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Ghaziabad News: जमीन नहीं मिलने से अटक गया 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 02 Apr 2025 01:02 AM IST
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Investment of 20 thousand crores got stuck due to non-availability of land
अनुराग श्रीवास्तव
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गाजियाबाद। जमीन के दाम लगातार बढ़ते जाने से नए उद्योग लगाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। स्थिति यह है कि 20 हजार करोड़ रुपये के 140 प्रोजेक्ट के लिए दो साल में जमीन नहीं मिल सकी है। जमीन का इंतजाम यूपीसीडा को कराना है। उद्यमी लगातार जमीन की मांग कर रहे हैं लेकिन निराशा ही मिल रही है। दो साल पहले यूपी इन्वेस्टर्स समिट में गाजियाबाद के लिए एक लाख करोड़ से अधिक के निवेश के प्रस्ताव आए थे। कुल 220 इकाइयां स्थापित की जानी थीं। इनमें से 80 ही लग पाई हैं। 140 के लिए जमीन का इंतजाम नहीं हो पाया है। ये छोटी इकाइयां हैं। इन्हें लगाने का प्रस्ताव देने वाले उद्यमी जमीन खरीदकर उद्योग लगाने की स्थिति में नहीं है। उद्यमियों की ओर से यूपीसीडा से कहा गया है कि अगर जमीन मिलेगी, तो ही प्रोजेक्ट लगा पाएंगे। उन्होंने प्रोजेक्ट लगाने के लिए शासन के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे लेकिन अब हाथ पीछे खींच रहे हैं।
उनका तर्क है कि जमीन की कीमत बहुत ज्यादा है। अगर खुद जमीन खरीदेंगे तो प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाएगी। एमएसएमई सेक्टर के उद्योग लगाने के लिए 1000 वर्ग मीटर से 2500 वर्ग मीटर तक जमीन की जरूरत है। पचास लाख से पांच करोड़ तक के बजट में प्रोजेक्ट लगाए जाने हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन खाली नहीं बची है। ऐसे में यूपीसीडा की ओर से जमीन मुहैया नहीं कराई जा रही है।
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1077 एकड़ भूमि पर किसानों ने नहीं दिया कब्जा
ट्रॉनिका सिटी के पास औद्योगिक क्षेत्र बसाने के लिए आलियाबाद की 230 एकड़, पचायरा की 285 एकड़ और मीरपुर हिंदू गांव की 562 एकड़ जमीन ली गई है। तीन गांवों की 1077 एकड़ उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक प्राधिकरण ने अधिग्रहण के जरिये नहीं बल्कि किसानों से करार के आधार पर खरीदी है। किसानों को जमीन की रकम का भुगतान किया जा चुका है। अब निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराए जाने के लिए विभाग की ओर से इसे विकसित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन किसान कब्जा नहीं दे रहे हैं।
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जमीन का इंतजार
केआरएस नेटवर्क ग्रुप : 10 हजार करोड़
डासना कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड : दो हजार करोड़
महादेव इंडस्ट्री : 500 करोड़
श्री वरधान इंडस्ट्री : 100 करोड़
हरलाल गुप्ता एंड संस : 30 करोड़
( इनके अलावा और भी छोटे बड़े कई उद्योगों के प्रस्ताव हैं )

वर्जन
यूपीसीडा के पास अभी कहीं जमीन नहीं है। अगर जमीन मिलती है तो पहले औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद आवेदन के हिसाब से जमीन का आवंटन किया जाएगा।

प्रदीप सत्यार्थी, आरएम यूपीसीडा
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