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Ghaziabad News: निधि लेखा परीक्षा विभाग के आडिट में जीडीए में करोडों की अनियमितता का खुलासा
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गाजियाबाद। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग के आडिट में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण में 500 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितता का खुलासा हुआ है। चार साल पहले किए गए आडिट की रिपोर्ट जारी कर दी गई है। सबसे अधिक नुकसान जीडीए को यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन तक बनी एलिवेटेड रोड से हुआ है। रोड के निर्माण पर 319. 55 करोड़ रुपये खर्च के विरुद्ध 21. 32 करोड़ एलिवेटेड फीस मद में आय के कारण प्राधिकरण की निधि पर 298.33 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार 2016-17 में 74 और 2017-2018 में 12 विकासकारी योजनाओं में गड़बड़ी पाई गई है। बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए अधिकारियों की मिलीभगत से प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी है। जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें किसी आडिट रिपोर्ट की जानकारी अभी नहीं मिली है। रिपोर्ट देखने के बाद ही इस विषय में कुछ बता सकते हैं।
लाग बुक में बिना इंट्री के कर दिया छह करोड़ का भुगतान
डीजल का भुगतान करने में भी अनियमितता का मामला सामने आया है। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की आडिट रिपोर्ट के अनुसार 2016-2017 में जीडीए ने इंदिरापुरम के यदु फ्यूल पंप से सीवर जेटिंग मशीन, सुपर शाकर मशीन के लिए जो डीजल लिया उसकी इंट्री वाहनों की लाग बुक में नहीं की गई। बिना इंट्री 6 करोड़ 19 लाख 380 रुपये का भुगतान किया गया।
- बिना परफॉरमेंस गांरटी के ही विकास कार्य कराने और 1,20,05,626.00 का अनियमित भुगतान किया गया।
- 48 स्टाफ भवनों को आवंटित न किए जाने के फलस्वरूप 13,34,160.00 का सालाना आर्थिक क्षति।
- 2017-2018 में नीलामी द्वारा आवंटित व्यवसायिक भूंखड की बकाया किस्तें जमा न किए जाने से प्राधिकरण को 147,59,04,687.00 की आर्थिक क्षति।
- मेट्रो परियोजना के लिए भूमि मूल्य सहित अन्य मद में कुल 643.20 करोड़ रुपये 31 मार्च 2017 तक खर्च करने के सापेक्ष प्राधिकरण द्वारा मेट्रो सेस या मेट्रो वेटरमेंट चार्ज की वसूली 2.98 करोड़ की गई। इससे जीडीए की निधि पर अतिरिक्त व्यय भार बढ़ा।
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लाग बुक में बिना इंट्री के कर दिया छह करोड़ का भुगतान
डीजल का भुगतान करने में भी अनियमितता का मामला सामने आया है। स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग की आडिट रिपोर्ट के अनुसार 2016-2017 में जीडीए ने इंदिरापुरम के यदु फ्यूल पंप से सीवर जेटिंग मशीन, सुपर शाकर मशीन के लिए जो डीजल लिया उसकी इंट्री वाहनों की लाग बुक में नहीं की गई। बिना इंट्री 6 करोड़ 19 लाख 380 रुपये का भुगतान किया गया।
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- बिना परफॉरमेंस गांरटी के ही विकास कार्य कराने और 1,20,05,626.00 का अनियमित भुगतान किया गया।
- 48 स्टाफ भवनों को आवंटित न किए जाने के फलस्वरूप 13,34,160.00 का सालाना आर्थिक क्षति।
- 2017-2018 में नीलामी द्वारा आवंटित व्यवसायिक भूंखड की बकाया किस्तें जमा न किए जाने से प्राधिकरण को 147,59,04,687.00 की आर्थिक क्षति।
- मेट्रो परियोजना के लिए भूमि मूल्य सहित अन्य मद में कुल 643.20 करोड़ रुपये 31 मार्च 2017 तक खर्च करने के सापेक्ष प्राधिकरण द्वारा मेट्रो सेस या मेट्रो वेटरमेंट चार्ज की वसूली 2.98 करोड़ की गई। इससे जीडीए की निधि पर अतिरिक्त व्यय भार बढ़ा।
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