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गाजियाबाद को मिली लालबत्ती, अतुल गर्ग बने राज्यमंत्री
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 19 Mar 2017 11:16 PM IST
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atul garg
- फोटो : अमर उजाला
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अपनी धमक को बरकरार रख गाजियाबाद ने फिर एक लालबत्ती हासिल कर ली है। महंत आदित्यनाथ के मंत्रीमंडल में पहली बार विधायक बने अतुल गर्ग को जगह दी गई है। भाजपा सरकार में बालेश्वर त्यागी के बाद वह दूसरे विधायक है जिसे लालबत्ती देकर उनका कद बढ़ाया गया है। ऐसे में उनके सामने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की बड़ी चुनौती रहेगी।
1991 से 2002 तक रही भाजपा सरकार में गाजियाबाद से बालेश्वर त्यागी तीन बार मंत्री रहे। उन्हें शिक्षा मंत्री, गृह राज्यमंत्री और पंचायती राज मंत्री जैसे बड़े पोर्टफोलियो दिए गए। अब 14 साल के ‘वनवास’ के बाद सत्ता में वापसी हुई तो भाजपा ने गाजियाबाद को तवज्जो दी है।
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हालांकि माना जा रहा है कि अतुल गर्ग की बजाय पहले साहिबाबाद के विधायक सुनील शर्मा का नाम सबसे आगे था, लेकिन दिल्ली से संगठन के एक बड़े पदाधिकारी की बदौलत उनकी जगह अतुल गर्ग का नाम राज्य मंत्रियों की सूची में शामिल हुआ। अब देखना यह होगा कि उन्हें मंत्रालय कौन सा मिलेगा।
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सत्ता में गाजियाबाद की धमक भाजपा के कार्यकाल में ही नहीं रही, बल्कि अन्य दलों की सरकारों में भी रही है। बसपा और सपा सरकार में पूर्व विधायक राजपाल त्यागी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वहीं सपा सरकार के बीते कार्यकाल में गाजियाबाद में सपा के विधायक न होने के बावजूद कई लालबत्ती दी गई।
यहां व्यापारी नेता रामकिशोर अग्रवाल, आशु मलिक को भी लालबत्ती मिली थी। बसपा शासनकाल में भी कई नेताओं को राज्यमंत्री का दर्जा देकर लालबत्ती दी गई थी।
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दोपहर तक सुनील शर्मा थे मंत्री पद की सूची में
साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा का नाम रविवार दोपहर तक मंत्री पद के लिए फाइनल था। पार्टी सूत्रों की मानें तो उनके नाम पर अंदरखाने मुहर भी लग चुकी थी, घोषणा होनी बाकी थी। रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे सुनील शर्मा की बजाय अतुल गर्ग के नाम पर मुहर लगा दी गई और उन्हें शपथ ग्रहण करने का मैसेज दिया गया।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक संघ से अच्छे रिश्तों की वजह से उन्हें लालबत्ती का यह तोहफा मिला है।
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अतुल गर्ग की पांच प्राथमिकताएं
इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारकर गुड़गांव जैसा शहर बनाएंगे
मलिन बस्तियों का सुधार कराएंगे
स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करेंगे, नया अस्पताल बनवाना
गरीब विधवा पेंशन व अन्य सरकारी मदद दिलाना
सरकारी स्कूलों का सुधार कराकर शिक्षा का स्तर सुधरवाना
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गर्ग की पांच चुनौतियां
शहर में जाम की समस्या का समाधान कराना
बिगड़ी कानून व्यवस्था में सुधार कराना
प्रदूषण और हिंडन नदी को साफ कराने की जिम्मेदारी
बिजली आपूर्ति में सुधार कराना
गन्ना किसानों का भुगतान व कर्जा माफ कराना
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कोट
पार्टी का बड़ा निर्णय है कि पहली बार विधायक बनने के बावजूद मंत्रीपद देकर सम्मान बढ़ाया है। पार्टी और जनता के विश्वास पर खरा उतरूंगा। जनता के लिए दिन-रात उपलब्ध रहूंगा और काम करूंगा। - अतुल गर्ग, राज्यमंत्री
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नई जिम्मेदारी को संभालने में अतुल का साथ देंगी पत्नी
रविवार को जैसे ही विधायक अतुल गर्ग को राज्य मंत्री बनाने की घोषणा हुई, उनके घर पर खुशी का माहौल छा गया। घर पर पत्नी को बधाई देने वाले लोगों का तांता लग गया। लोगों ने उनकी पत्नी को मिठाई खिलाकर बधाई दी। हालांकि उनकी पत्नी सुधा गर्ग को मलाल है कि वह समारोह में पहुंचकर पति को शपथ लेते हुए नहीं देख पाई।
राज्यमंत्री बने अतुल गर्ग की पत्नी ने कहा कि राज्यमंत्री की बात चल तो रही थीं, लेकिन यह निश्चित नहीं था कि वे मंत्री मंडल में शामिल होंगे। पहले से ही तय होता तो वह पति के साथ लखनऊ जातीं और पति को मंत्री पद की शपथ लेते हुए लाइव देखतीं।
सुधा गर्ग ने कहा कि बेहद खुशी हो रही है और यह भी है कि अब जिम्मेदारी और बड़ी हो गई है, जिसे वे लोग निभाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, उसमें वे हर पल पति का साथ देंगी। खुशी से बोलते हुए सुधा गर्ग ने कहा कि किस्मत बहुत अच्छी थी, हमें उम्मीद तो थी कि शायद मंत्री पद मिलेगा लेकिन फिर भी दिल में घबराहट थी।
सुधा गर्ग ने कहा जनता ने जिस विश्वास से जिताया है अब न केवल स्वयं अतुल गर्ग बल्कि उनका पूरा परिवार उस विश्वास पर खरा उतरेगा और जनसेवा में मिलकर काम करेगा।