{"_id":"6670b13b6f34dca1b40acf94","slug":"industries-grew-eight-times-in-four-years-figure-crossed-125-lakh-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-399874-2024-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: चार साल में आठ गुना बढ़े उद्योग, सवा लाख के पार पहुंचा आंकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: चार साल में आठ गुना बढ़े उद्योग, सवा लाख के पार पहुंचा आंकड़ा
विज्ञापन
योगेश शर्मा
गाजियाबाद। देश के आर्थिक विकास और प्रदेश की तरक्की में गाजियाबाद अहम भूमिका निभा रहा है। चार साल में यहां उद्योगों की संख्या आठ गुना बढ़कर सवा लाख के आंकड़े को पार कर गई है। इतना ही नहीं सबसे ज्यादा उद्यम पंजीकरण कराने में गाजियाबाद जिला प्रदेश में दूसरे पायदान पर आ गया है। दिलचस्प बात यह है कि जिले में सूक्ष्म उद्योगों का दायरा सबसे तेज गति से बढ़ा है। इस श्रेणी के उद्योगों की संख्या 1.9 लाख से ज्यादा हो गई है। मसलन, लगभग 10 लाख भवनों वाले इस जिले के हर दसवें भवन में कोई न कोई सूक्ष्म उद्योग चल रहा है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 में उद्यम पंजीकरण कराने वाली सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की संख्या 16,969 दर्ज की गई थी, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 में बढ़कर 1,14,360 हो गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 जून तक यह आंकड़ा 1,28,415 तक पहुंच गया है। उद्यम पंजीकरण में 1.45 लाख के आंकड़े के साथ लखनऊ नंबर एक गाजियाबाद नंबर दो और 1.14 लाख पंजीकरण के साथ नोएडा तीसरे नंबर पर है। गाजियाबाद जिले में पंजीकृत सबसे अधिक सूक्ष्म श्रेणी उद्योग हैं, जिनकी संख्या 1,09,842 दर्ज की गई है, जबकि लघु उद्योगों की संख्या 4,075 और मध्यम श्रेणी के उद्योगों की संख्या 443 दर्ज की गई है। उद्योगों की संख्या बढ़ी तो रोजगार बढ़ना भी लाजमी है। रिपोर्ट के अनुसार हर साल औसतन दो लाख लोगों को गाजियाबाद में रोजगार मिला है। यानी 8.52 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
-- -- --
कोरोना की आपदा को बनाया अवसर
कोरोना के वैश्विक संकट के दौरान उद्योग-धंधे बंद होने के कगार पर पहुंच गए थे, लेकिन गाजियाबाद के लोगों ने आपदा के इस दौर को अवसर में बदल दिया। वर्ष 2020-21 के बाद से उद्यम पंजीकरण की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। इस वर्ष इनकी संख्या 15,151 थी जो वर्ष 2023-24 तक बढ़कर 1.09 लाख से ज्यादा हो गई। वर्ष 2022 के बाद सूक्ष्म उद्योगों की संख्या में दिन दोगुना रात चोगुना इजाफा हुआ। आत्मनिर्भर भारत की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए जनपद के लोगों ने स्वरोजगार की राह चुनी। हालाकि, बीते तीन साल में लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों की संख्या में लगातार कमी भी दर्ज की गई।
विज्ञापन
-- -- --
...लेकिन चुनौतियां बरकरार
- रेलवे ओवर ब्रिज : मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र के लगभग तीन हजार उद्योगों को फाटक के कारण झेलनी पड़ रही परेशानी।
- जर्जर सड़कें : औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या उद्योगों की बड़ी समस्या का कारण है।
- ट्रांसपोर्ट नगर : एक लाख से ज्यादा उद्योगों वाले गाजियाबाद जैसे पुराने शहर में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने से हो रही परेशानी।
- सफाई-अतिक्रमण : औद्योगिक क्षेत्रों में साफ-सफाई की कमी और बढ़ता अतिक्रमण भी उद्योग बंधुओं की परेशानी बना है।
-- -- -
साल दर साल ऐसे बढ़ा उद्योगों का दायरा
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्ष उद्योगों की संख्या रोजगार
2020-21 16,969 1,78,739
2021-22 24,827 1,59,479
2022-23 32,671 3,05,080
2023-24 39,893 2,09,359
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
औद्योगिक शहर के रूप में गाजियाबाद अपनी पहचान बना रहा है। यह सरकार की सकारात्मक नीतियों का ही नतीजा है कि उद्योगों की संख्या में तेजी से इजाफा दर्ज किया जा रहा है। जिस गति से उद्योग बढ़ रहे हैं बहुत जल्द प्रदेश में हम पहले स्थान पर होंगे।
- श्रीनाथ पासवान, उपायुक्त-उद्योग
-- -- -
