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Ghaziabad News: एक फुट और चढ़ी हिंडन दो घरों के डूब गए चिराग
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बाढ़ प्रभावित गांव करहेड़ा से निलकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे आदर्श शर्मा (22) और कृष मिश्रा (16
माई सिटी रिपोर्टर
साहिबाबाद। बाढ़ प्रभावित गांव करहेड़ा से निलकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे आदर्श शर्मा (22) और कृष मिश्रा (16) की पानी में डूबकर मौत हो गई। दोनों रविवार की रात घर से निकले थे। सोमवार की दोपहर एक बजे एनडीआरएफ की टीम ने उनके शव निकाले। उनकी तलाश में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। उनका कहना था कि एनडीआरएफ की टीम बहुत देर से लगाई गई। थाने में मदद की गुहार लगाने पहुंचे तो पुलिस ने तीन चक्कर कटवाए। दरोगा से फरियाद की तो बड़ा ही शर्मनाक जवाब मिला। उसने कहा, तुम्हारे बच्चों को ढूंढने के लिए क्या हेलिकाॅप्टर मंगाएं?
मोहननगर के आईटीएस कॉलेज में बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र आदर्श शर्मा भारतीय वायुसेना में असम में तैनात सिपाही मुकेश शर्मा के बेटे थे। मुकेश ने सवा महीने पहले ही करहेड़ा में सिटी फोरेस्ट के पीछे कालोनी में मकान बनाया था। पड़ोस में मजदूरी करने वाले विनय मिश्रा का 16 साल का बेटा कृष दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था।
रविवार रात जलस्तर बढ़ने पर परिवार के लोग घर से सुरक्षित जगह पर जाने के लिए एनडीआरएफ का इंतजार कर रहे थे। तभी सूचना मिली कि आदर्श और कृष डूब गए हैं। आदर्श के चाचा अरविंद का कहना है कि रोते-बिलखते हुए वे लोग साहिबाबाद कोतवाली पहुंचे। वहां उनसे चक्कर कटवाए गए। तीसरी बार में दोनों बच्चों के गुम होने की तहरीर ली। अरविंद का यह भी आरोप है कि रात्रि में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी नशे में थे।
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जांच कराई जाएगी
किशोर और युवक के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई तय होगी। उनकी ओर से आर्थिक मुआवजे की मांग भी रखी गई। इसकी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
आईपीएस बनने का था सपना
श्मशान घाट पर रोते-बिलखते छात्र कृष के पिता विनय मिश्रा का कहना था कि बेटा ही पूरे घर को संभाल रहा था। वह एनसीसी की ट्रेनिंग भी ले रहा था। उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था
नंदग्राम में 17 घंटे गुल रही
बिजली, पानी का भी संकट
गाजियाबाद। बाढ़ का पानी भर जाने से कान्हा उपवन उपकेंद्र के बंद होने के बाद नंदग्राम की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रविवार शाम छह बजे गुल हुई बिजली 17 घंटे बाद सोमवार सुबह 11 बजे आई। उमस भरी गर्मी में पसीने से तरबतर लोगों की रात जागकर कटी। मंगलवार सुबह को पानी की आपूर्ति नहीं हुई तो परेशानी और बढ़ गई।
नंदग्राम, पटेलनगर, एसेंट बिल्डर, अर्थला, राजेंद्रनगर और लाजपतनगर बिजलीघरों में मुख्य रूप से 132 केवी कान्हा उपवन उपकेंद्र से आपूर्ति दी जाती है। रविवार को कान्हा उपवन उपकेंद्र के बंद होने से शाम छह बजे नंदग्राम बिजलीघर से जुड़े संगमविहार, डी-ब्लॉक, दीनदयाल उपाध्यायपुरी, बॉम्बे कॉलोनी, गीता कॉलोनी, आदर्श नगर, सेवानगर और घूकना की बिजली गुल हो गई।
सबमर्सिबल और मोटर न चलने से लोगों को पीने, खाना बनाने और अन्य कामों के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। सोमवार सुबह मोरटी उपकेंद्र से नंदग्राम प्रथम और द्वितीय को बिजली आपूर्ति की गई, लेकिन अचानक लोड बढ़ने से ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या पैदा हो गई।
टैंकर नहीं पहुंचे, खरीदना पड़ा पानी
साहिबाबाद। बिजली आपूर्ति ठप हो जाने के बाद पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। इन इलाकों के लोग टैंकर पर निर्भर हो गए हैं। सोमवार को कई जगह टैंकर पहुंचे ही नहीं। लोग बोतलबंद पानी खरीदकर पीने के लिए मजबूर हो गए। वार्ड संख्या-90 के पार्षद आदिल मलिक ने बताया कि भोपुरा, कुटी, गगन विहार, गरिमा गार्डन, शहीदनगर, पसौंडा, करहेड़ा और राजेंद्रनगर में टैंकर नहीं पहुंचे। जलकल के अधिशासी अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि जहां पानी की आपूर्ति बंद है, वहां टैंकर भेजे जा रहे हैं।
