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Ghaziabad News: दहेज प्रताड़ना मामले में पति को दो साल की सजा, सास-जेठ और जेठानी बरी
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गाजियाबाद। दहेज के लिए पत्नी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित और पिटाई करने के करीब दस साल पुराने मामले में अदालत ने पति को दोषी करार दिया है। त्वरित न्यायालय-1 (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) की पीठासीन अधिकारी स्नेहा सिंह ने पति प्रवीण कुमार को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। सास रोशनी, जेठ पंकज और जेठानी निशा को साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
मामले के अनुसार, पीड़िता मंजू का विवाह 10 फरवरी 2012 को मोदीनगर निवासी प्रवीण कुमार के साथ हुआ था। विवाह में सामर्थ्य से अधिक खर्च करते हुए करीब 22 लाख रुपये, कार और नकदी सहित अन्य सामान दिया था। आरोप था कि ससुराल पक्ष दहेज से संतुष्ट नहीं था। मंजू को अतिरिक्त दहेज के लिए परेशान करने लगे। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि पति और ससुराल पक्ष के लोग 10 लाख रुपये नकद और होंडा सिटी कार की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। आरोप था कि पति उसे कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटता था। 2 दिसंबर 2013 को हुई मारपीट में मंजू के कान का पर्दा फट गया था। मारपीट करके घर से निकाल दिया गया था। पीड़िता ने मामले की शिकायत पहले मोदीनगर थाने में की थी। बाद में जांच के लिए मामला महिला थाना स्थानांतरित किया गया, जहां वर्ष 2016 में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के बाद पुलिस ने पति प्रवीण कुमार समेत सास रोशनी, जेठ पंकज, जेठानी निशा, ननद डिंपल और ननदोई सुरेंद्र के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान ननद और ननदोई को पहले ही आरोप मुक्त कर दिया गया था।
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मामले के अनुसार, पीड़िता मंजू का विवाह 10 फरवरी 2012 को मोदीनगर निवासी प्रवीण कुमार के साथ हुआ था। विवाह में सामर्थ्य से अधिक खर्च करते हुए करीब 22 लाख रुपये, कार और नकदी सहित अन्य सामान दिया था। आरोप था कि ससुराल पक्ष दहेज से संतुष्ट नहीं था। मंजू को अतिरिक्त दहेज के लिए परेशान करने लगे। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि पति और ससुराल पक्ष के लोग 10 लाख रुपये नकद और होंडा सिटी कार की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। आरोप था कि पति उसे कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटता था। 2 दिसंबर 2013 को हुई मारपीट में मंजू के कान का पर्दा फट गया था। मारपीट करके घर से निकाल दिया गया था। पीड़िता ने मामले की शिकायत पहले मोदीनगर थाने में की थी। बाद में जांच के लिए मामला महिला थाना स्थानांतरित किया गया, जहां वर्ष 2016 में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के बाद पुलिस ने पति प्रवीण कुमार समेत सास रोशनी, जेठ पंकज, जेठानी निशा, ननद डिंपल और ननदोई सुरेंद्र के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान ननद और ननदोई को पहले ही आरोप मुक्त कर दिया गया था।
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