यह अच्छी बात है कि गाजियाबाद में उद्योगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, लेकिन कई बड़ी समस्याएं बरकरार हैं। उद्योगों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाएगा तो औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।
- राकेश अनेजा, चेयरमैन आईआईए-गाजियाबाद चैप्टर
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
गाजियाबाद। देश के आर्थिक विकास और प्रदेश की तरक्की में गाजियाबाद अहम भूमिका निभा रहा है। चार साल में यहां उद्योगों की संख्या आठ गुना बढ़कर सवा लाख के आंकड़े को पार कर गई है। इतना ही नहीं सबसे ज्यादा उद्यम पंजीकरण कराने में गाजियाबाद जिला प्रदेश में दूसरे पायदान पर आ गया है। दिलचस्प बात यह है कि जिले में सूक्ष्म उद्योगों का दायरा सबसे तेज गति से बढ़ा है। इस श्रेणी के उद्योगों की संख्या 1.9 लाख से ज्यादा हो गई है। मसलन, लगभग 10 लाख भवनों वाले इस जिले के हर दसवें भवन में कोई न कोई सूक्ष्म उद्योग चल रहा है।
जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 में उद्यम पंजीकरण कराने वाली सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की संख्या 16,969 दर्ज की गई थी, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 में बढ़कर 1,14,360 हो गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 10 जून तक यह आंकड़ा 1,28,415 तक पहुंच गया है। उद्यम पंजीकरण में 1.45 लाख के आंकड़े के साथ लखनऊ नंबर एक गाजियाबाद नंबर दो और 1.14 लाख पंजीकरण के साथ नोएडा तीसरे नंबर पर है। गाजियाबाद जिले में पंजीकृत सबसे अधिक सूक्ष्म श्रेणी उद्योग हैं, जिनकी संख्या 1,09,842 दर्ज की गई है, जबकि लघु उद्योगों की संख्या 4,075 और मध्यम श्रेणी के उद्योगों की संख्या 443 दर्ज की गई है। उद्योगों की संख्या बढ़ी तो रोजगार बढ़ना भी लाजमी है। रिपोर्ट के अनुसार हर साल औसतन दो लाख लोगों को गाजियाबाद में रोजगार मिला है। यानी 8.52 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
विज्ञापन
कोरोना की आपदा को बनाया अवसर
कोरोना के वैश्विक संकट के दौरान उद्योग-धंधे बंद होने के कगार पर पहुंच गए थे, लेकिन गाजियाबाद के लोगों ने आपदा के इस दौर को अवसर में बदल दिया। वर्ष 2020-21 के बाद से उद्यम पंजीकरण की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। इस वर्ष इनकी संख्या 15,151 थी जो वर्ष 2023-24 तक बढ़कर 1.09 लाख से ज्यादा हो गई। वर्ष 2022 के बाद सूक्ष्म उद्योगों की संख्या में दिन दोगुना रात चोगुना इजाफा हुआ। आत्मनिर्भर भारत की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए जनपद के लोगों ने स्वरोजगार की राह चुनी। हालाकि, बीते तीन साल में लघु और मध्यम श्रेणी के उद्योगों की संख्या में लगातार कमी भी दर्ज की गई।
विज्ञापन
...लेकिन चुनौतियां बरकरार
- रेलवे ओवर ब्रिज : मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र के लगभग तीन हजार उद्योगों को फाटक के कारण झेलनी पड़ रही परेशानी।
- जर्जर सड़कें : औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या उद्योगों की बड़ी समस्या का कारण है।
- ट्रांसपोर्ट नगर : एक लाख से ज्यादा उद्योगों वाले गाजियाबाद जैसे पुराने शहर में ट्रांसपोर्ट नगर नहीं होने से हो रही परेशानी।
- सफाई-अतिक्रमण : औद्योगिक क्षेत्रों में साफ-सफाई की कमी और बढ़ता अतिक्रमण भी उद्योग बंधुओं की परेशानी बना है।
साल दर साल ऐसे बढ़ा उद्योगों का दायरा
वर्ष उद्योगों की संख्या रोजगार
2020-21 16,969 1,78,739
2021-22 24,827 1,59,479
2022-23 32,671 3,05,080
2023-24 39,893 2,09,359
औद्योगिक शहर के रूप में गाजियाबाद अपनी पहचान बना रहा है। यह सरकार की सकारात्मक नीतियों का ही नतीजा है कि उद्योगों की संख्या में तेजी से इजाफा दर्ज किया जा रहा है। जिस गति से उद्योग बढ़ रहे हैं बहुत जल्द प्रदेश में हम पहले स्थान पर होंगे।
- श्रीनाथ पासवान, उपायुक्त-उद्योग
यह अच्छी बात है कि गाजियाबाद में उद्योगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, लेकिन कई बड़ी समस्याएं बरकरार हैं। उद्योगों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाएगा तो औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।
- राकेश अनेजा, चेयरमैन आईआईए-गाजियाबाद चैप्टर