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Ghaziabad News: फर्जी इकरारनामा और 50 लाख की रंगदारी मांगने में जांच के आदेश
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गाजियाबाद। वेव सिटी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद, फर्जी इकरारनामा और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोपों को लेकर अदालत ने सख्त कदम उठाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-8 ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार मेसर्स सारेसामग रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दाखिल अर्जी में बताया गया कि वर्ष 2009 से 2011 के बीच कंपनी ने चमन, रविंद्र समेत अन्य लोगों से जमीन खरीदने का सौदा किया था। कंपनी ने पूरी रकम का भुगतान कर जमीन पर कब्जा भी ले लिया और प्रोजेक्ट का कार्य शुरू कर दिया। अर्जी में आरोप लगाया गया कि करीब 14 साल बाद विपक्षी ने उसी जमीन का किसी अन्य व्यक्ति के नाम फर्जी इकरारनामा बना दिया।
इसके बाद 8-10 अज्ञात लोग कंपनी परिसर में घुस आए। उन्होंने 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध दस्तावेज और तथ्यों के आधार पर माना कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। कोर्ट ने वेव सिटी थाना प्रभारी को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार जांच करने का आदेश दिया है।
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अदालत से मिली जानकारी के अनुसार मेसर्स सारेसामग रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दाखिल अर्जी में बताया गया कि वर्ष 2009 से 2011 के बीच कंपनी ने चमन, रविंद्र समेत अन्य लोगों से जमीन खरीदने का सौदा किया था। कंपनी ने पूरी रकम का भुगतान कर जमीन पर कब्जा भी ले लिया और प्रोजेक्ट का कार्य शुरू कर दिया। अर्जी में आरोप लगाया गया कि करीब 14 साल बाद विपक्षी ने उसी जमीन का किसी अन्य व्यक्ति के नाम फर्जी इकरारनामा बना दिया।
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इसके बाद 8-10 अज्ञात लोग कंपनी परिसर में घुस आए। उन्होंने 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध दस्तावेज और तथ्यों के आधार पर माना कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है। कोर्ट ने वेव सिटी थाना प्रभारी को संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार जांच करने का आदेश दिया है।
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