करहेड़ा के 22 लोगों ने खरीदे जनरेटर
साहिबाबाद। करहेड़ा में तीन दिन से बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण 22 लोग जनरेटर खरीद लाए हैं। गांव के निवासी बिट्टू ने बताया कि किराये के जनरेटर मिलना मुश्किल हो गया है। इनका एक रात का किराया तीन हजार रुपये तक वसूला जा रहा है। हरीश ने बताया कि परेशानी में उन्हें 45 हजार रुपये खर्च करके जनरेटर खरीदना पड़ा। इससे आसपास के तीन घरों में भी बिजली की व्यवस्था हो गई।
कोट
नंदग्राम बिजलीघर को मुख्य रूप से कान्हा उपवन उपकेंद्र से आपूर्ति दी जाती है। पानी भर जाने के कारण उसे बंद कर दिया गया है। अब यहां की आपूर्ति मोरटी उपकेंद्र से कराई जा रही है। - नीरज स्वरूप, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम
7,000
से ज्यादा लोग जा चुके हैं घर छोड़कर।
1,100
लोग रह रहे हैं तीन राहत शिविर में।
70
टीमें लगी हुई हैं आपदा बचाव दल की ।
12
गांवों में पहुंच चुका है हिंडन का पानी।
प्रभावित क्षेत्र
करहेड़ा, मोरटी, अटौर नंगला, नूरनगर और सिटी फोरेस्ट की नौ कॉलोनियां। मोदीनगर और मुरादनगर के आठ गांव में खेतों में पानी भरा है।
कौ ट
आपदा नियंत्रण अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक सात हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। करहेड़ा में बने दो राहत शिविर और अटौर नंगला में बने एक शिविर में 1100 लोगों को रखा गया है। उनको बना बनाया भोजन और सुविधाएं दी जा रही हैं।
खबरदार रहे यमुना खादर के लोग
गाजियाबाद। यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ सकता है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने लोनी क्षेत्र में एक बार फिर अलर्ट घोषित किया है। सोमवार को दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोनी एसडीएम को अलीपुर तटबंध (पुस्ते) की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लोगों और प्रधानों से सतर्क रहने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को रेत के बोरे भरकर रखने को भी कहा गया है।
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साहिबाबाद। बाढ़ प्रभावित गांव करहेड़ा से निलकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे आदर्श शर्मा (22) और कृष मिश्रा (16) की पानी में डूबकर मौत हो गई। दोनों रविवार की रात घर से निकले थे। सोमवार की दोपहर एक बजे एनडीआरएफ की टीम ने उनके शव निकाले। उनकी तलाश में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। उनका कहना था कि एनडीआरएफ की टीम बहुत देर से लगाई गई। थाने में मदद की गुहार लगाने पहुंचे तो पुलिस ने तीन चक्कर कटवाए। दरोगा से फरियाद की तो बड़ा ही शर्मनाक जवाब मिला। उसने कहा, तुम्हारे बच्चों को ढूंढने के लिए क्या हेलिकाॅप्टर मंगाएं?
मोहननगर के आईटीएस कॉलेज में बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र आदर्श शर्मा भारतीय वायुसेना में असम में तैनात सिपाही मुकेश शर्मा के बेटे थे। मुकेश ने सवा महीने पहले ही करहेड़ा में सिटी फोरेस्ट के पीछे कालोनी में मकान बनाया था। पड़ोस में मजदूरी करने वाले विनय मिश्रा का 16 साल का बेटा कृष दसवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था।
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रविवार रात जलस्तर बढ़ने पर परिवार के लोग घर से सुरक्षित जगह पर जाने के लिए एनडीआरएफ का इंतजार कर रहे थे। तभी सूचना मिली कि आदर्श और कृष डूब गए हैं। आदर्श के चाचा अरविंद का कहना है कि रोते-बिलखते हुए वे लोग साहिबाबाद कोतवाली पहुंचे। वहां उनसे चक्कर कटवाए गए। तीसरी बार में दोनों बच्चों के गुम होने की तहरीर ली। अरविंद का यह भी आरोप है कि रात्रि में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी नशे में थे।
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जांच कराई जाएगी
किशोर और युवक के परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई तय होगी। उनकी ओर से आर्थिक मुआवजे की मांग भी रखी गई। इसकी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है।
