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Ghaziabad News: बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 30 Mar 2024 01:05 AM IST
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Life imprisonment to father convicted of raping daughter
गाजियाबाद। मुरादनगर क्षेत्र में बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को पॉक्सो कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हर्षवर्धन ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद बेटी पिता को बचाने के प्रयास में अदालत में पहले दिए गए बयान से मुकर गई थी। अदालत ने किशोरी के पहले दिए गए बयान, उसके कपड़ों पर मिले निशान और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पिता को सजा सुनाई है। किशोरी के भाई ने पिता के पक्ष में बयान दर्ज कराते हुए कहा था कि एक अन्य युवक ने उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया था।
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विशेष लोक अभियोजक संजीव बखरवा ने बताया कि 20 नवंबर 2018 को किशोरी के मामा ने मुरादनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामा ने पुलिस को बताया था कि उनकी बहन की दो वर्ष पहले मौत हो चुकी थी। 18 नवंबर की रात वह घर में सो रही थी। सुबह तीन बजे किशोरी के पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी ने घटना के बारे में चाचा को बताया, लेकिन उन्होंने डांट कर चुप करा दिया। इसके बाद उसने फोन करके मामा को जानकारी दी, तब 20 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद पुलिस ने 23 जनवरी 2019 को आरोप पत्र अदालत में पेश किया था। आठ अक्तूबर 2020 से गवाही शुरू हुई थी और 16 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था। 29 मार्च को दोषी करार देने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। पुलिस ने 13 साक्ष्य और छह गवाह पेश किए थे, जबकि बचाव पक्ष की तरफ से किशोरी के भाई ने पिता के पक्ष में बयान दिया था।
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दिमागी हालत ठीक नहीं होने और गुस्से में होने का दिया तर्क
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बयान होने के दौरान किशोरी पिता को जेल से बचाने के प्रयास में पहले दिए गए बयान से मुकर गई थी। किशोरी ने अदालत में दूसरी बार बताया था कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। इसके अलावा उसकी शादी किसी शराबी लड़के से उसके पिता करना चाहते थे, इसलिए गुस्से में आकर पिता के खिलाफ थाने में रिपोर्ट लिखा दी थी। अब वह चाहती है कि उसके पिता जेल से बाहर आ जाएं। वहीं बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि किशोरी के मामा ने उसके पिता से 50 हजार रुपये उधार मांगे थे, नहीं देने पर जबरदस्ती फर्जी मुकदमा लिखवा दिया। यह भी कहा था कि किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को पकड़ने के बजाए पुलिस ने उसे जबरदस्ती फंसा दिया।
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