{"_id":"6ac93bc48c0d70e1d60a4727","slug":"hindon-vihar-valmiki-auditorium-freed-from-illegal-encroachment-bookings-to-start-soon-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-996906-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंडन विहार: वाल्मीकि सभागार अवैध कब्जे से मुक्त, जल्द शुरू होगी बुकिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंडन विहार: वाल्मीकि सभागार अवैध कब्जे से मुक्त, जल्द शुरू होगी बुकिंग
विज्ञापन
गाजियाबाद। नगर निगम ने हिंडन विहार स्थित वाल्मीकि सभागार को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया है। पार्षदों और कार्यकर्ताओं की शिकायत पर महापौर सुनीता दयाल ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब संपत्ति विभाग जल्द ही इसकी बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर इसे आम जनता के सामाजिक आयोजनों के लिए समर्पित करेगा।
करीब एक वर्ष पूर्व नगर निगम ने क्षेत्रीय लोगों को वैवाहिक व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के लिए स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सभागार का निर्माण कराया था। निर्माण विभाग ने इसे संपत्ति विभाग को सौंपने के लिए पत्राचार भी किया था, लेकिन इसी बीच कुछ कर्मचारी नेताओं ने इस पर ताला लगाकर कब्जा कर लिया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि रात में यहां असामाजिक गतिविधियां होती थीं। महापौर और नगर निगम टीम के संयुक्त निरीक्षण के दौरान सभागार पर ताला लटका मिला। इसके बाद निर्माण विभाग की टीम ने ताला खुलवाकर परिसर को अपने नियंत्रण में लिया और साफ-सफाई कराकर सामान की इन्वेंट्री तैयार की।
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि यह बात संज्ञान में आई थी कि किसी कर्मचारी नेता ने सभागार पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इसके तुरंत बाद संपत्ति व निर्माण विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम की संपत्ति पर किसी का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही बुकिंग दरें और प्रक्रिया तय कर इसे जनता के कार्यक्रमों के लिए खोल दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब एक वर्ष पूर्व नगर निगम ने क्षेत्रीय लोगों को वैवाहिक व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के लिए स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस सभागार का निर्माण कराया था। निर्माण विभाग ने इसे संपत्ति विभाग को सौंपने के लिए पत्राचार भी किया था, लेकिन इसी बीच कुछ कर्मचारी नेताओं ने इस पर ताला लगाकर कब्जा कर लिया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि रात में यहां असामाजिक गतिविधियां होती थीं। महापौर और नगर निगम टीम के संयुक्त निरीक्षण के दौरान सभागार पर ताला लटका मिला। इसके बाद निर्माण विभाग की टीम ने ताला खुलवाकर परिसर को अपने नियंत्रण में लिया और साफ-सफाई कराकर सामान की इन्वेंट्री तैयार की।
विज्ञापन
महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि यह बात संज्ञान में आई थी कि किसी कर्मचारी नेता ने सभागार पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इसके तुरंत बाद संपत्ति व निर्माण विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम की संपत्ति पर किसी का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही बुकिंग दरें और प्रक्रिया तय कर इसे जनता के कार्यक्रमों के लिए खोल दिया जाएगा।
विज्ञापन