निवेश कराने के नाम पर रीवर हाइट्स सोसायटी निवासी ज्ञान प्रकाश शर्मा से भी साइबर ठगों ने निवेश के नाम पर 1.17 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। ठगों को जब लगा कि वह उनको और पैसा भेजना वाले नहीं हैं तो उन्होंने संपर्क तोड़ दिया। इस मामले में भी नंदग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि खाते में रकम जमा को फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
97 हजार निकाले
गोविंद विहार निवासी उपदेश कुमार से भी साइबर ठगों 97 हजार रुपए ठग लिए। इस मामले में उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उपदेश कुमार ने बताया कि उनके पास एक मैसेज आया था। उन्होंने जैसे ही लिंक खोला तो निवेश करने की बात सामने आई। इसके बाद उनको ठगों 97 हजार रुपए की चपत लगा दी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।