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नगर निगम ने राजनगर एक्सटेंशन में भेजे हाउस टैक्स बिल, रेजिडेंट्स में रोष

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 05:06 PM IST
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Municipal corporation sent house tax bill in Rajnagar extension, fury in residents
राजनगर एक्सटेंशन में भेजे गए बिल की एक कॉपी - फोटो : AMAR UJALA
माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। राज नगर एक्सटेंशन में कूड़ा कलेक्शन से इनकार कर रहे नगर निगम ने सोसायटीओं में हाउस टैक्स के बिल भेजने शुरू कर दिए हैं। बिलों में वर्तमान वित्तीय वर्ष के टैक्स के साथ-साथ कई साल का बकाया टैक्स और 12 फीसदी ब्याज भी जोड़ा गया है। रेजिडेंट्स और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन मैं इन बिलों को लेकर रोष है। उन्होंने टैक्स जमा न करने की चेतावनी दी है। दरअसल राज नगर एक्सटेंशन मैं हाउसिंग सोसायटीओं को प्राइवेट बिल्डरों ने डिवेलप किया है। जीडीए ने इन सोसायटी ओं का नक्शा पास किया है और इनसे डेवलपमेंट चार्ज भी लिया है। अब सबसे बड़ी समस्या इस कॉलोनी की जिम्मेदारी को लेकर बनी हुई है। जीडीए इसे प्राइवेट बिल्डरों की कॉलोनी बताकर यहां मेंटेनेंस और कूड़ा लिफ्टिंग की व्यवस्था नहीं संभाल रहा है वहीं नगर निगम कॉलोनी अभी हैंड ओवर ना होने की बात कहकर यहां कूड़ा और साफ सफाई की व्यवस्था नहीं कर रहा है। इसको लेकर जीडीए, नगर निगम और राजनगर एक्सटेंशन की अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशनो के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। कूड़े को लेकर विवाद अभी थमा भी नहीं था कि नगर निगम में इस क्षेत्र में एक बार फिर हाउस टैक्स के बिल भेजने शुरू कर दिए हैं। निगम के सिटी जोन ने राजनगर एक्सटेंशन की केडीपी ग्रैंड सवाना, बालमुकुंद समेत कई सोसायटी ओं में बिल भेजे हैं। बकाया राशि जोड़ने ने के बाद यह टैक्स बिल 10 से ₹12000 प्रति फ्लैट भेजे गए हैं। इन बिलों को देखकर सोसाइटी के रेजिडेंट गुस्से में है। उनका कहना है कि जब नगर निगम विदाई नहीं दे रहा तो फिर हाउस टैक्स मांगने का भी उसे हक नहीं है। नगर निगम ने टैक्स बिल भले ही भेज दिए हो लेकिन जब तक सुविधाएं नहीं मिलेंगी तब तक वह हाउस टैक्स जमा नहीं करेंगे। ---- कोट नगर निगम ने बीते साल भी हाउस टैक्स बिल भेजे थे लेकिन हमने उनका भी विरोध किया था। जब नगर निगम यहां कूड़ा उठाने तक भी सुविधा नहीं दे रहा तो हाउस टैक्स वसूलने का भी कोई अधिकार नहीं है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दाखिल की जा चुकी है। - गजेंद्र आर्य, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ एओए राज नगर एक्सटेंशन --- जब लोग 1 साल का टैक्स नहीं चुकाने को तैयार नहीं तो नगर निगम बकाया चार-पांच साल का हाउस टैक्स बिल में जोड़कर बढ़ा चढ़ाकर बिल भेज रहा है। लोगों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन राजनगर एक्सटेंशन के लोग तब तक हाउस टैक्स नहीं लेंगे जब तक नगर निगम सुविधा देनी शुरू नहीं करेगा। - वीरेंद्र इंदोलिया, कोषाध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ एओए राज नगर एक्सटेंशन
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