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दस दिनों में कैसे शिफ्ट हो पाएगा महिला अस्पताल

Tue, 22 Nov 2016 11:24 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Tue, 22 Nov 2016 11:24 PM IST
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How Women's Hospital will be moved ten days
hospital - फोटो : amar ujala

महिला अस्पताल के नए भवन में पुराने अस्पताल को शिफ्ट करने की राह में कई रोड़े आ रहे हैं। दस दिनों के अंदर पुराने महिला अस्पताल को शिफ्ट करने में कई परेशानियां हैं, जिसमें से स्टाफ की कमी सबसे बड़ी समस्या है। इसके अलावा न उपकरण खरीदे गए हैं, न ह्यूमन रिसोर्सेस के उपायों की व्यवस्था हो पाई है।,

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दस दिनों के अंदर महिला अस्पताल को शिफ्ट करने के आदेश में से अब सिर्फ छह दिन बचे हैं, लेकिन तैयारियों को देखकर महिला अस्पताल अभी शिफ्ट होता हुआ नहीं दिख रहा है। सबसे पहली समस्या है नए भवन में जेनेरेटर की सुविधा न होना। चार मंजिले भवन के लिए कम से कम 120 किलोवाट का जनरेटर चाहिए।
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भवन में लिफ्ट है, लेकिन लिफ्ट मैन की व्यवस्था नहीं है। पंप ऑपरेटर, जनरेटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन आदि की व्यवस्था भी नहीं है। इसके अलावा नए भवन का मुख्य द्वार गौशाला रोड पर खोला गया है लेकिन अस्पताल में आने वालों के लिए पार्किंग की वहां कोई व्यवस्था नहीं है।
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नए भवन में कई ऐसे इंतजाम किए गए हैं जो पुराने अस्पताल में नहीं थे, लेकिन इसमें तीमारदारों के रुकने के लिए रैन बसेरे का इंतजाम नहीं किया गया है। पुराना महिला अस्पताल अगर नए भवन में शिफ्ट होता है तो ठंड में तीमारदारों को इधर-उधर ही भटकना पड़ेगा।

नए भवन में ओटी ग्राउंड फ्लोर पर है और वार्ड आदि दूसरे फ्लोर पर है। पहले एक ही नर्स ओटी सहित वार्ड आदि में भी ड्यूटी कर लेती थी, लेकिन दूर-दूर होने की वजह से अब यह संभव नहीं हो पाएगा। महिला अस्पताल के लिए 27 नर्सेस की पोस्ट है, लेकिन वर्तमान में यहां सिर्फ 9 नर्सेस तैनात हैं। अभी 18 नर्स की नियुक्ति बाकी है।

इसके अलावा एसएनसीयू (नर्सरी) के लिए जहां चार बाल रोग विशेषज्ञ की जरूरत है वहां सिर्फ एक चिकित्सक तैनात हैं। फोर्थ क्लास कर्मचारी की भी भर्ती नहीं हुई है। इसके अलावा चार सिस्टर के पद हैं, जिसमें से तीन तैनात हैं।


अस्पताल में एक भी मेट्रन नहीं है।स्टाफ भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जल्द इसका इंतजाम भी हो जाएगा। अन्य समस्याओं के समाधान के लिए कोशिश की जा रही है। - सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल

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