मधुबन बापूधाम योजना: 125 करोड़ से बदलेगी सूरत, सड़क-सीवर-पानी की लाइन होंगी दुरुस्त, जानें और क्या होंगे काम
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण मधुबन बापूधाम योजना पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च करेगा। सड़क, सीवर, पानी, पार्क और थीम पार्क विकसित होंगे। टेंडर जारी है, एक साल में काम पूरा होगा।
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15 साल से अधिक पुरानी मधुबन बापूधाम योजना की सूरत बदलने जा रही है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण यहां सड़क, सीवर, पानी की लाइन और पार्क समेत मूलभूत सुविधाओं पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए प्राधिकरण ने इसी सप्ताह टेंडर जारी किया है। कंपनी चयन के बाद जल्द ही विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।
जीडीए के चीफ इंजीनियर आलोक रंजन ने बताया कि सात सितंबर को टेंडर ऑनलाइन किया गया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और कंपनी फाइनल होने के बाद काम शुरू होगा। लक्ष्य है कि एक साल के भीतर सभी काम पूरे कर लिए जाएं। इससे पुरानी आबादी के साथ नई योजनाओं में बसने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।
प्राधिकरण ने मधुबन बापूधाम के पॉकेट-सी में पांच पार्ट में काम कराने की तैयारी की है। इसमें अधूरी पड़ी सड़कें, नाली, सीवर लाइन, पानी की लाइन और पार्कों को दुरुस्त किया जाएगा। करीब सवा सौ करोड़ रुपये इन सभी पार्ट में खर्च होने हैं। बापूधाम में ही प्राधिकरण का नया दफ्तर भी शिफ्ट किया जाना है, जिसका ढांचा बनकर तैयार हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक हरनंदीपुरम और एयरोसिटी के लॉन्च के साथ ही बापूधाम योजना के सभी अधूरे विकास कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।
थीम पार्क भी विकसित करेगा जीडीए
मूलभूत सुविधाओं के साथ मधुबन बापूधाम में थीम आधारित पार्क और वाटिका भी विकसित की जा रही हैं। यहां गोलचक्कर को खास पार्क के रूप में तैयार किया जा रहा है। प्राधिकरण आनंद वाटिका पर करीब 43 करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है। इसके अलावा कई अन्य थीम पार्क भी यहां तैयार किए गए हैं। हाल ही में जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल ने क्षेत्र में वंदे मातरम वाटिका का शुभारंभ किया था। प्राधिकरण का दावा है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से क्षेत्र में रहने वाले लोगों को बेहतर माहौल मिलेगा।