{"_id":"5785429c4f1c1b191d13e1de","slug":"mahant-nrsinhanand-relief-the-court-gets-bail","type":"story","status":"publish","title_hn":"महंत नरसिंहानंद को कोर्ट से राहत, मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महंत नरसिंहानंद को कोर्ट से राहत, मिली जमानत
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 13 Jul 2016 01:16 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैराना पलायन प्रकरण में मुख्यमंत्री व राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपने वाले संतों को धमकी देने के प्रकरण में डासना देवी मंदिर के महंत नरसिंहानंद यति को कोर्ट से राहत मिल गई है। एसीजेएम अष्टम कोर्ट ने नरसिंहानंद को बाहर से बाहर ही जमानत दे दी है।
इससे पहले 6 जुलाई को इसी मामले के दूसरे आरोपी अनिल यादव को भी कोर्ट से जमानत मिल गई थी। बता दें कि 24 जून को शहर कोतवाली में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने नरसिंहानंद यति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि कैराना प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपकर शुक्रवार शाम वह चक्रपाणी महाराज और स्वामी कल्याण देव के साथ शताब्दी एक्सप्रेस से लखनऊ से गाजियाबाद लौट रहे थे।
अलीगढ़ के पास शाम 5:34 बजे स्वामी कल्याण देव के फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके (आचार्य प्रमोद कृष्णम) मोबाइल पर 6:14 बजे कॉल आई।
विज्ञापन
फोन करने वाले ने उन्हें भी गालियां दीं और कैराना रिपोर्ट का विरोध करते हुए बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने नरसिंहानंद यति और अनिल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
बाद में पुलिस ने कोर्ट में अर्जी देकर दोनों के गैर जमानती वारंट हासिल कर लिए थे। इसके बाद से ही महंत भूमिगत हो गए थे, जबकि उनके समर्थक उनकी जमानत के प्रयास में जुटे थे।
विज्ञापन
इससे पहले 6 जुलाई को इसी मामले के दूसरे आरोपी अनिल यादव को भी कोर्ट से जमानत मिल गई थी। बता दें कि 24 जून को शहर कोतवाली में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने नरसिंहानंद यति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि कैराना प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपकर शुक्रवार शाम वह चक्रपाणी महाराज और स्वामी कल्याण देव के साथ शताब्दी एक्सप्रेस से लखनऊ से गाजियाबाद लौट रहे थे।
विज्ञापन
अलीगढ़ के पास शाम 5:34 बजे स्वामी कल्याण देव के फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके (आचार्य प्रमोद कृष्णम) मोबाइल पर 6:14 बजे कॉल आई।
विज्ञापन
फोन करने वाले ने उन्हें भी गालियां दीं और कैराना रिपोर्ट का विरोध करते हुए बम से उड़ाने की धमकी दी थी। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने नरसिंहानंद यति और अनिल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
बाद में पुलिस ने कोर्ट में अर्जी देकर दोनों के गैर जमानती वारंट हासिल कर लिए थे। इसके बाद से ही महंत भूमिगत हो गए थे, जबकि उनके समर्थक उनकी जमानत के प्रयास में जुटे थे।