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Ghaziabad News: बीमा पॉलिसी के नाम पर नौ राज्यों के 39 लोगों से दो करोड़ से ज्यादा ठगे
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गाजियाबाद। बीमा पॉलिसी की किस्त जमा नहीं होने और नवीनीकरण का समय पूरा होने पर पॉलिसी बंद होने का डर दिखाकर बीमाधारकों से ठगी करने वाले गिरोह के दो शातिरों को साइबर अपराध थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस को जांच में पता चला कि इन्होंने नौ राज्यों के 39 लोगों से दो करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है। इन्होंने गाजियाबाद रजनी गोयल से चार लाख रुपये और साक्षी से एक लाख रुपये की ठगी की थी। इन्हीं मामलों में ट्रेस करके पुलिस ने इन्हें पकड़ लिया।
एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर गौतमबुद्धनगर के बिसरख निवासी ऋषभ राजपूत और विजयनगर निवासी सुमित कुमार रावत है। ऋषभ मूलरूप से वाराणसी के पांडेपुरी का रहने वाला है। इनके पास से चार मोबाइल, आधार व पैन कार्ड, चार सिम अन्य सामान बरामद किया है। हाल में इनके पास से तीन बैंक खाते मिले हैं। उनमें हुए लेन-देन का आंकलन किया जा रहा है। अनुमान है कि उन्होंने करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी की है।
एडीसीपी ने बताया कि दोनों ने गाजियाबाद की रजनी और साक्षी को कॉल करके उनकी पॉलिसी को लैप्स होने का झांसा देकर रुपये ट्रांसफर करवाए थे। दोनों को व्हाट्सएप पर फर्जी रसीद भी दी थी। इसके जब उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से इस बारे में जानकारी की तो इस फर्जीवाड़े के बारे में पता चला।
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10वीं पास ऋषभ ने बीसीए पास सुमित को 15 हजार रुपये महीने नौकरी पर रखा
एडीसीपी ने बताया पूछताछ में ऋषभ ने बताया कि वह 10वीं पास है। वह पहले एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के नोएडा ऑफिस में काम करता था। वहां से उसने करीब एक लाख लोगों का डाटा चोरी किया और नौकरी छोड़ दी। डाटा में लोगों की पॉलिसी के साथ पीड़ित का नंबर, नॉमिनी और अन्य डिटेल भी थी। इसके बाद उसने लोगों से संपर्क कर झांसा देकर ठगी शुरू कर दी। उसने सुमित को 15 हजार रुपये प्रतिमाह नौकरी पर रख लिया। सुमित लोगों को कॉल करके संपर्क करता है और उनकी पॉलिसी खत्म होने या किस्त बाकी होने की बात कहता। कोई हेड से बात करने के लिए कहता है तो सुमित उसका नंबर दे देता है। वह खुद को मुंबई हेड ऑफिस से बताकर बात करके लोगों को फंसाता है। विश्वास दिलाने के लिए लोगों को रसीद बनाकर भी व्हाट्सएप कर देते हैं।
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फहाद ठगी की रकम के लिए उपलब्ध कराता था बैंक खाते
मामले में फहाद नाम के युवक का भी नाम सामने आया है। पूछताछ में ऋषभ ने बताया फहाद उन्हें सिम और बैंक खाते उपलब्ध कराता है। वह वैशाली में आकर उन्हें सिम और बैंक खातों की डिटेल देता था। इन्हीं खातों में वे ठगी की रकम मंगवाते थे। फहाद इसके बदले में हर ठगी का 25 फीसदी कमीशन लेता था। एडीसीपी ने बताया कि गिरोह के अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिर गौतमबुद्धनगर के बिसरख निवासी ऋषभ राजपूत और विजयनगर निवासी सुमित कुमार रावत है। ऋषभ मूलरूप से वाराणसी के पांडेपुरी का रहने वाला है। इनके पास से चार मोबाइल, आधार व पैन कार्ड, चार सिम अन्य सामान बरामद किया है। हाल में इनके पास से तीन बैंक खाते मिले हैं। उनमें हुए लेन-देन का आंकलन किया जा रहा है। अनुमान है कि उन्होंने करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी की है।
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एडीसीपी ने बताया कि दोनों ने गाजियाबाद की रजनी और साक्षी को कॉल करके उनकी पॉलिसी को लैप्स होने का झांसा देकर रुपये ट्रांसफर करवाए थे। दोनों को व्हाट्सएप पर फर्जी रसीद भी दी थी। इसके जब उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी से इस बारे में जानकारी की तो इस फर्जीवाड़े के बारे में पता चला।
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10वीं पास ऋषभ ने बीसीए पास सुमित को 15 हजार रुपये महीने नौकरी पर रखा
एडीसीपी ने बताया पूछताछ में ऋषभ ने बताया कि वह 10वीं पास है। वह पहले एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के नोएडा ऑफिस में काम करता था। वहां से उसने करीब एक लाख लोगों का डाटा चोरी किया और नौकरी छोड़ दी। डाटा में लोगों की पॉलिसी के साथ पीड़ित का नंबर, नॉमिनी और अन्य डिटेल भी थी। इसके बाद उसने लोगों से संपर्क कर झांसा देकर ठगी शुरू कर दी। उसने सुमित को 15 हजार रुपये प्रतिमाह नौकरी पर रख लिया। सुमित लोगों को कॉल करके संपर्क करता है और उनकी पॉलिसी खत्म होने या किस्त बाकी होने की बात कहता। कोई हेड से बात करने के लिए कहता है तो सुमित उसका नंबर दे देता है। वह खुद को मुंबई हेड ऑफिस से बताकर बात करके लोगों को फंसाता है। विश्वास दिलाने के लिए लोगों को रसीद बनाकर भी व्हाट्सएप कर देते हैं।
फहाद ठगी की रकम के लिए उपलब्ध कराता था बैंक खाते
मामले में फहाद नाम के युवक का भी नाम सामने आया है। पूछताछ में ऋषभ ने बताया फहाद उन्हें सिम और बैंक खाते उपलब्ध कराता है। वह वैशाली में आकर उन्हें सिम और बैंक खातों की डिटेल देता था। इन्हीं खातों में वे ठगी की रकम मंगवाते थे। फहाद इसके बदले में हर ठगी का 25 फीसदी कमीशन लेता था। एडीसीपी ने बताया कि गिरोह के अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।