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मुरादनगर विधानसभा... हिस्सा एनसीआर का, हाल देहात सा
ब्यूरो, अमर उजाला /मुरादनगर
Updated Mon, 06 Feb 2017 12:24 AM IST
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मुरादनगर में टूटी रोड
- फोटो : अमर उजाला
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कहने को तो मुरादनगर विधानसभा क्षेत्र एनसीआर का एक हिस्सा है, लेकिन हालात देहात से भी बदतर हैं। जलालपुर रोड इस बात की गवाही दे रहा है कि जिस जनता का वोट पाकर नेता विधानसभा में पहुंचते है उन्हें लोगों की नाम मात्र भी चिंता नहीं है। टूटी सड़कें, बिजली, पानी की किल्लत इस क्षेत्र की बदहाली की कहानी बयां कर रही है।
जरा सी भी बारिश हो जाए तो इस सड़क पर लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। अब एक बार फिर लुभावनी ‘चासनी’ में लिपटे आश्वासनों को लेकर नेता जी चुनावी ‘दंगल’ में उतरे हैं और विकास के नाम पर वोट मांग रहे है।
मुरादनगर विधानसभा में 10 लाख की आबादी है। गाजियाबाद शहर की कविनगर, राजनगर, गोविंदपुरम, संजय नगर, चिरंजीव विहार समेत कई पॉश कालोनियां इस विधानसभा से जुड़ने के बाद लोगों में उम्मीद जगी थी कि मुरादनगर विधानसभा के दिन बदलेंगे।
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ऐसा नहीं हुआ। वादे सिर्फ वादे ही रहे। वर्तमान में भी मुरादनगर क्षेत्र बदहाल है। जलालपुर रोड इस क्षेत्र को पाइप लाइन मार्ग से जोड़ती है, लेकिन जर्जर है। पांच साल में कई बार सड़क के पुनर्निर्माण की मांग हुई, लेकिन जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया।
मुरादनगर शहर में बड़ी संख्या में पावरलूम है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण वर्तमान में अधिकतर बंद है। पावर कारपोरेशन के बिजली कनेक्शन काटने के कारण हजारों मजदूर बेरोजगार है।
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उच्चशिक्षा के लिए मोदीनगर या गाजियाबाद का सहारा
मुरादनगर विधानसभा से जीते विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री तक रह चुके, लेकिन क्षेत्र में डिग्री कालेज नहीं खुलवा पाए। बेटियों को उच्चशिक्षा के लिए मोदीनगर या गाजियाबाद जाना पड़ रहा है। मुरादनगर से रोजाना करीब दो से तीन हजार युवा पढ़ाई के लिए शहर से बाहर जाते हैं।
क्राइम का गढ़ बना, लोगों की सुरक्षा दांव पर
मुरादनगर क्षेत्र लोनी के बाद ऐसा थाना क्षेत्र है, जिसमें क्राइम सबसे ज्यादा है। अपराध का गढ़ बने मुरादनगर क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा दांव पर लगी है। वर्षों से मुरादनगर को कोतवाली बनाने की मांग हो रही है। वर्तमान में एक एसओ, 13 एसआई, 12 हेड कांस्टेबल, 102 सिपाही और महज 13 महिला सिपाहियों के भरोसे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा है।
प्रत्याशियों की सुनिए
भाजपा प्रत्याशी अजीत पाल त्यागी का कहना है कि मेरे पिता राजपाल त्यागी ने वर्षों क्षेत्र वासियों की सेवा की है। आज भी मेरा परिवार सेवा करता आ रहा है। उनके पिता के कार्यकाल में चहुंमुखी विकास हुआ है। इस बार जीत होने पर क्षेत्र में शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी की किल्लत नहीं रहेगी।
बसपा प्रत्याशी सुधन रावत कहते है कि मुरादनगर विकास में काफी पिछड़ा है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण विकास नहीं हो सका। मुरादनगर देहात बनकर रह गया है। जीतने के बाद मुरादनगर को बदहाली से बाहर निकालकर लाएंगे।
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रालोद प्रत्याशी अजयपाल सिंह का कहना है कि वह रजापुर ब्लाक के प्रमुख भी रहे हैं। जनता जानती है कि अपने कार्यकाल में उन्होंने कितना विकास कराया। मैं विकास के लिए चुनाव में आया हूं और जीतने के बाद चहुंमुखी विकास करूंगा।
