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Ghaziabad News: 42 घंटे बाद पानी में बहता मिला हिमांशु का शव
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मसूरी। गंगनहर में बृहस्पतिवार को नहाने के लिए पुल से कूदे हिमांशु (25) का शव 42 घंटे बाद शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे परिजनों को पानी में बहता मिला। शव धौलाना में रावली पुल के पास घटनास्थल से पांच किलोमीटर दूर मिला। परिजनों ने हिमांशु के शव को बाहर निकाल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
मुजफ्फरनगर के चरथावल निवासी हिमांशु बृहस्पतिवार दोपहर अपने साथियों के साथ गंगनहर में नहाने गए थे। वह मौका देखकर रेलवे पुल पर पहुंच गए और छलांग लगा दी। उनके साथियों ने काफी मना किया लेकिन, वह नहीं माना। साथियों ने बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन, वह तेज बहाव में बह गया। हिमांशु के चाचा का कहना है कि पुलिस का सहयोग नहीं मिलने के कारण वह खुद बागपत से 20 हजार रुपये के चार निजी गोताखोर लाकर हिमांशु की तलाश कारई। इसके अलावा वह जनरेटर लाकर नहर किनारे उजाला कर बैठे रहे।
गोताखोरों ने शुक्रवार सुबह से लेकर देर शाम तक रेलवे पुल से लेकर सात किलोमीटर तक देहरा झाल तक हिमांशु की तलाश की लेकिन, कोई कामयाबी नहीं मिली। पूरी रात सभी बारी-बारी से गंगनहर में मसूरी तक चक्कर लगाकर हिमांशु की तलाश करते रहे। शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे रावली पुल के पास एक शव पानी में बहता दिखाई दिया। उन्होंने उसे पानी से बाहर निकाला। शव की पहचान हिमांशु के चाचा रोहताश व साथियों ने की। एसीपी मसूरी नरेश कुमार का कहना है कि मामले में शव को हिमांशु के परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
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मुजफ्फरनगर के चरथावल निवासी हिमांशु बृहस्पतिवार दोपहर अपने साथियों के साथ गंगनहर में नहाने गए थे। वह मौका देखकर रेलवे पुल पर पहुंच गए और छलांग लगा दी। उनके साथियों ने काफी मना किया लेकिन, वह नहीं माना। साथियों ने बचाने का काफी प्रयास किया लेकिन, वह तेज बहाव में बह गया। हिमांशु के चाचा का कहना है कि पुलिस का सहयोग नहीं मिलने के कारण वह खुद बागपत से 20 हजार रुपये के चार निजी गोताखोर लाकर हिमांशु की तलाश कारई। इसके अलावा वह जनरेटर लाकर नहर किनारे उजाला कर बैठे रहे।
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गोताखोरों ने शुक्रवार सुबह से लेकर देर शाम तक रेलवे पुल से लेकर सात किलोमीटर तक देहरा झाल तक हिमांशु की तलाश की लेकिन, कोई कामयाबी नहीं मिली। पूरी रात सभी बारी-बारी से गंगनहर में मसूरी तक चक्कर लगाकर हिमांशु की तलाश करते रहे। शनिवार सुबह करीब साढ़े छह बजे रावली पुल के पास एक शव पानी में बहता दिखाई दिया। उन्होंने उसे पानी से बाहर निकाला। शव की पहचान हिमांशु के चाचा रोहताश व साथियों ने की। एसीपी मसूरी नरेश कुमार का कहना है कि मामले में शव को हिमांशु के परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
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