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Ghaziabad News: होटल-रेस्टोरेंट और बरात घर संचालकों को निगम से लेना होगा एनओसी
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माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। शहर में संचालित होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, बरातघर, बैंक्वेट हाल संचालकों को अब नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य किया जाएगा। बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव लाया जाएगा है। एनओसी के लिए संचालक को बताना होगा कि उसके पास कूड़ा प्रबंधन के लिए क्या व्यवस्था है। व्यवस्था नहीं होने पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
पहली बार पकड़े जाने पर 25,000, दूसरी बार पकड़े जाने पर 50,000 हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही संचालक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। प्रस्ताव पास होने पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से निगम लागू कर देगा।
सीमा में हैं 17,000 होटल-रेस्टोरेंट और बरात घर
नगर निगम की सीमा में करीब 17,000 रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे, बरातघर और बैंक्वेट हॉल हैं। इनसे सैकड़ों मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना निकलता है। 100 किलो तक कूड़ा निकलने पर प्रतिष्ठानों को स्वयं निस्तारण की व्यवस्था करना अनिवार्य है। इससे ज्यादा कूड़ा निकलने पर कूड़ा नगर निगम को देने का नियम है। नगर निगम की ओर से कराई गई जांच में पाया गया कि अधिकांश बरात घर चोरी छिपे और रात के अंधेरे में कूड़ा खुले में इधर-उधर फेंक देते हैं। नगर निगम अब ऐसे संचालकों को चिन्हित कर कार्रवाई की तैयारी में है।
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महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि शहर को प्रदूषण और कूड़े की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक अब फिलहाल मार्च में होगी। बैठक में शहर हित के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। बैठक में नए भवनों को कर के दायरे में लाने, पैंठ दुकानदारों और साप्ताहिक बाजार के लिए पॉलिसी बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। नई पॉलिसी में पैंठ दुकानदारों से यूजर चार्ज लेने, दुकानदारों का रजिस्ट्रेशन करने पर चर्चा होगी। चर्चा के बाद शुल्क तय किया जाएगा। साप्ताहिक बाजार में बाहरी दुकानदारों को जगह नहीं दी जाएगी। सड़कों पर टेबल लगाने की अनुमति किसी दुकानदार को नहीं होगी। पीली पट्टी खींचने का काम शुरू करा दिया गया।
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गाजियाबाद। शहर में संचालित होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, बरातघर, बैंक्वेट हाल संचालकों को अब नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य किया जाएगा। बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव लाया जाएगा है। एनओसी के लिए संचालक को बताना होगा कि उसके पास कूड़ा प्रबंधन के लिए क्या व्यवस्था है। व्यवस्था नहीं होने पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
पहली बार पकड़े जाने पर 25,000, दूसरी बार पकड़े जाने पर 50,000 हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही संचालक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी। प्रस्ताव पास होने पर यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से निगम लागू कर देगा।
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सीमा में हैं 17,000 होटल-रेस्टोरेंट और बरात घर
नगर निगम की सीमा में करीब 17,000 रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे, बरातघर और बैंक्वेट हॉल हैं। इनसे सैकड़ों मीट्रिक टन कूड़ा रोजाना निकलता है। 100 किलो तक कूड़ा निकलने पर प्रतिष्ठानों को स्वयं निस्तारण की व्यवस्था करना अनिवार्य है। इससे ज्यादा कूड़ा निकलने पर कूड़ा नगर निगम को देने का नियम है। नगर निगम की ओर से कराई गई जांच में पाया गया कि अधिकांश बरात घर चोरी छिपे और रात के अंधेरे में कूड़ा खुले में इधर-उधर फेंक देते हैं। नगर निगम अब ऐसे संचालकों को चिन्हित कर कार्रवाई की तैयारी में है।
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महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि शहर को प्रदूषण और कूड़े की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक अब फिलहाल मार्च में होगी। बैठक में शहर हित के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। बैठक में नए भवनों को कर के दायरे में लाने, पैंठ दुकानदारों और साप्ताहिक बाजार के लिए पॉलिसी बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जाएगी। नई पॉलिसी में पैंठ दुकानदारों से यूजर चार्ज लेने, दुकानदारों का रजिस्ट्रेशन करने पर चर्चा होगी। चर्चा के बाद शुल्क तय किया जाएगा। साप्ताहिक बाजार में बाहरी दुकानदारों को जगह नहीं दी जाएगी। सड़कों पर टेबल लगाने की अनुमति किसी दुकानदार को नहीं होगी। पीली पट्टी खींचने का काम शुरू करा दिया गया।