{"_id":"67117f3c47e9c3fccc02c519","slug":"millet-laddu-will-be-given-to-children-from-next-month-ghaziabad-news-c-30-noi1096-490794-2024-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: अगले महीने से बच्चों को दिया जाएगा बाजरे का लड्डू और भुने चने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: अगले महीने से बच्चों को दिया जाएगा बाजरे का लड्डू और भुने चने
विज्ञापन
गाजियाबाद। मिड-डे-मील के तहत प्राथमिक स्कूल के बच्चों को प्रत्येक बृहस्पतिवार को पूरक पौष्टिक आहार दिया जाएगा। इसके तहत बच्चों को बाजरे व चौलाई का लड्डू, भुने चुने, गजक, गुड़ सहित मूंगफली या तिल की चिक्की दी जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। अभी यह आहार मार्च तक दिया जाएगा।
प्राथमिक स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को अभी मिड-डे-मील के मैन्यू के तहत पूरे सप्ताह भोजन दिया जाता है। जिसमें रोटी-सब्जी, दूध, फल, दाल-चावल, सोयाबीन युक्त तहरी, दाल-रोटी दी जाती है। इसमें सोयाबीन और दाल की बड़ी का प्रयोग जरूरी है। इसके साथ ही अब बच्चों को अतिरिक्त आहार के तौर पर बाजरे व चौलाई का लड्डू, भुने चुने, गुड़ आदि दिया जाएगा।
मिड-डे-मील के जिला समन्यवक टिंकू कंसल ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक बच्चे पर पांच रुपये खर्च किए जाएंगे। इस आहार पर 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार खर्च करेगी। इसका उद्देश्य बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक पदार्थ उपलब्ध कराना है। बच्चों को यह आहार नवंबर महीने से प्रत्येक बृहस्पतिवार को दिया जाएगा। फिलहाल यह योजना मार्च तक जारी रहेगी। इससे जिले के करीब 40 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे।
विज्ञापन
अतिरिक्त पौष्टिक आहार का मैन्यू
बाजरे का लड्डू, चौलाई का लड्डू, भुने चने, मूंगफली की चिक्की, गुड़, तिल की चिक्की
विज्ञापन
प्राथमिक स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को अभी मिड-डे-मील के मैन्यू के तहत पूरे सप्ताह भोजन दिया जाता है। जिसमें रोटी-सब्जी, दूध, फल, दाल-चावल, सोयाबीन युक्त तहरी, दाल-रोटी दी जाती है। इसमें सोयाबीन और दाल की बड़ी का प्रयोग जरूरी है। इसके साथ ही अब बच्चों को अतिरिक्त आहार के तौर पर बाजरे व चौलाई का लड्डू, भुने चुने, गुड़ आदि दिया जाएगा।
विज्ञापन
मिड-डे-मील के जिला समन्यवक टिंकू कंसल ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक बच्चे पर पांच रुपये खर्च किए जाएंगे। इस आहार पर 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार खर्च करेगी। इसका उद्देश्य बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक पदार्थ उपलब्ध कराना है। बच्चों को यह आहार नवंबर महीने से प्रत्येक बृहस्पतिवार को दिया जाएगा। फिलहाल यह योजना मार्च तक जारी रहेगी। इससे जिले के करीब 40 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे।
विज्ञापन
अतिरिक्त पौष्टिक आहार का मैन्यू
बाजरे का लड्डू, चौलाई का लड्डू, भुने चने, मूंगफली की चिक्की, गुड़, तिल की चिक्की