कब-कब हिंसक हुआ किसान आंदोलन: लाल किला हिंसा और करनाल लाठीचार्ज में भी गई थी किसानों की जान, अब खीरी में बवाल
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन लखीमपुर खीरी से पहले भी तीन बार हिंसक रूप ले चुका है। इस आंदोलन में अब तक कई किसानों की मौत हो चुकी है।
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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन लखीमपुर खीरी से पहले भी हिंसक हो चुका है। यह आंदोलन इससे पहले तीन बार हिंसा में बदल चुका है। आंदोलन में कई किसानों की मौत हो चुकी है। फिर चाहे दिल्ली में 26 जनवरी को हुई ट्रैक्टर परेड हो या फिर हरियाणा करनाल में हुआ लाठीचार्ज। 23 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जारी सूची के अनुसार, किसान आंदोलन में कुल 605 किसानों की मौत हो चुकी है। एक नजर डालते हैं कि कब-कब यह आंदोलन हिंसक हुआ...
दो अक्तूबर 2018, यूपी-दिल्ली के बीच गाजीपुर बॉर्डर
हरिद्वार से 23 सितंबर को चली किसानों की पदयात्रा 2 अक्तूबर 2018 को यूपी-दिल्ली स्थित गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंची। दिल्ली पुलिस ने किसानों को राजधानी में एंट्री करने से रोक दिया। प्रतिरोध करने पर किसानों पर आंसू गैस के गोले बरसाए। पानी की बौछार की। किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां भी चलाईं।
26 जनवरी 2021, लाल किला, दिल्ली
दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर धरने पर बैठे किसानों ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकाली। पुलिस ने लाल किला जा रहे किसानों को रोकने के लिए कई जगह आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की मौत हो गई। इस हिंसा में 500 से ज्यादा किसानों पर करीब 48 मुकदमे दर्ज हुए। इस घटना में डेढ़ दर्जन से ज्यादा किसानों को जेल जाना पड़ा।
28 अगस्त 2021, करनाल, हरियाणा
हरियाणा के करनाल में टोल प्लाजा के नजदीक भी तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें एक किसान की मौत हो गई। इसे लेकर चार दिन तक हजारों किसानों ने करनाल में लघु सचिवालय का घेराव किए रखा था।
3 अक्तूबर 2021, लखीमपुर खीरी, यूपी
26 सितंबर को लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने एक जनसभा में विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम आपको सुधार देंगे, दो मिनट लगेंगे। इसके बाद किसानों ने मंत्री का विरोध शुरू कर दिया। 3 अक्तूबर को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा और प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को एक कार्यक्रम में पहुंचना था। किसानों ने उनके हेलीपेड पर कब्जा कर लिया। इसके बाद जब किसान लौट रहे थे तो कुछ गाड़ियों ने उन्हें टक्कर मार दी। इसमें कई किसानों की मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित किसानों ने दो गाड़ियों में आग लगा दी।