आईपीएस बनने का था सपना
श्मशान घाट पर रोते-बिलखते छात्र कृष के पिता विनय मिश्रा का कहना था कि बेटा ही पूरे घर को संभाल रहा था। वह एनसीसी की ट्रेनिंग भी ले रहा था। उसका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था
नंदग्राम में 17 घंटे गुल रही
बिजली, पानी का भी संकट
गाजियाबाद। बाढ़ का पानी भर जाने से कान्हा उपवन उपकेंद्र के बंद होने के बाद नंदग्राम की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रविवार शाम छह बजे गुल हुई बिजली 17 घंटे बाद सोमवार सुबह 11 बजे आई। उमस भरी गर्मी में पसीने से तरबतर लोगों की रात जागकर कटी। मंगलवार सुबह को पानी की आपूर्ति नहीं हुई तो परेशानी और बढ़ गई।
नंदग्राम, पटेलनगर, एसेंट बिल्डर, अर्थला, राजेंद्रनगर और लाजपतनगर बिजलीघरों में मुख्य रूप से 132 केवी कान्हा उपवन उपकेंद्र से आपूर्ति दी जाती है। रविवार को कान्हा उपवन उपकेंद्र के बंद होने से शाम छह बजे नंदग्राम बिजलीघर से जुड़े संगमविहार, डी-ब्लॉक, दीनदयाल उपाध्यायपुरी, बॉम्बे कॉलोनी, गीता कॉलोनी, आदर्श नगर, सेवानगर और घूकना की बिजली गुल हो गई।
सबमर्सिबल और मोटर न चलने से लोगों को पीने, खाना बनाने और अन्य कामों के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा। सोमवार सुबह मोरटी उपकेंद्र से नंदग्राम प्रथम और द्वितीय को बिजली आपूर्ति की गई, लेकिन अचानक लोड बढ़ने से ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या पैदा हो गई।
टैंकर नहीं पहुंचे, खरीदना पड़ा पानी
साहिबाबाद। बिजली आपूर्ति ठप हो जाने के बाद पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। इन इलाकों के लोग टैंकर पर निर्भर हो गए हैं। सोमवार को कई जगह टैंकर पहुंचे ही नहीं। लोग बोतलबंद पानी खरीदकर पीने के लिए मजबूर हो गए। वार्ड संख्या-90 के पार्षद आदिल मलिक ने बताया कि भोपुरा, कुटी, गगन विहार, गरिमा गार्डन, शहीदनगर, पसौंडा, करहेड़ा और राजेंद्रनगर में टैंकर नहीं पहुंचे। जलकल के अधिशासी अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि जहां पानी की आपूर्ति बंद है, वहां टैंकर भेजे जा रहे हैं।
करहेड़ा के 22 लोगों ने खरीदे जनरेटर
साहिबाबाद। करहेड़ा में तीन दिन से बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण 22 लोग जनरेटर खरीद लाए हैं। गांव के निवासी बिट्टू ने बताया कि किराये के जनरेटर मिलना मुश्किल हो गया है। इनका एक रात का किराया तीन हजार रुपये तक वसूला जा रहा है। हरीश ने बताया कि परेशानी में उन्हें 45 हजार रुपये खर्च करके जनरेटर खरीदना पड़ा। इससे आसपास के तीन घरों में भी बिजली की व्यवस्था हो गई।
कोट
नंदग्राम बिजलीघर को मुख्य रूप से कान्हा उपवन उपकेंद्र से आपूर्ति दी जाती है। पानी भर जाने के कारण उसे बंद कर दिया गया है। अब यहां की आपूर्ति मोरटी उपकेंद्र से कराई जा रही है। - नीरज स्वरूप, मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम
7,000
से ज्यादा लोग जा चुके हैं घर छोड़कर।
1,100
लोग रह रहे हैं तीन राहत शिविर में।
70
टीमें लगी हुई हैं आपदा बचाव दल की ।
12
गांवों में पहुंच चुका है हिंडन का पानी।
प्रभावित क्षेत्र
करहेड़ा, मोरटी, अटौर नंगला, नूरनगर और सिटी फोरेस्ट की नौ कॉलोनियां। मोदीनगर और मुरादनगर के आठ गांव में खेतों में पानी भरा है।
कौ ट
आपदा नियंत्रण अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक सात हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। करहेड़ा में बने दो राहत शिविर और अटौर नंगला में बने एक शिविर में 1100 लोगों को रखा गया है। उनको बना बनाया भोजन और सुविधाएं दी जा रही हैं।
खबरदार रहे यमुना खादर के लोग
गाजियाबाद। यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ सकता है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने लोनी क्षेत्र में एक बार फिर अलर्ट घोषित किया है। सोमवार को दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी ने लोनी एसडीएम को अलीपुर तटबंध (पुस्ते) की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लोगों और प्रधानों से सतर्क रहने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को रेत के बोरे भरकर रखने को भी कहा गया है।