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Ghaziabad News: संदिग्ध परिस्थिति में व्यक्ति की मौत, सुसाइड नोट मिला

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 20 Sep 2023 01:17 AM IST
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Man dies under suspicious circumstances, suicide note found
लोनी। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के पावी इलाके में लोकेश कुमार (42) की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला हैं। सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया हैं। वहीं, परिजनों का दावा है कि बीमार था। उपचार के दौरान मौत हुई हैं। पुलिस सभी बिंदु पर जांच कर रही हैं।
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लोकेश कुमार अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ पावी इलाके में रहते थे। करीब एक वर्ष पूर्व लोकेश की पत्नी अपने बच्चों एक बेटा और दो बेटी को लेकर पति से अलग दिल्ली में रह रही हैं। पुलिस को परिजनों ने बताया कि लोकेश काफी समय से परेशान रहता था। कुछ दिनों पहले उसकी तबीयत भी खराब होने लगी थी। पास के एक डॉक्टर को दिखाया था। आराम नहीं आने पर लोकेश ने अपने एक रिश्तेदार को फोन पर अपने पास बुलाया। मंगलवार को अपने रिश्तेदार के साथ डॉक्टर के पास गया था।
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आराम नहीं मिलने पर डॉक्टर हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिवार के सदस्य लोकेश को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने लोकेश को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को वापस घर लाया गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी रजनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि मृतक की मां और रिश्तेदार ने बीमारी के चलते मौत होना बताया हैं। मौत के बाद किसी अन्य व्यक्ति को मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला।
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एसीपी ने बताया कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग मिलाई जाएगी। हो सकता है कि सुसाइड नोट पहले ही बना लिया हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारणों का पता चलेगा। पुलिस सभी एंगलों पर जांच कर रही हैं।

मेरा शव परिजनों को मत देना

सुसाइड नोट में लिखा कि मैं लोकेश कुमार (42) पुत्र शिवनाथ अपने होश हवास में हूं। यह सुसाइड नोट अपनी मर्जी से लिख रहा हूं, मैं अपनी मौत का जिम्मेदार खुद हूं। अपनी मर्जी से सुसाइड कर रहा हूं। इसमें किसी की कोई गलती नहीं हैं। मेरी मौत के बाद किसी को भी दोषी ठहराया ना जाए।

इसके बाद उसने अपना आधार कार्ड नंबर लिखा हैं। सुसाइड नोट में आगे लिखा है कि मेरे मरने के बाद मेरा शव मेरे घर वालों के हवाले न किया जाए और न ही शव को जलाया जाए। शव को सड़ने और गलने दिया जाए। मेरे घर वालों को दिखाया भी न जाए। बस एक ही तमन्ना है मेरी, ये मानी जाए।
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