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ठेका न मिला तो पार्षद ने जबरन बनवाई हैंडपंप ठेके की फाइलें
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Mon, 26 Sep 2016 12:30 AM IST
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हैंडपंप
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम में रिश्तेदारों के नाम पर पार्षदों के ठेकेदारी का मामला शांत भी न हुआ कि एक पार्षद ने जलकल विभाग में हैंडपंप लगाने का काम भाई को दिलवाने के जबरन फाइलें बनवा लीं। मामला सिटी जोन का है। पार्षद के दबाव में जलकल विभाग के एक जेई ने कई फाइलें बना भी दीं, लेकिन पार्षद अब पूरे सिटी जोन के वार्डों में काम चाहता है।
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ऐसे में शर्तों के खिलाफ जाकर फाइलें तैयार करने में अब निगम के इंजीनियर भी कतरा रहे हैं।दरअसल, नगर निगम ने बीते दिनों नए हैंडपंप लगाने और रीबोर के रेट ठेकेदारों से मांगे थे। इसमें सबसे कम रेट जेएस इलेक्ट्रिकल नाम की फर्म ने डाले थे।
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इस फर्म ने नए हैंडपंप के लिए करीब 64 हजार और रीबोर के लिए 51 हजार रुपये का रेट दिया था, बाकी फर्मों के रेट इससे ज्यादा थे। इस प्रतिस्पर्द्धा में पिछड़ने के बावजूद अब सिटी जोन क्षेत्र के एक वार्ड के पार्षद अपने भाई की फर्म को काम देने का दबाव बना रहे हैं।
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निगम सत्रों की मानें तो पार्षद अब तक 15 से ज्यादा फाइलें जेई और एई पर दबाव डालकर बनवा चुके हैं। ऐसे में प्रतिस्पर्द्धा में क्वालीफाई हुई फर्म ने अगर आपत्ति जताई तो पार्षद और अधिकारियों के लिए जवाब देना भारी हो सकता है। हालांकि जलकल विभाग के अधिकारी इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
हालांकि एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। चर्चा है कि फाइल बनवाने वाले पार्षद निगम अधिकारियों के करीबी हैं। यही वजह है कि जलकल इंजीनियरों ने पार्षद के कहने पर कई फाइलें बना भी दी हैं।