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सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी सुरेंद्र गोयल कहते है कि विधायक और सांसद रहते हुए उन्होंने जनता की सेवा की है। हर दुख दर्द में खड़े रहे हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन की जीत के साथ विधानसभा का जबरदस्त विकास होगा।
मुरादनगर विधानसभा में मतदाता
महिला 188801
पुरुष 227945
अन्य 10
कुल 416756
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जरा सी भी बारिश हो जाए तो इस सड़क पर लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। अब एक बार फिर लुभावनी ‘चासनी’ में लिपटे आश्वासनों को लेकर नेता जी चुनावी ‘दंगल’ में उतरे हैं और विकास के नाम पर वोट मांग रहे है।
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मुरादनगर विधानसभा में 10 लाख की आबादी है। गाजियाबाद शहर की कविनगर, राजनगर, गोविंदपुरम, संजय नगर, चिरंजीव विहार समेत कई पॉश कालोनियां इस विधानसभा से जुड़ने के बाद लोगों में उम्मीद जगी थी कि मुरादनगर विधानसभा के दिन बदलेंगे।
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ऐसा नहीं हुआ। वादे सिर्फ वादे ही रहे। वर्तमान में भी मुरादनगर क्षेत्र बदहाल है। जलालपुर रोड इस क्षेत्र को पाइप लाइन मार्ग से जोड़ती है, लेकिन जर्जर है। पांच साल में कई बार सड़क के पुनर्निर्माण की मांग हुई, लेकिन जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया।
मुरादनगर शहर में बड़ी संख्या में पावरलूम है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण वर्तमान में अधिकतर बंद है। पावर कारपोरेशन के बिजली कनेक्शन काटने के कारण हजारों मजदूर बेरोजगार है।
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उच्चशिक्षा के लिए मोदीनगर या गाजियाबाद का सहारा
मुरादनगर विधानसभा से जीते विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री तक रह चुके, लेकिन क्षेत्र में डिग्री कालेज नहीं खुलवा पाए। बेटियों को उच्चशिक्षा के लिए मोदीनगर या गाजियाबाद जाना पड़ रहा है। मुरादनगर से रोजाना करीब दो से तीन हजार युवा पढ़ाई के लिए शहर से बाहर जाते हैं।
क्राइम का गढ़ बना, लोगों की सुरक्षा दांव पर
मुरादनगर क्षेत्र लोनी के बाद ऐसा थाना क्षेत्र है, जिसमें क्राइम सबसे ज्यादा है। अपराध का गढ़ बने मुरादनगर क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा दांव पर लगी है। वर्षों से मुरादनगर को कोतवाली बनाने की मांग हो रही है। वर्तमान में एक एसओ, 13 एसआई, 12 हेड कांस्टेबल, 102 सिपाही और महज 13 महिला सिपाहियों के भरोसे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा है।
प्रत्याशियों की सुनिए
भाजपा प्रत्याशी अजीत पाल त्यागी का कहना है कि मेरे पिता राजपाल त्यागी ने वर्षों क्षेत्र वासियों की सेवा की है। आज भी मेरा परिवार सेवा करता आ रहा है। उनके पिता के कार्यकाल में चहुंमुखी विकास हुआ है। इस बार जीत होने पर क्षेत्र में शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी की किल्लत नहीं रहेगी।
बसपा प्रत्याशी सुधन रावत कहते है कि मुरादनगर विकास में काफी पिछड़ा है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण विकास नहीं हो सका। मुरादनगर देहात बनकर रह गया है। जीतने के बाद मुरादनगर को बदहाली से बाहर निकालकर लाएंगे।
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रालोद प्रत्याशी अजयपाल सिंह का कहना है कि वह रजापुर ब्लाक के प्रमुख भी रहे हैं। जनता जानती है कि अपने कार्यकाल में उन्होंने कितना विकास कराया। मैं विकास के लिए चुनाव में आया हूं और जीतने के बाद चहुंमुखी विकास करूंगा।
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सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी सुरेंद्र गोयल कहते है कि विधायक और सांसद रहते हुए उन्होंने जनता की सेवा की है। हर दुख दर्द में खड़े रहे हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन की जीत के साथ विधानसभा का जबरदस्त विकास होगा।
मुरादनगर विधानसभा में मतदाता
महिला 188801
पुरुष 227945
अन्य 10
कुल 416756